राजीव गांधी पंचायती राज संगठन का कलेक्ट्रेट पर सत्याग्रह, लोकतांत्रिक मूल्यों और चुनाव प्रक्रिया पर उठाए सवाल
कोटा में राजीव गांधी पंचायती राज संगठन ने कलेक्ट्रेट पर सत्याग्रह कर लोकतांत्रिक मूल्यों, पंचायत-निकाय चुनाव और केंद्र सरकार की नीतियों को लेकर विरोध दर्ज कराया।

तस्वीर में कोटा जिला कलेक्टर कार्यालय पर राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के सत्याग्रह के दौरान वक्ता और बैठे हुए कार्यकर्ता दिखाई दे रहे हैं।
राजीव गांधी पंचायती राज संगठन (आरजीपीआरएस) के बैनर तले रविवार को कोटा जिला कलेक्टर कार्यालय पर सत्याग्रह का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों सत्याग्रहियों ने भाग लिया और विभिन्न मुद्दों को लेकर अपनी आवाज बुलंद की।
धरने को संबोधित करते हुए कोटा-बूंदी लोकसभा क्षेत्र से प्रत्याशी रहे पूर्व विधायक प्रहलाद गुंजल ने कहा कि आजादी के अमृत काल के बाद देश में सत्याग्रह के मायने समाप्त होते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी एक दिन का भी सत्याग्रह करते थे तो अंग्रेज सरकार उसकी चिंता करती थी, जबकि आज वांगचुक जैसे लोग और अन्य एक्टिविस्ट सत्याग्रह करते-करते मौत के कगार तक पहुंच जाते हैं, फिर भी सरकार के कान पर जूं तक नहीं रेंगती। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि इसके खिलाफ पूरा देश खड़ा हो।
वक्ताओं ने कहा कि जब से केंद्र में भारतीय जनता पार्टी की सरकार आई है, तब से लोकतांत्रिक मूल्यों को ताक पर रखकर जनता को कुचलने का काम किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सवाल पूछने से रोकने के लिए विपक्ष के प्रत्याशियों के नामांकन खारिज किए जा रहे हैं और पंचायत तथा निकाय चुनाव लगातार टाले जा रहे हैं। उनका कहना था कि यदि विपक्ष के प्रतिनिधि चुनकर आएंगे तो वे सवाल पूछेंगे और इन्हीं सवालों से बचने के लिए केंद्र सरकार चुनाव प्रक्रिया की हत्या कर रही है तथा लोकतंत्र को कमजोर कर रही है। वक्ताओं ने यह भी कहा कि भाजपा सरकार में न जनता सुरक्षित है और न ही महिलाएं सुरक्षित हैं।
कार्यक्रम का संचालन कर रही आरजीपीआरएस महासचिव मंजू चौधरी ने बताया कि सत्याग्रह में शहर जिला कांग्रेस कमेटी की जिलाध्यक्ष राखी गौतम, पूर्व विधायक पूनम गोयल, किसान नेता मनोज दुबे, पूर्व उपाध्यक्ष सिख कल्याण बोर्ड हरपाल राणा, शहर ओबीसी अध्यक्ष दीपक नामदेव, देहात ओबीसी अध्यक्ष टीकम सुमन, शालिनी गौतम, प्रवीण चौधरी, पूर्व इंटक अध्यक्ष महेश दागुर, तेजपाल भोला, राजेंद्र शाक्य, सुनील राज, आरजीपीआरएस प्रभारी जीसी मीणा, आरजीपीआरएस महासचिव रजिया बानो, आरजीपीआरएस प्रदेश संयोजक रूपेश चड्ढा, बिल्लू बालिता, विपिन वर्थुनिया, अमित सूद, दिलदार अली, गोपाल माहेश्वरी, शिक्षक नेता ईश्वर सिंह, मेघवाल समाज अध्यक्ष धन्नालाल मेघवाल, प्रशांत सक्सेना, घनश्याम कुमावत, विनोद सेन, विकास तंवर मेघवाल, किशन प्रजापति, पिंटू भड़ाना, रईस भाई, कल्पना चौधरी, अधिवक्ता शार्लेट शामू, रईस भाई, ट्विंकल, जतिन लोढ़ा, पिंकू भाई, पिंटू, नसरीन, मनीषा, रेखा, शबनम, सरफराज अहमद, युवराज महावीर सहित अन्य ने संबोधित किया। इस अवसर पर सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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