कोटा: कांग्रेस रैली के बयानों पर चैनसिंह राठौड़ का तीखा पलटवार, भ्रष्टाचार और डेयरी के कायाकल्प पर छिड़ी सियासी जंग
कोटा में कांग्रेस रैली के बाद सियासी घमासान तेज हो गया है। कोटा-बूंदी सरस डेयरी अध्यक्ष चैनसिंह राठौड़ ने कांग्रेस नेताओं के भ्रष्टाचार पर तीखा पलटवार करते हुए ओम बिरला के मार्गदर्शन में डेयरी को 6 करोड़ के लाभ में पहुँचाने और मण्डाना पशु आहार संयंत्र जैसी बड़ी उपलब्धियां गिनाईं। जानिए कैसे भ्रष्टाचार के आरोपों पर राठौड़ ने विपक्षी नेताओं को आईना दिखाया।

कोटा। राजस्थान में सत्ता के गलियारों से लेकर सड़क तक सियासी पारा चढ़ा हुआ है। राज्य सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में कांग्रेस द्वारा आयोजित रैली में की गई बयानबाजी ने अब एक बड़े राजनीतिक विवाद का रूप ले लिया है। कांग्रेस नेताओं के आरोपों पर पलटवार करते हुए कोटा-बूंदी सरस डेयरी के अध्यक्ष चैनसिंह राठौड़ ने न केवल अपनी उपलब्धियां गिनाईं, बल्कि विपक्षी नेताओं के अतीत को लेकर उन पर गंभीर प्रहार किए हैं। राठौड़ का यह हमला राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है, जिसमें उन्होंने नैतिकता और भ्रष्टाचार के मुद्दों पर कांग्रेस को जमकर घेरा है।
चैनसिंह राठौड़ ने कड़े शब्दों में कहा कि जो लोग स्वयं भ्रष्टाचार और अनाचार के पर्याय रहे हैं, उन्हें दूसरों पर उंगली उठाने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने बिना नाम लिए वर्तमान कांग्रेस नेता पर निशाना साधते हुए कहा कि जनता उनके कार्यकाल के दौरान हुए आपराधिक प्रकरणों और अनियमितताओं को अभी भूली नहीं है। राठौड़ के अनुसार, पूर्ववर्ती समय में कोटा-बूंदी दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया था, जिसके कारण संस्था भारी घाटे में डूब गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौरान केवल निजी स्वार्थों को तवज्जो दी गई, जिससे डेयरी की साख और किसानों का भरोसा दोनों डगमगा गए थे।
डेयरी के पुनरुद्धार का जिक्र करते हुए राठौड़ ने बताया कि 19 अप्रैल 2023 को कार्यभार संभालने के बाद, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के कुशल मार्गदर्शन में व्यापक सुधारात्मक कदम उठाए गए। प्रशासन में पारदर्शिता लाने और लीकेज रोकने के परिणामस्वरूप, जो संघ कभी घाटे में था, वह आज लगभग 6 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज कर रहा है। उन्होंने इस सफलता का श्रेय ओम बिरला के विजन को देते हुए कहा कि उन्हीं के प्रयासों से मण्डाना में 71.22 करोड़ रुपये की लागत से राज्य का आठवां पशु आहार संयंत्र स्थापित हो रहा है। साथ ही, राज्य सरकार ने डेयरी के सुदृढ़ीकरण और प्लांट की क्षमता बढ़ाने के लिए 25 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की है, जिससे मशीनों का नवीनीकरण और सिविल कार्य युद्ध स्तर पर जारी हैं।
राठौड़ ने कांग्रेस नेता के विरुद्ध मोर्चा खोलते हुए उनके कार्यकाल में हुए अवैध खनन, सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण और मशीनरी चोरी जैसे मामलों को सार्वजनिक रिकॉर्ड का हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि क्रेशर संचालन से जुड़े विवादों में पुलिसिया कार्रवाई और न्यायालय की टिप्पणियां इस बात का प्रमाण हैं कि सत्ता का दुरुपयोग किस कदर किया गया था। अधिकारियों को धमकाने और नियमों को ताक पर रखकर काम करवाने की कार्यशैली पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि आत्मचिंतन करने के बजाय अनर्गल आरोप लगाना हास्यास्पद है।
इस पूरे घटनाक्रम ने कोटा की राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है। चैनसिंह राठौड़ का यह बयान स्पष्ट करता है कि आगामी दिनों में विकास कार्यों और पिछले कार्यकाल के भ्रष्टाचार के मुद्दों पर भाजपा और कांग्रेस के बीच टकराव और बढ़ेगा। राठौड़ ने अंत में जोर देते हुए कहा कि राजनीति में मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन आचरण की सच्चाई केवल कर्मों से सिद्ध होती है, और कोटा की जनता भली-भांति जानती है कि किसने विकास किया और किसने विनाश।

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