कोटा। कोटा–बूंदी दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड की 27वीं आमसभा शुक्रवार को कृषि भवन नयापुरा स्थित सियाम ऑडिटोरियम में विशिष्ट गरिमा और उत्साह के साथ सम्पन्न हुई। सभा में कोटा–बूंदी क्षेत्र की 800 से अधिक दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों के अध्यक्ष और सचिव बड़ी संख्या में शामिल हुए। वर्ष 2024–25 की प्रगति रिपोर्ट के साथ संघ की उपलब्धियाँ, भविष्य की योजनाएँ और पशुपालकों के हित में उठाए जा रहे कदमों का विस्तार से प्रस्तुतिकरण किया गया।

मुख्य अतिथि डेयरी एवं पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने कहा कि किसान की आय वृद्धि में डेयरी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और कोटा सरस डेयरी इस दिशा में उल्लेखनीय कार्य कर रही है। उन्होंने डेयरी की दैनिक क्षमता 1.50 लाख लीटर से बढ़ाकर 3 लाख लीटर करने को स्वीकृति प्रदान की, जिसे सभा में जोरदार तालियों के बीच स्वागत मिला। उन्होंने पशु आहार संयंत्र केंद्र के कार्य शीघ्र पूर्ण कराने का आश्वासन भी दिया। कुमावत ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा किसानों को डीबीटी के माध्यम से 1000 करोड़ रुपये वितरित किए जा चुके हैं तथा मंगला पशु बीमा योजना के तहत पशुओं की मृत्यु पर निशुल्क मुआवजा उपलब्ध कराया जा रहा है। सरकार द्वारा पशुपालन क्षेत्र में 540 करोड़ रुपये की घोषणाओं, नए चिकित्सालयों, पशु आर प्लांट, डेयरी नवीनीकरण और लंपी जैसी बीमारियों के नियंत्रण के लिए किए जा रहे प्रयासों पर भी उन्होंने प्रकाश डाला।

आमसभा को संबोधित करते हुए सरस डेयरी अध्यक्ष चैनसिंह राठौड़ ने वर्ष 2024–25 में संघ द्वारा 101.63 लाख रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित करने की घोषणा की। साथ ही 58 लाख रुपये लाभांश डीबीटी के माध्यम से वितरित किए जाने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 20 पैसे प्रति लीटर के लाभांश का सीधा फायदा दुग्ध उत्पादकों को मिलेगा। कोटा में 25 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक दुग्ध संयंत्र की स्थापना का प्रस्ताव भी सरकार को भेजा जा चुका है।

राठौड़ ने बताया कि वर्तमान में संघ 1619 गांवों से प्रतिदिन 2.89 लाख लीटर दूध का संकलन करता है। संघ से जुड़ी 975 समितियों में 45,231 सदस्य पंजीकृत हैं, जिनमें 18 हजार महिलाएँ शामिल हैं। पशु आहार उपलब्धता, चारा उत्पादन, टीकाकरण और पशु चिकित्सा सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। नेशनल लाइवस्टॉक मिशन के माध्यम से चारा उत्पादन हेतु अनुदानित बीज उपलब्ध कराकर हजारों किसानों को लाभ पहुँचाया गया।

विशिष्ट अतिथि राजेश कृष्ण बिरला ने दुग्ध समितियों को सलाह दी कि वे निजी सप्लायरों से दूध लेकर आपूर्ति न करें, जिससे समितियों को नुकसान और डेयरी को हानि होती है। ओएसडी राजीव दत्ता ने समितियों को अपना परिवार बताते हुए कहा कि पशुपालकों को सरकार की हर योजना का पूरा लाभ दिलाना सभी की प्राथमिकता होनी चाहिए। भाजपा जिलाध्यक्ष राकेश जैन ने डेयरी के विस्तार और उपलब्धियों की प्रशंसा करते हुए भविष्य में और अधिक प्रगति की उम्मीद जताई।

प्रबंध संचालक दिलखुश मीणा ने वर्ष 2024–25 की प्रगति रिपोर्ट, संशोधित बजट और वर्ष 2025–26 के बजट अनुमोदन का विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि वर्तमान में दुग्ध 850 रुपये प्रति किलो फैट के दर से क्रय किया जा रहा है, जो संघ के इतिहास में सर्वाधिक है। मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक संबल योजना के तहत अप्रैल से अगस्त 2025 तक 5.34 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है।

कार्यक्रम के दौरान समय पर, उच्च गुणवत्ता और सर्वाधिक दुग्ध संकलन करने वाली कोटा–बूंदी की 14 समितियों को मंच पर सम्मानित किया गया। महिला समितियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन को भी विशेष रूप से सराहा गया।

आमसभा उत्साह, उपलब्धियों और भविष्य की नई संभावनाओं के साथ संपन्न हुई, जिसमें कोटा–बूंदी दुग्ध संघ के विस्तार और पशुपालकों की आर्थिक उन्नति की नई दिशा स्पष्ट दिखाई दी।

Pratahkal Bureau

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