कोटा। श्री गणेश विसर्जन के अगले दिन भितरियाकुंड चंबल नदी के किनारों पर टूटी-फूटी, हाथ-पैर और गर्दन अलग तथा खंडित गणेश प्रतिमाएं बड़ी संख्या में बिखरी मिलीं। प्रतिमाओं की यह स्थिति देखकर धार्मिक भावनाओं से जुड़े लोगों में चिंता दिखाई दी।

सुबह ही हेल्पिंग हेंड संस्था एवं कई समाजसेवियों ने मिलकर चंबल नदी के किनारों पर बिखरी प्रतिमाओं को एकत्र किया और उन्हें सुरक्षित स्थान पर रखा।

समाजसेवी हिम्मत सिंह पिछले 20 वर्षों से सरकार, प्रशासन एवं आमजन से पीओपी की प्रतिमाओं पर प्रभावी रोक लगाने की हर साल सार्वजनिक अपील कर जागरूक कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पीओपी की प्रतिमाओं के नदी में पड़े रहने से पर्यावरण और जलीय जीवों पर प्रभाव पड़ता है। इसके साथ ही खंडित प्रतिमाओं की भारी दुर्दशा से धार्मिक भावनाएं भी आहत होती हैं।

हिम्मत सिंह ने कहा कि कुछ जागरूकता बढ़ी है, लेकिन अभी बहुत बड़े स्तर पर सुधार की आवश्यकता है। उन्होंने नवरात्रि से पहले प्रशासन से अपील की कि सार्वजनिक स्थानों पर पीओपी की प्रतिमाओं के निर्माण और उपयोग को रोका जाए तथा पर्यावरण-अनुकूल मिट्टी की प्रतिमाओं को प्रोत्साहित किया जाए।

उन्होंने कहा कि गणेश उत्सव की तरह नवरात्रि में भी प्रतिमाओं का विसर्जन होता है, इसलिए अभी से ठोस व्यवस्था जरूरी है।

हिम्मत सिंह ने कहा कि ईश्वर की बनाई प्रतिमाओं, हमारी आस्था का सम्मान और हमारी नदियों की रक्षा—दोनों समाज की सामूहिक जिम्मेदारियां हैं, जिसे सबको मिलकर निभाना चाहिए।

Bhagvati Medatwal, Kota

Bhagvati Medatwal, Kota

नाम: भगवती मेड़तवाल

वर्तमान पद: रिपोर्टर / प्रातःकाल प्रतिनिधि (कोटा)

कार्यक्षेत्र: कोटा (राजस्थान) एवं आमेट तहसील क्षेत्र

बीट (मुख्य विषय): स्थानीय समाचार, राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिज़नेस एवं सभी विषय

परिचय 

भगवती मेड़तवाल 'प्रातःकाल' समाचार पत्र में कोटा प्रतिनिधि और रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह कोटा जिले के साथ-साथ आमेट तहसील क्षेत्र से जुड़ी सभी प्रकार की खबरों को कवर करती हैं। स्थानीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और राजनीतिक घटनाक्रमों के अलावा आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने कला स्नातक (B.A.) की डिग्री हासिल की है।

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