धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद कोटा में कांग्रेस का विजय मार्च, राखी गौतम ने कहा
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद कोटा में कांग्रेस ने विजय मार्च निकाला। राखी गौतम सहित नेताओं ने इसे छात्रों और युवाओं के संघर्ष की जीत बताया तथा NEET/CBSE अनियमितताओं को लेकर सरकार से कई मांगें रखीं।

तस्वीर में कोटा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं को हाथों में तिरंगा झंडा और बैनर लेकर विजय मार्च निकालते हुए देखा जा सकता है।
कोटा में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद शनिवार 25.7.2026 को कांग्रेस ने विजय मार्च निकालकर इसे छात्रों, युवाओं और राहुल गांधी के संघर्ष की जीत बताया। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार शहर जिला कांग्रेस कमेटी कोटा के तत्वावधान में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता प्रकोष्ठ की ओर से आयोजित इस मार्च में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए।
यह विजय मार्च देश के छात्रों और युवाओं तथा राहुल गांधी के दृढ़ नेतृत्व को समर्पित रहा, जिनके निरंतर संघर्ष ने सरकार को कार्रवाई करने के लिए विवश किया है। मार्च रायपुरा चौराहा से प्रारंभ हुआ, जिसमें कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हाथों में तिरंगा और बैनर लेकर "छात्र एकता जिंदाबाद", "पेपर लीक नहीं - न्याय चाहिए" के नारे लगाए।
इस अवसर पर शहर जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष राखी गौतम ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा सत्य, लोकतंत्र और युवाओं की जीत है। यह मोदी सरकार के हठ की हार है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के छात्रों की गूंज अभियान के दबाव के कारण ही सरकार को झुकना पड़ा। कांग्रेस छात्रों के भविष्य की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करती रहेगी।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता प्रकोष्ठ के प्रदेशाध्यक्ष विक्रम स्वामी ने कहा कि "NEET/CBSE पेपर लीक और छात्रों पर लाठीचार्ज जैसी घटनाएं भाजपा सरकार की नाकामी का प्रमाण हैं। आज का विजय मार्च यह संदेश देता है कि छात्र एकजुट हैं और अन्याय के खिलाफ यह लड़ाई जारी रहेगी। सरकार को छात्रों से माफी मांगनी चाहिए और दोषियों पर कार्रवाई करनी चाहिए।"
पीसीसी महासचिव अमित धारीवाल ने कहा कि "धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा कांग्रेस के सड़क से संसद तक के संघर्ष की जीत है। राजस्थान के लाखों छात्र NEET/CBSE की गड़बड़ियों से प्रभावित हुए हैं। भाजपा सरकार ने युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ किया है। जब तक छात्रों को न्याय नहीं मिलेगा, कांग्रेस का आंदोलन जारी रहेगा।"
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता प्रकोष्ठ, कोटा के जिलाध्यक्ष कान सिंह सोनगरा ने सभी को धन्यवाद देते हुए कहा कि "NEET और CBSE से जुड़ी अनियमितताओं ने देश के करोड़ों छात्रों का भविष्य अंधकार में डाल दिया है। सरकार पेपर माफिया पर कार्रवाई करने के बजाय आवाज उठाने वाले छात्रों पर लाठियां चला रही है। हम इस तानाशाही के खिलाफ सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करेंगे।"
कांग्रेस ने अपनी मुख्य मांगों में प्रधानमंत्री से छात्रों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने, छात्रों पर लाठीचार्ज करने वाले दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने और छात्रों पर लगाए गए सभी मुकदमों को तुरंत वापस लेने की मांग रखी।
कांग्रेस महासचिव डॉ विजय सोनी ने बताया कि विजय मार्च में प्रमुख रूप से उपाध्यक्ष प्रमोद त्रिपाठी, महासचिव डॉ विजय सोनी, उपाध्यक्ष अनुराग गौतम, डीसीसी महासचिव एडवोकेट सुरेंद्र शर्मा, मंडल अध्यक्ष जीशान खान, रामेश्वर प्रजापति, भारत जैन, सामाजिक न्याय एवं सहकारिता प्रकोष्ठ प्रदेश महासचिव राजेश गिरी, एनएसयूआई अध्यक्ष विशाल मेवाड़ा, प्रदेश सचिव स्वाती अग्रवाल, भुवनेश ऋषि, वार्ड अध्यक्ष हरिशंकर सेन, महावीर मेघवाल, रजत कुमार, उमाशंकर कुशवाह, युवा कांग्रेस प्रदेश महासचिव प्रत्याशी मनीष पारेता, सावन दमुनिया, दीपक आर्य, नईम खान, दीपक माहवार, जितेंद्र सिंह, महेश नंदवाना, अजय मीणा, आयुष मालव, महेश रेगर, संदीप, राहुल पुरुस्वानी, वसीम भाटी, ब्लॉक अध्यक्ष जयेश श्रृंगी, जोगेंद्र बिरवाल, विष्णु मेवाड़ा, संजय यादव, मंडल अध्यक्ष संजय जैन, मनीष भारद्वाज, शहजाद खान, मयंक शर्मा, सेवादल अध्यक्ष प्रेम लाहोरिया, हाड़ौती विकास मोर्चा अध्यक्ष शाहदाब खान, अल्पसंख्यक जिलाध्यक्ष जुबेर खान, जवाहर बाल मंच अध्यक्ष शुभम खुराना, एनएसयूआई विधानसभा अध्यक्ष गौतम मीणा, रोहित मेघवाल, अमित दाधीच, शोयब अली जुम्मा, रमेश सोनी और कलीम अंसारी उपस्थित रहे।
मार्च में जिला कांग्रेस पदाधिकारी, ब्लॉक एवं मंडल अध्यक्ष, अग्रिम संगठन एवं प्रकोष्ठ के पदाधिकारी तथा सैकड़ों की संख्या में छात्र-युवा एवं कार्यकर्ता शामिल हुए।

