कोटा, 30 अगस्त। स्टैम्प्स, कॉइन्स, नोट्स सोसाइटी (एसएनसी) कोटा के तत्वावधान में सेवन वंडर पार्क के सामने स्थित होटल 7डबल्यू में आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय स्तरीय प्रदर्शनी के दूसरे दिन रविवार को इतिहास प्रेमियों, शोध छात्रों और आमजन की भारी भीड़ उमड़ी। प्रदर्शनी में पहुंचे लोगों ने भारत के गौरवशाली और दुर्लभ इतिहास को प्रत्यक्ष रूप से देखने और समझने का अनुभव लिया। भारत के समृद्ध और प्राचीन अतीत की झलक ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। प्रदर्शनी का समापन आज होगा।

प्रदर्शनी में केवल सिक्के और नोट ही नहीं, बल्कि विभिन्न कालखंडों के दुर्लभ पोस्टकार्ड, ऐतिहासिक डाक टिकट, विंटेज अखबार और पुरानी कंपनियों द्वारा प्रचार-प्रसार के लिए इस्तेमाल की जाने वाली विंटेज प्रचार सामग्री भी प्रदर्शित की गई। इतिहास के इन प्रत्यक्ष साक्ष्यों के जरिए विद्यार्थियों और युवाओं को देश की विकास यात्रा को करीब से समझने का अवसर मिला।

इस अवसर पर सोसाइटी के फाउंडर सौरभ लोढ़ा एवं को-फाउंडर शुभम लोढ़ा, सोसाइटी के संरक्षक आनंद राठी, नरेन्द्र कटियाल, उद्धबदास मरचुनिया सहित देश के प्रमुख संग्रहकर्ता निखिलेश सेठी, सुधीर तुलस्यान और अभिनंदन सेठी मौजूद रहे।

प्रदर्शनी में वर्षों पहले चलन से बाहर हो चुके नोट और सिक्के भी खास आकर्षण बने। जो मुद्राएं कभी बाजार में चलन का हिस्सा थीं, वही अब संग्रहकर्ताओं के लिए अमूल्य और बेहद कीमती नजर आईं। विभिन्न राज्यों और शहरों से आए संग्रहकर्ताओं के स्टॉल पर दिनभर लोग अपने पास रखी पुरानी मुद्राएं लेकर पहुंचे और उनकी कीमतों के बारे में जानकारी लेते रहे। इस दौरान बड़ी संख्या में दुर्लभ सिक्कों, नोटों और प्राचीन सामग्रियों का क्रय-विक्रय भी हुआ।

प्रदर्शनी में 100 रुपए का ‘000001’ फैंसी नंबर वाला स्पेसीमेन सैंपल नोट मुख्य आकर्षण रहा। इसकी कीमत 1 लाख रुपए तक आंकी गई। वहीं 1 रुपए का सैंपल नोट भी हजारों रुपए में बिका।

शाही काल से लेकर आधुनिक दौर तक की मुद्राओं ने भी प्रदर्शनी में लोगों का ध्यान खींचा। हैदराबाद मिंट में ढला हुआ 1 रुपए का दुर्लभ सिक्का 50,000 रुपए से 75,000 रुपए तक की कीमत में बिका। वहीं वर्ष 2021 में आजादी के अमृत महोत्सव के दौरान जारी किया गया 5 रुपए का विशेष सिक्का भी 50,000 रुपए तक की कीमत पर बिकता देखा गया।

बंगाल से आए प्रसिद्ध संग्रहकर्ता के पास मौजूद चांदी और सोने के सिक्कों को देखने के लिए सबसे ज्यादा भीड़ उमड़ी। उनके संग्रह में अवध स्टेट, विजयनगर साम्राज्य और प्राचीन बंगाल राज्य के अति-दुर्लभ सोने के सिक्के शामिल थे। इन सिक्कों की कीमत ढाई लाख से लेकर तीन-चार लाख रुपए तक थी। इस तरह प्रदर्शनी ने दुर्लभ मुद्राओं, ऐतिहासिक दस्तावेजों और विंटेज सामग्री के जरिए अतीत से जुड़ी धरोहर को लोगों के सामने प्रत्यक्ष रूप में रखा।

Bhagvati Medatwal, Kota

Bhagvati Medatwal, Kota

नाम: भगवती मेड़तवाल

वर्तमान पद: रिपोर्टर / प्रातःकाल प्रतिनिधि (कोटा)

कार्यक्षेत्र: कोटा (राजस्थान) एवं आमेट तहसील क्षेत्र

बीट (मुख्य विषय): स्थानीय समाचार, राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिज़नेस एवं सभी विषय

परिचय 

भगवती मेड़तवाल 'प्रातःकाल' समाचार पत्र में कोटा प्रतिनिधि और रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह कोटा जिले के साथ-साथ आमेट तहसील क्षेत्र से जुड़ी सभी प्रकार की खबरों को कवर करती हैं। स्थानीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और राजनीतिक घटनाक्रमों के अलावा आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने कला स्नातक (B.A.) की डिग्री हासिल की है।

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