कोटा के ऐतिहासिक 133वें राष्ट्रीय मेला दशहरा 2026 में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, पाक-कला प्रतियोगिता और पारंपरिक आयोजनों की श्रृंखला के बीच रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतला निर्माण में उत्कृष्ट योगदान देने वाली टीम को सम्मानित किया गया। बुधवार को नगर निगम की ओर से पुतला निर्माता और उनकी टीम को प्रशंसा पत्र प्रदान किए गए। वहीं, गुरुवार को किसान रंगमंच पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरुआत, नगर निगम भवन में फायरलैस कुकिंग प्रतियोगिता और विजय श्री रंगमंच पर सिंधी सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया जाएगा।

नगर निगम की महापौर अनुसुइया गोस्वामी ने बताया कि किसान रंगमंच पर राजस्थान और देश की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को दर्शाती लोक कला एवं नृत्य की प्रस्तुतियां होंगी। बाल और युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए जूनियर कलाकारों की विशेष प्रस्तुतियां भी आयोजित की जाएंगी। मेला समिति और नगर निगम प्रशासन की ओर से दर्शकों के बैठने, प्रकाश और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।

नगर निगम भवन में सुबह 10 बजे से पाक-कला प्रतियोगिता

133वें राष्ट्रीय मेला दशहरा 2026 के तहत गुरुवार को नगर निगम भवन में सुबह 10 बजे से कुकिंग प्रतियोगिता आयोजित होगी। इसके जरिए कोटा शहर की पाक-कला प्रतिभाओं को अपनी रचनात्मकता और हुनर प्रदर्शित करने का मंच मिलेगा।

महापौर अनुसुइया गोस्वामी ने बताया कि प्रतियोगिता पूरी तरह फायरलैस होगी। सुरक्षा और नवाचार को ध्यान में रखते हुए प्रतियोगिता स्थल पर चूल्हा, इंडक्शन या गैस जलाकर व्यंजन पकाने की सख्त मनाही रहेगी। प्रत्येक प्रतिभागी को 30 मिनट में केवल एक डिश तैयार करनी होगी। व्यंजन बनाने के लिए जरूरी सभी सामग्री प्रतिभागियों को स्वयं साथ लानी होगी।

मेले में आगामी प्रतियोगिताओं का कार्यक्रम

मेला अधिकारी एवं आयुक्त ओमप्रकाश मेहरा ने बताया कि मेले के दौरान पारंपरिक, सांस्कृतिक और रोमांचक प्रतियोगिताओं की विस्तृत श्रृंखला आयोजित की जाएगी। 24 अक्टूबर को मल्लखंभ प्रतियोगिता, 26 अक्टूबर को हत्ता माला प्रतियोगिता और 27 अक्टूबर को दिन में रंगोली, मांडना एवं मेहंदी प्रतियोगिताएं होंगी। इसी दिन रात में साफा बांधो प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। 28 अक्टूबर को बेस्ट ब्राइडल मेकअप प्रतियोगिता, 30 अक्टूबर और 2 नवंबर को बाल प्रतिभा कार्यक्रम तथा 1 नवंबर को दाढ़ी-मूंछ प्रतियोगिता होगी।

पुतला निर्माण में उत्कृष्ट योगदान के लिए टीम सम्मानित

राष्ट्रीय मेला दशहरा के रावण दहन कार्यक्रम को भव्य और आकर्षक बनाने में योगदान देने वाले पुतला निर्माता एवं उनकी टीम को बुधवार को नगर निगम, कोटा की ओर से आधिकारिक प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया गया। महापौर अनुसुइया गोस्वामी तथा नगर निगम आयुक्त एवं मेला अधिकारी ओमप्रकाश मेहरा ने टीम की कार्यकुशलता और कलात्मकता की सराहना की।

रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के विशालकाय पुतलों के निर्माण, उनकी साज-सज्जा और इस्तेमाल की गई उच्च गुणवत्ता के लिए यह सम्मान दिया गया। महापौर ने पुतलों की कलात्मकता, गुणवत्ता और साज-सज्जा की प्रशंसा करते हुए बताया कि तीनों पुतलों का निर्माण निर्धारित समय सीमा से पहले पूरा कर लिया गया था। इसके बाद उन्हें दहन स्थल पर सुरक्षित रूप से स्थापित किया गया, जिससे मेले में पहुंचे हजारों शहरवासियों, श्रद्धालुओं और पर्यटकों को उनकी कलात्मकता और सुंदरता करीब से देखने का अवसर मिला।

रावण दहन के दौरान तीनों पुतलों का क्रमबद्ध और प्रभावशाली दहन तथा मनमोहक आतिशबाजी कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षण रहे। नगर निगम प्रशासन ने पुतला निर्माण टीम की समयबद्धता, कार्यकुशलता और प्रबंधन की सराहना करते हुए उम्मीद जताई कि भविष्य में भी टीम इसी निष्ठा, लगन और समर्पण के साथ अपनी कलात्मक सेवाएं देती रहेगी।

विजय श्री रंगमंच पर सिंधी सांस्कृतिक संध्या, नील तलरेजा देंगे प्रस्तुति

राष्ट्रीय मेला दशहरा 2026 की सांस्कृतिक आयोजनों की श्रृंखला में गुरुवार को विजय श्री रंगमंच पर सिंधी सांस्कृतिक संध्या आयोजित होगी। महापौर अनुसुइया गोस्वामी ने बताया कि इस कार्यक्रम में मुंबई के मशहूर सिंधी गायक, गीतकार और संगीतकार रॉकस्टार नील तलरेजा अपनी लाइव प्रस्तुति देंगे।

संगीत जगत में पिछले 15 वर्षों से सक्रिय नील तलरेजा को उनके प्रसिद्ध गीत ‘दारू दवा’ से देश-विदेश में पहचान मिली। वे पारंपरिक सिंधी संगीत को आधुनिक बीट्स के साथ मिलाकर प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। उनकी इस शैली ने युवा पीढ़ी के बीच सिंधी संगीत और सांस्कृतिक धरोहर को लोकप्रिय बनाने में भूमिका निभाई है।

सिंधी सांस्कृतिक संध्या में नील तलरेजा पारंपरिक सिंधी सूफी कलाम, लोक संगीत और आधुनिक सिंधी मैशअप्स का फ्यूजन प्रस्तुत करेंगे। उनके चर्चित गीतों में ‘हा माह सिंधी आह्यान’, ‘द झूलेलाल मैश अप’ और ‘फकीरानी तबीयत’ शामिल हैं, जिन्हें वैश्विक स्तर पर पहचान मिली है।

नील तलरेजा को बड़े मंचों पर प्रस्तुति देने का अनुभव है। वे भारत के विभिन्न शहरों के साथ दुबई सहित विदेशों में 450 से अधिक सफल लाइव शो कर चुके हैं। राष्ट्रीय मेला दशहरा में उनकी प्रस्तुति के जरिए सिंधी संगीत की पारंपरिक विरासत और आधुनिक संगीत शैली का संगम देखने को मिलेगा।

Bhagvati Medatwal, Kota

Bhagvati Medatwal, Kota

नाम: भगवती मेड़तवाल

वर्तमान पद: रिपोर्टर / प्रातःकाल प्रतिनिधि (कोटा)

कार्यक्षेत्र: कोटा (राजस्थान) एवं आमेट तहसील क्षेत्र

बीट (मुख्य विषय): स्थानीय समाचार, राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिज़नेस एवं सभी विषय

परिचय 

भगवती मेड़तवाल 'प्रातःकाल' समाचार पत्र में कोटा प्रतिनिधि और रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह कोटा जिले के साथ-साथ आमेट तहसील क्षेत्र से जुड़ी सभी प्रकार की खबरों को कवर करती हैं। स्थानीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और राजनीतिक घटनाक्रमों के अलावा आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने कला स्नातक (B.A.) की डिग्री हासिल की है।

Next Story