भाजपा नेता खंडेलवाल ने रेलवे-केडीए अधिकारियों पर लगाए साजिश के आरोप, जांच की मांग
कोटा में भाजपा कार्यालय जमीन विवाद पर नेता खंडेलवाल ने रेलवे-केडीए अधिकारियों के बयानों की जांच और कार्रवाई की मांग की है।

भारतीय जनता पार्टी के पूर्व प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य एवं उपाध्यक्ष नेता खंडेलवाल ने रेलवे एवं केडीए के कुछ अधिकारियों द्वारा दिए गए बयानों की जांच करवाकर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल जी शर्मा एवं रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को ईमेल के माध्यम से पत्र भेजकर आरोप लगाया कि कुछ रेल अधिकारियों एवं केडीए अधिकारियों ने कांग्रेसी नेताओं से मिलीभगत कर भारतीय जनता पार्टी को बदनाम करने के लिए कार्यालय निर्माण को लेकर झूठे, अनावश्यक एवं तथ्यहीन आरोप लगाए हैं।
नेता खंडेलवाल ने अपने पत्र में कहा कि कोटा राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी के कार्यालय निर्माण के लिए वर्ष 2020 में यूआईटी ने लगभग 2 करोड़ 6 लाख रुपये लेकर जमीन की रजिस्ट्री भारतीय जनता पार्टी के नाम से नियमानुसार की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि विगत कुछ दिनों से कांग्रेसी नेताओं के साथ मिलीभगत करके रेलवे के अधिकारियों द्वारा सार्वजनिक बयान दिए जा रहे हैं और अनावश्यक पत्र लिखकर षडयंत्रपूर्वक पार्टी को बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने पत्र में बताया कि यह भूमि 40 वर्षों से अधिक समय से राजस्व रिकॉर्ड में सिवायचक सरकारी भूमि दर्ज है। राजस्व विभाग के वर्ष 1982 के रिकॉर्ड और नक्शे के अनुसार मौके पर रेलवे भूमि की चौड़ाई 72 मीटर है। नेता खंडेलवाल के अनुसार भारतीय जनता पार्टी का कार्यालय रेलवे की जमीन से 400 मीटर से भी अधिक दूरी पर बन रहा है।
नेता खंडेलवाल ने कहा कि रेल की पटरी से 300 मीटर दूर बाद 80 फुट की सड़क कई वर्षों पूर्व बन चुकी है। उस सड़क के बाद दूसरी तरफ इस पूरी लाइन में कई वर्षों पहले से ही नगर निगम का बस गैराज, शॉपिंग मॉल और रोडवेज का बस स्टैंड भी विभागों की अनुमति से राज्य सरकार द्वारा बनाए हुए हैं। उन्होंने कहा कि कुछ फैक्ट्रियां भी पास की जमीन पर बनी हुई हैं। इसी लाइन में भारतीय जनता पार्टी के लिए वर्ष 2020 में यूआईटी ने लगभग 2 करोड़ 6 लाख रुपये लेकर जमीन की रजिस्ट्री भारतीय जनता पार्टी के नाम से नियमानुसार करवाई थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि करोड़ों रुपये में नियमानुसार यूआईटी से जमीन खरीद कर रजिस्ट्री करवाने और नक्शा स्वीकृत करवाने के बाद भारतीय जनता पार्टी द्वारा कार्यालय का निर्माण किया जा रहा है। इसके बावजूद कांग्रेस नेताओं से मिलीभगत करके रेलवे के कुछ पदाधिकारी जानबूझकर मीडिया में गलत तथ्य देकर पार्टी को बदनाम कर रहे हैं और अनावश्यक लेटरबाजी कर रहे हैं।
नेता खंडेलवाल ने कहा कि 16 जून को कोटा रेलवे के वरिष्ठ मंडल अभियंता (दक्षिण) ने सहायक मंडल अभियंता (रामगंजमंडी) को पत्र लिखकर कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि नियम अनुसार रेलवे द्वारा जब एक बार जमीन राज्य सरकार को दे दी गई है तो उसके बाद उस जमीन के संबंध में रेलवे को बोलने का अधिकार भी नहीं है और वर्तमान में ऐसा कोई कारण भी उपस्थित नहीं हुआ था।
उन्होंने केडीए के अधिकारियों पर भी आरोप लगाते हुए कहा कि इसी षड्यंत्र के तहत मिलीभगत करके जानबूझकर गोलमोल बातें मीडिया में प्रचलित करवाई जा रही हैं, ताकि भारतीय जनता पार्टी को बदनाम करने के लिए नियम अनुसार दी गई जमीन को विवादित बनाया जा सके।
नेता खंडेलवाल ने मांग की कि रेलवे एवं केडीए के उन पदाधिकारियों के खिलाफ जांच कराई जाए, जिन्होंने भारतीय जनता पार्टी को आवंटित जमीन के संबंध में भ्रमित करने वाले बयान दिए हैं। उन्होंने कहा कि जनता में भारतीय जनता पार्टी को बदनाम करने के षड्यंत्र के लिए दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए।

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