कोटा: निर्जला एकादशी पर दधीच समाज ने राहगीरों को पिलाई ठंडाई
कोटा में नाग-नागिन मंदिर तिराहे पर दधीच समाज के पदाधिकारियों और युवाओं ने 200 किलो दूध से बनी ठंडाई वितरित कर गर्मी से राहत पहुंचाई।

कोटा में नाग-नागिन मंदिर तिराहे पर निर्जला एकादशी के अवसर पर दधीच समाज के सदस्य राहगीरों को शीतल ठंडाई वितरित करते हुए।
कोटा की तपती दोपहर और भीषण गर्मी के बीच निर्जला एकादशी का पर्व मानवता और सेवा के एक अनूठे उदाहरण के साथ मनाया गया। नाग-नागिन मंदिर तिराहे पर श्री महर्षि दधीचि छात्रावास समिति, दाधीच महिला मंडल और युवा मंडल के संयुक्त प्रयास से आयोजित शीतल ठंडाई वितरण कार्यक्रम ने राहगीरों के लिए मरूस्थल में ओएसिस जैसा कार्य किया। ज्येष्ठ मास की चिलचिलाती धूप में जब पारा अपने चरम पर था, तब समाज के प्रतिनिधियों ने न केवल अपनी सेवा भावना का परिचय दिया, बल्कि एक सामाजिक सरोकार के तहत राहगीरों के कंठों को तृप्त करने का बीड़ा उठाया।
इस आयोजन की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि समिति द्वारा लगभग 200 किलो दूध का उपयोग कर विशेष ठंडाई तैयार की गई थी। कार्यक्रम का संचालन अत्यंत व्यवस्थित ढंग से किया गया, जहाँ श्री महर्षि दधीचि छात्रावास समिति के अध्यक्ष रविंद्र जोशी के मार्गदर्शन में समाज के सदस्यों ने तत्परता से अपनी भूमिका निभाई। भीषण गर्मी से बेहाल होकर गुजर रहे राहगीरों ने जब इस शीतल पेय का आनंद लिया, तो उनके चेहरे पर छाई थकान मुस्कान में बदल गई और उन्होंने आयोजकों को हृदय से आशीर्वाद प्रदान किया।
समिति के मंत्री निमेष पुरोहित ने इस कार्य को मानवता के प्रति समर्पित बताते हुए कहा कि निर्जला एकादशी का पर्व स्वयं में त्याग और संयम का प्रतीक है, जिसे परोपकार की भावना से जोड़कर समाज में एक सकारात्मक संदेश प्रसारित करने का प्रयास किया गया है। सेवा कार्य के दौरान दाधीच महिला मंडल की अध्यक्ष स्मिता शर्मा एवं मंत्री अम्बिका शर्मा के नेतृत्व में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी रही, वहीं दाधीच युवा मंडल के अध्यक्ष कमल शर्मा और उनकी टीम ने संपूर्ण व्यवस्थाओं का सुचारु संचालन सुनिश्चित किया। समाज के महिला और पुरुष सदस्यों द्वारा दिए गए आर्थिक सहयोग और श्रमदान ने इस पुनीत कार्य को और अधिक प्रभावशाली बना दिया।
यह आयोजन केवल एक पेय वितरण का कार्यक्रम नहीं था, बल्कि यह उस सामाजिक एकता और परोपकार की संस्कृति का प्रतिबिंब था जो विपरीत परिस्थितियों में भी निस्वार्थ सेवा का मार्ग प्रशस्त करती है। तपती गर्मी में राहगीरों की सेवा कर दधीच समाज ने यह सिद्ध कर दिया कि धार्मिक आयोजनों का वास्तविक उद्देश्य लोक-कल्याण ही है, जो समाज के हर वर्ग को आपसी सौहार्द और सहयोग के सूत्र में पिरोता है।

Bhagvati Medatwal, Kota
नाम: भगवती मेड़तवाल
वर्तमान पद: रिपोर्टर / प्रातःकाल प्रतिनिधि (कोटा)
कार्यक्षेत्र: कोटा (राजस्थान) एवं आमेट तहसील क्षेत्र
बीट (मुख्य विषय): स्थानीय समाचार, राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिज़नेस एवं सभी विषय
परिचय
भगवती मेड़तवाल 'प्रातःकाल' समाचार पत्र में कोटा प्रतिनिधि और रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह कोटा जिले के साथ-साथ आमेट तहसील क्षेत्र से जुड़ी सभी प्रकार की खबरों को कवर करती हैं। स्थानीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और राजनीतिक घटनाक्रमों के अलावा आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने कला स्नातक (B.A.) की डिग्री हासिल की है।
