कोटा, 9 अप्रैल। तलवंडी सेक्टर 2 स्थित मंशापूर्ण हनुमान मंदिर में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के चतुर्थ दिन गोवर्धन लीला का मनमोहक और आध्यात्मिक वर्णन किया गया। कथा वाचक श्री राधा रमन जी शास्त्री ने भगवान श्रीकृष्ण की इस अद्भुत लीला का ऐसा सजीव चित्रण किया कि श्रद्धालु भक्ति में डूब गए।

इंद्र का मान-मर्दन और गोवर्धन धारण का प्रसंग

उन्होंने बताया कि जब ब्रज में इंद्र देव के प्रकोप से घनघोर वर्षा होने लगी और पूरा जनजीवन संकट में आ गया, तब भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी छोटी उंगली पर विशाल गोवर्धन पर्वत उठाकर सभी ब्रजवासियों की रक्षा की। इस प्रसंग के माध्यम से उन्होंने समझाया कि जो भी भक्त सच्चे मन से भगवान की शरण में जाता है, उसके सभी संकट स्वयं भगवान हर लेते हैं।

भजन-कीर्तन और जयकारों से भक्तिमय हुआ वातावरण

कथा के दौरान श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन करते हुए "गोवर्धनधारीलाल की जय" और "राधे-राधे" के जयकारे लगाए, जिससे पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय हो उठा। कथा के बीच-बीच में धार्मिक झांकियों और प्रसंगों का मंचन भी किया गया, जिसने आयोजन की शोभा और बढ़ा दी।

आयोजन का समय और व्यवस्था

कथा आयोजन से जुड़े बाबूलाल जैन एवं श्रीमती विमला देवी जैन ने बताया कि "कथा प्रतिदिन दोपहर 12:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक आयोजित हो रही है।" कथा के समापन पर आरती और प्रसाद वितरण में बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग ले रहे हैं।

Pratahkal Bureau

Pratahkal Bureau

प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।

Next Story