कोटा के राजकीय महाविद्यालय नयापुरा में स्वामी विवेकानंद जी की प्रतिमा खंडित किए जाने की घटना पर कायस्थ समाज ने कड़ा विरोध जताते हुए इसकी निंदा की है। समाज ने महाविद्यालय प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।

अखिल भारतीय कायस्थ महासभा युवाशाखा के प्रदेश अध्यक्ष प्रशांत सक्सेना ने कहा कि छात्र राजनीति का अखाड़ा बने राजकीय महाविद्यालय कोटा में स्वामी विवेकानंद जी की प्रतिमा को खंडित किया जाना निंदनीय है। उन्होंने कहा कि राजकीय महाविद्यालय प्रशासन इस घटना की निष्पक्ष जांच कराए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करे। उन्होंने कहा कि यह केवल महापुरुषों का ही नहीं, बल्कि राष्ट्र का भी अपमान है।

प्रदेश महासचिव हिरदेश सक्सेना ने कहा कि यदि महाविद्यालय प्रशासन शीघ्र स्वामी विवेकानंद जी की नई प्रतिमा स्थापित नहीं करता है तो कायस्थ समाज विरोध प्रदर्शन करेगा। उन्होंने महाविद्यालय प्रशासन तथा जिला प्रशासन से मांग की कि महाविद्यालय परिसर में जल्द से जल्द स्वामी विवेकानंद जी की नई प्रतिमा स्थापित कराई जाए।

कायस्थ समाज ने इस घटना को गंभीर बताते हुए महाविद्यालय प्रशासन से निष्पक्ष जांच, दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई और परिसर में शीघ्र नई प्रतिमा स्थापित किए जाने की मांग दोहराई है।

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