कोटा में दुग्ध उत्पादकों को माइक्रो एटीएम से जोड़ेगा सहकारिता विभाग
कोटा-बूंदी दुग्ध उत्पादक संघ की बैठक में किसानों को माइक्रो एटीएम देकर ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल बैंकिंग को बढ़ावा देने की पहल की गई।

कोटा-बूंदी दुग्ध उत्पादक संघ की बैठक में मौजूद सहकारिता विभाग के रजिस्ट्रार बलविंदर सिंह गिल, डेयरी प्रबंध निदेशक दिलखुश मीणा व अन्य अधिकारी किसानों के लिए माइक्रो एटीएम सेवा लॉन्च करते हुए।
ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं को अधिक सुलभ और प्रभावी बनाने की दिशा में सहकारिता विभाग ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राजस्थान को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन (आरसीडीएफ) के निर्देशानुसार कोटा-बूंदी दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ में आयोजित संयुक्त बैठक के माध्यम से किसानों को माइक्रो एटीएम आधारित डिजिटल बैंकिंग सेवाओं से जोड़ने की पहल को गति दी गई।
कोटा-बूंदी दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ के अध्यक्ष चैनसिंह राठौड़ की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में सहकारिता विभाग के रजिस्ट्रार बलविंदर सिंह गिल, डेयरी प्रबंध निदेशक दिलखुश मीणा, बैंककर्मी, डेयरी अधिकारी तथा बड़ी संख्या में दुग्ध उत्पादक किसान उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य दुग्ध उत्पादक समितियों में डिजिटल बैंकिंग सेवाओं का विस्तार करना और माइक्रो एटीएम के उपयोग को बढ़ावा देना था।
बैठक के दौरान 20 से अधिक दुग्ध उत्पादक किसानों के माइक्रो एटीएम बनाए गए तथा उन्हें डिजिटल बैंकिंग सेवाओं के उपयोग और लाभों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। इस अवसर पर रजिस्ट्रार बलविंदर सिंह गिल ने कहा कि माइक्रो एटीएम ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सुविधाओं को किसानों के द्वार तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बन रहा है। इसके जरिए किसान अपने गांव में ही नकद जमा-निकासी, आधार आधारित भुगतान, बैलेंस जांच सहित विभिन्न बैंकिंग सेवाओं का लाभ आसानी से प्राप्त कर सकेंगे।
संघ अध्यक्ष चैनसिंह राठौड़ ने कहा कि सहकारिता और आधुनिक तकनीक का समन्वय ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने बताया कि माइक्रो एटीएम सुविधा शुरू होने से दुग्ध उत्पादक किसानों को बैंक शाखाओं के बार-बार चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं रहेगी। गांव स्तर पर ही नकद लेनदेन, आधार आधारित भुगतान तथा अन्य बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध होने से किसानों का समय और संसाधनों दोनों की बचत होगी।
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार एवं सहकारिता विभाग डिजिटल वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। माइक्रो एटीएम व्यवस्था के माध्यम से बैंकिंग सेवाओं तक किसानों की पहुंच और अधिक सरल एवं सुविधाजनक बनेगी, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय सशक्तिकरण को नई गति मिलेगी।
बैठक में डेयरी समितियों में डिजिटल तकनीक के व्यापक उपयोग, किसानों को जागरूक करने तथा माइक्रो एटीएम सेवाओं के विस्तार को लेकर भी विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने किसानों से इस सुविधा का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया। यह पहल न केवल ग्रामीण बैंकिंग व्यवस्था को मजबूत करेगी, बल्कि डिजिटल वित्तीय समावेशन के लक्ष्य को भी जमीनी स्तर पर साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

Pratahkal Bureau
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