कोटा के कुण्हाड़ी में चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर परिसर में संत निवास निर्माण का भव्य शिलान्यास।
कोटा के कुण्हाड़ी स्थित चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर में गणिनी आर्यिका रत्न श्री स्वस्ति भूषण माताजी के सान्निध्य में संत निवास का भव्य शिलान्यास हुआ। जानिए कैसे यह केंद्र भावी पीढ़ी के संस्कारों को बदलेगा और कौन बने इसके मुख्य सूत्रधार।

कोटा के रिद्धि-सिद्धि नगर, कुण्हाड़ी स्थित श्री 1008 चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर परिसर में आर्यिका श्री स्वस्ति भूषण माताजी के सान्निध्य में संत निवास निर्माण योजना का विधिवत शिलान्यास किया गया।
कोटा। धार्मिक चेतना और आध्यात्मिक संस्कारों के एक नए युग का सूत्रपात करते हुए कोटा के रिद्धि-सिद्धि नगर, कुण्हाड़ी स्थित अतिशयकारी श्री 1008 चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर परिसर में बहुप्रतीक्षित संत निवास निर्माण योजना का विधिवत शिलान्यास संपन्न हो गया। यह भव्य आयोजन परम पूज्य आचार्य श्री 108 विद्याभूषण सन्मति सागर जी महाराज की परम शिष्या एवं भारत गौरव गणिनी आर्यिका रत्न 105 श्री स्वस्ति भूषण माताजी (ससंघ) के पावन आशीर्वाद और गरिमामयी सान्निध्य में श्रद्धा, भक्ति और अपार उत्साह के साथ आयोजित किया गया।
समारोह की शुरुआत प्रातःकालीन बेला में नित्य अभिषेक एवं शांतिधारा के साथ हुई। इसके पश्चात आयोजित धर्मसभा में श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए गणिनी आर्यिका रत्न श्री स्वस्ति भूषण माताजी ने अपने मंगल उद्बोधन में संतों की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि संत समाज के चलायमान ऊर्जा केंद्र होते हैं। जहां भी संतों का वास होता है, वहां ज्ञान, संयम और आध्यात्मिक चेतना का प्रकाश स्वतः ही आलोकित होने लगता है। माताजी ने जोर देकर कहा कि संतों का सान्निध्य व्यक्ति को जो मानसिक शांति, संतोष, सहनशीलता और जीवन जीने की वास्तविक कला प्रदान करता है, उसकी तुलना संसार की किसी भी भौतिक संपदा से नहीं की जा सकती।
मंगल प्रवचन के उपरांत वैदिक एवं जैनाचार्य परंपरा के पावन मंत्रोच्चार के बीच संत निवास की नींव रखी गई। मंदिर अध्यक्ष राजेन्द्र गोधा और मंत्री पंकज खटोड ने साझा जानकारी में बताया कि इस पुनीत कार्य में मुख्य शिलान्यास कर्ता के रूप में सांवर वाले बंसल परिवार के चंद्रप्रकाश जैन, चंदा जैन, संदीप—मेघा जैन, हितार्थ एवं वीरा जैन ने सपरिवार सम्मिलित होकर शिलाएं स्थापित कीं और निर्माण कार्य का शुभारंभ किया। इसके साथ ही सह-शिलान्यास कर्ता के रूप में अलीगढ़ वाले बांकलीवाल परिवार से कनकमाला जैन, विनोद—सुमिता जैन, मनोज-नेहा जैन, राजरानी दोशी, नीरज-सुनीता दोशी, टीकमचंद जैन, उत्तमचंद जैन और अरविंद कुमार जैन ने इस महत्वाकांक्षी योजना में अपनी सहभागिता निभाते हुए महती योगदान दिया।
इस अवसर पर मंदिर अध्यक्ष राजेन्द्र गोधा ने इस परियोजना के दूरगामी प्रभावों को रेखांकित करते हुए कहा कि इस संत निवास का निर्माण केवल ईंट-गारे का ढांचा खड़ा करना नहीं है, बल्कि यह हमारी भावी पीढ़ियों के लिए आध्यात्मिक संस्कारों और धर्म साधना का एक स्थायी केंद्र स्थापित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। इस परिसर में संतों के नियमित आगमन और प्रवास से पूरे क्षेत्र की धार्मिक गतिविधियों को एक नई गति प्राप्त होगी, जिससे स्थानीय श्रद्धालुओं को नियमित रूप से उत्कृष्ट धर्मोपदेश एवं गहन साधना का अनुपम लाभ मिल सकेगा।
अतिशयकारी श्री 1008 चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर समिति एवं सकल दिगंबर जैन समाज, सिद्धि-सिद्धि नगर, कुण्हाड़ी के तत्वावधान में आयोजित इस ऐतिहासिक शिलान्यास कार्यक्रम में सकल जैन समाज की ओर से विनोद टोरडी, मनोज जैसवाल सहित कई प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित रहे। इसके अलावा मंदिर समिति और समाज के वरिष्ठ सदस्यों में कार्याध्यक्ष पारस आदित्य, कोषाध्यक्ष ताराचंद बड़ला, पारस कासलीवाल, पारस लुहाड़िया, नितेश खटोड़, टीकम पाटनी, सेवानिवृत्त न्यायाधीश जितेंद्र कुमार, अशोक सांवला, निर्मल अजमेरा, महावीर बड़ला और अनिल मित्तल सहित बेहद बड़ी संख्या में समाजबंधुओं और दूर-दूर से आए श्रद्धालुओं ने साक्षी बनकर धर्मलाभ उठाया।

Bhagvati Medatwal, Kota
नाम: भगवती मेड़तवाल
वर्तमान पद: रिपोर्टर / प्रातःकाल प्रतिनिधि (कोटा)
कार्यक्षेत्र: कोटा (राजस्थान) एवं आमेट तहसील क्षेत्र
बीट (मुख्य विषय): स्थानीय समाचार, राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिज़नेस एवं सभी विषय
परिचय
भगवती मेड़तवाल 'प्रातःकाल' समाचार पत्र में कोटा प्रतिनिधि और रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह कोटा जिले के साथ-साथ आमेट तहसील क्षेत्र से जुड़ी सभी प्रकार की खबरों को कवर करती हैं। स्थानीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और राजनीतिक घटनाक्रमों के अलावा आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने कला स्नातक (B.A.) की डिग्री हासिल की है।
