राजस्थान के कोटा—बूंदी दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ ने सामाजिक सरोकारों और मानवीय संवेदनशीलता की एक अनुकरणीय मिसाल पेश की है। संघ ने जयस्थल समिति के दिवंगत सचिव स्वर्गीय रघुवीर गुर्जर एवं हीरापुर समिति के दिवंगत सचिव स्वर्गीय हरगोविंद के आकस्मिक निधन के उपरांत उनके शोकाकुल परिवारों को आर्थिक संबल प्रदान करने हेतु ठोस कदम उठाए हैं। संकट की इस घड़ी में संस्था ने अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए प्रभावित परिवारों को भविष्य के प्रति आश्वस्त किया है।

अध्यक्ष चैन सिंह राठौड़ ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि संघ द्वारा संचालित सचिव कल्याण कोष के अंतर्गत दोनों दिवंगत सचिवों की पत्नियों को परिवार के भरण-पोषण हेतु 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि स्वीकृत की गई। संघ के अध्यक्ष चैन सिंह राठौड़ ने स्वयं दोनों परिवारों से भेंट कर संवेदना व्यक्त की और उन्हें सहायता राशि के चेक सौंपे। इस गरिमामयी उपस्थिति के दौरान राठौड़ ने स्पष्ट किया कि दुग्ध संघ अपने प्रत्येक सदस्य और कर्मचारी के हितों की रक्षा हेतु पूर्णतः प्रतिबद्ध है। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी आकस्मिक संकट या दुख की घड़ी में कर्मचारियों के परिवारों के साथ मजबूती से खड़ा रहना संस्था का प्राथमिक नैतिक दायित्व है। कोटा दुग्ध संघ की इस पहल ने सहकारिता के मूल भाव को चरितार्थ करते हुए समुदाय में सुरक्षा और विश्वास का संचार किया है।

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