कोटा: भामाशाह मंडी में किसानों के मुद्दों पर हंगामा, बैठक छोड़ निकले अध्यक्ष अविनाश राठी
कोटा की भामाशाह मंडी में अवैध वसूली और धर्मकांटे पर तुलाई की मांग को लेकर हुई बैठक में विवाद, भारतीय किसान संघ ने मंडी प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप।

कोटा, 17 मार्च। संभाग की सबसे बड़ी भामाशाह कृषि उपज मंडी में व्याप्त अव्यवस्थाओं और किसानों के कथित शोषण को लेकर आयोजित समीक्षा बैठक मंगलवार को भारी हंगामे की भेंट चढ़ गई। जिला कलेक्टर के निर्देश पर एडीएम (प्रशासन) यादव की अध्यक्षता में बुलाई गई इस महत्वपूर्ण बैठक का उद्देश्य भारतीय किसान संघ द्वारा उठाए गए ज्वलंत मुद्दों का निराकरण करना था, किंतु चर्चा के दौरान उस समय स्थिति अनियंत्रित हो गई जब मंडी समिति अध्यक्ष अविनाश राठी किसानों की मांगों पर उबल पड़े। तीखी नोकझोंक के बाद अध्यक्ष राठी समाधान निकालने के बजाय बैठक को बीच में ही छोड़कर बाहर निकल गए, जिसकी किसान प्रतिनिधियों ने कड़े शब्दों में निंदा करते हुए मंडी प्रशासन पर व्यापारियों के दबाव में कार्य करने का आरोप लगाया है।
बैठक में भारतीय किसान संघ सहित विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों ने मंडी की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े किए। संगठन की ओर से जिला अध्यक्ष जगदीश शर्मा "कलमंडा", प्रदेश महिला प्रमुख रमा शर्मा, जिला महामंत्री रूपनारायण यादव, प्रांत प्रचार प्रमुख आशीष मेहता, जिला उपाध्यक्ष अश्विनी जैन, महानगर अध्यक्ष ब्रजराज नागर, धन्नालाल प्रजापत, कमलेश और बाबूलाल शर्मा ने पुरजोर तरीके से अपना पक्ष रखा। साथ ही राष्ट्रीय किसान संघ के एडवोकेट जगदीश शर्मा और हाड़ौती किसान यूनियन के दशरथ शर्मा ने भी किसानों की पीड़ा को साझा किया। किसान नेताओं ने एडीएम के समक्ष साक्ष्य प्रस्तुत करते हुए खुलासा किया कि मंडी में प्रति बोरी 700 ग्राम की तुलाई के नाम पर 200 से 300 ग्राम अतिरिक्त अनाज तौला जा रहा है, जो सीधे तौर पर किसानों की उपज पर डाका है। इसके अतिरिक्त, निर्धारित हम्माली और तुलाई राशि के ऊपर व्यापारियों द्वारा महिला कर्मचारियों के नाम पर 2 रुपये प्रति बोरी की अवैध वसूली की जा रही है, जिसकी प्रविष्टि गुप्त रूप से पर्ची के पीछे की जाती है।
चर्चा के दौरान धर्मकांटों पर तुलाई की मांग प्रमुखता से उठी। किसान प्रतिनिधियों ने तर्क दिया कि वर्तमान में इलेक्ट्रॉनिक कांटों पर हो रही धीमी तुलाई के कारण बम्पर आवक के समय किसानों को दो से तीन दिन तक मंडी में प्रतीक्षा करनी पड़ती है, जिससे उन्हें वाहन के भारी भाड़े और अन्य खर्चों के कारण निरंतर आर्थिक क्षति हो रही है। राजस्थान सरकार की नीति का संदर्भ देते हुए मांग की गई कि किसानों की उपज की बोली उनके वाहनों पर ही लगाकर सीधे धर्मकांटे पर तुलाई सुनिश्चित की जाए ताकि समय और धन की बचत हो सके। इसी विषय पर जब जवाब मांगा गया, तो मंडी अध्यक्ष अविनाश राठी किसानों पर भड़क गए और समाधान देने के स्थान पर पुरानी पद्धति के अनुसार 'तीन टांग की घोड़ी' लाने की बात कहकर बहस करने लगे। राठी के वॉकआउट के बाद भी बैठक जारी रही, जिसमें मंडी सचिव मनोज मीणा, हमाल यूनियन और चढ़ारी यूनियन के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में विभिन्न विषयों पर विमर्श किया गया।
भारतीय किसान संघ द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में सुल्तानपुर कृषि उपज मंडी की बदहाली का मुद्दा भी प्रमुखता से अंकित है। किसानों का आरोप है कि सचिव और सहायक कर्मचारियों की कमी के कारण वहां बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी हो रही है और व्यापारी किसानों को 'कच्ची पर्ची' पर बिल थमा रहे हैं, जिससे राजकीय राजस्व की भारी हानि हो रही है। इसके साथ ही मंडी परिसर में नालियों, शौचालय और मूत्रालय की सफाई न होने, टीन शेड बढ़ाने, शेड से व्यापारियों के अतिक्रमण हटाने और समय रहते जिंस उठाव की व्यापक व्यवस्था करने की मांग की गई है। आगामी रबी सीजन की आवक को देखते हुए किसान संघ ने चेतावनी दी है कि यदि अविलंब धर्मकांटे पर तुलाई प्रारंभ नहीं हुई और समर्थन मूल्य केंद्रों पर छाया, पानी व रोशनी जैसी मूलभूत सुविधाएं दुरुस्त नहीं की गईं, तो प्रशासन की जिम्मेदारी पर उग्र आंदोलन किया जाएगा।

Ruturaj Ravan
यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।
