कोटा-बारां शिक्षा विभाग सहकारी सभा ने कमाया ₹4.34 करोड़ का शुद्ध लाभ
गबन मामलों पर कानूनी कार्रवाई और रिकवरी अभियान से डिफॉल्टरों की संख्या घटी, समिति आमसभा में ऋण सीमा बढ़ाने का प्रस्ताव रखेगी।

तस्वीर में कोटा में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान मेज पर बैठे शिक्षा विभाग सहकारी समिति के पदाधिकारी।
फरवरी 2023 में नई कार्यकारिणी के कार्यभार संभालने के समय ₹21 करोड़ की डिफॉल्ट राशि और 1374 डिफॉल्टर सदस्य वाली शिक्षा विभाग कर्मचारीगण सहकारी सभा लि.-696 आर (कोटा-बारां) ने वित्तीय स्थिति में बड़ा सुधार दर्ज किया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में संस्था ने ₹4.34 करोड़ का शुद्ध लाभ अर्जित किया है। गबन और डिफॉल्ट के मामलों में कानूनी कार्रवाई के साथ रिकवरी अभियान के चलते अब 1374 डिफॉल्टर सदस्यों में से केवल 97 शेष हैं।
कोटा में 3 अक्टूबर को आयोजित प्रेस वार्ता में संस्था के अध्यक्ष प्रकाश जायसवाल, उपाध्यक्ष महेंद्र नागर और मंत्री जमना लाल गुर्जर ने संस्था की वित्तीय स्थिति, रिकवरी कार्रवाई और आगामी योजनाओं की जानकारी दी। इस दौरान संचालक गायत्री मीणा, अनुराधा शर्मा, कमल कुमार शर्मा, दिनेश कुमार मीणा, रवि प्रकाश गौतम, धर्मेंद्र कुमार मेघवाल, पूनम गौतम, शिवराज गोचर, दिनेश कुमार नागर और महावीर प्रसाद मीणा भी मौजूद रहेंगे।
अध्यक्ष प्रकाश जायसवाल ने बताया कि संस्था का वार्षिक अधिवेशन रविवार को होटल द्वारिका, नेशनल हाईवे कोटा रोड, बारां में आयोजित होगा। कार्यक्रम में राजस्थान सरकार के शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर मुख्य अतिथि होंगे। विशिष्ट अतिथियों में पूर्व मंत्री प्रमोद जैन "भाया", किशनगंज विधायक ललित मीणा, बारां विधायक राधेश्याम बैरवा, शिक्षा मंत्री के विशेषाधिकारी सतीश कुमार गुप्ता एवं राधाकृष्ण शिक्षा सहकारी बारां के अध्यक्ष बृजगोविन्द टेलर शामिल रहेंगे।
उपाध्यक्ष महेंद्र नागर ने बताया कि फरवरी 2023 में नवनिर्वाचित कार्यकारिणी ने जब कार्यभार संभाला था, तब संस्था पर ₹21 करोड़ की डिफॉल्ट राशि थी और 1374 सदस्य डिफॉल्टर थे। कार्यकारिणी के कड़े रुख और कानूनी प्रयासों के बाद अब केवल 97 डिफॉल्टर सदस्य शेष हैं। इनके खिलाफ न्यायालय और उपरजिस्ट्रार के माध्यम से रिकवरी की कार्रवाई जारी है।
उन्होंने बताया कि संस्था के कोष का दुरुपयोग करने वाले पूर्व अध्यक्ष और उनके सहयोगियों के खिलाफ ₹4.56 लाख और ₹2.70 लाख के गबन के मामलों में प्राथमिकी दर्ज कराई जा चुकी है। वहीं, तीन संतान का तथ्य छुपाकर पद पर बने रहने वाले एक संचालक को भी बर्खास्त कराया गया है।
संस्था ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में ₹4.34 करोड़ का शुद्ध लाभ अर्जित किया है। आवश्यक प्रावधानों के बाद ₹2.56 करोड़ की राशि बची है। इसमें से अंशधारकों को लगातार तीसरे वर्ष 4% की दर से लाभांश दिए जाने का प्रस्ताव है।
आमसभा में सामान्य और इमरजेंसी ऋण की सीमा बढ़ाने का प्रस्ताव भी रखा जाएगा। वर्तमान में दोनों प्रकार के ऋण की सीमा ₹3-3 लाख है, जिसे बढ़ाकर ₹4-4 लाख करने की तैयारी है। कार्यकाल के दौरान ₹5 करोड़ की अतिरिक्त एफडी करवाकर संस्था के फंड को भी मजबूत किया गया है।
सदस्यों की सुविधा के लिए संस्था ने गुरुवार का अवकाश समाप्त कर रविवार को कार्यालय खोलने का निर्णय लिया है। रविवार को कार्यालय का समय सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक रहेगा। इसके साथ ही ऑनलाइन लिंक और क्यूआर कोड के माध्यम से राशि जमा करने की सुविधा भी शुरू की गई है।
मंत्री जमनालाल गुर्जर ने बताया कि संस्था की स्थापना आजादी से पूर्व वर्ष 1943 में स्व. घांसीलाल ने की थी। वर्तमान में संस्था के 6,500 सदस्य हैं। यह राजस्थान की एकमात्र सहकारी समिति है, जो अपने सदस्यों को मात्र 50 पैसे प्रति सैकड़ा यानी 0.5% मासिक ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराती है।
वित्तीय प्रगति के साथ संस्था पर्यावरण, रक्तदान, बेटी बचाओ और जल संरक्षण जैसे सामाजिक सरोकारों में भी निरंतर योगदान दे रही है। गबन के मामलों में प्राथमिकी, डिफॉल्टरों से रिकवरी और वित्तीय सुधार के बीच संस्था अब लाभांश वितरण तथा ऋण सीमा बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

Bhagvati Medatwal, Kota
नाम: भगवती मेड़तवाल
वर्तमान पद: रिपोर्टर / प्रातःकाल प्रतिनिधि (कोटा)
कार्यक्षेत्र: कोटा (राजस्थान) एवं आमेट तहसील क्षेत्र
बीट (मुख्य विषय): स्थानीय समाचार, राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिज़नेस एवं सभी विषय
परिचय
भगवती मेड़तवाल 'प्रातःकाल' समाचार पत्र में कोटा प्रतिनिधि और रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह कोटा जिले के साथ-साथ आमेट तहसील क्षेत्र से जुड़ी सभी प्रकार की खबरों को कवर करती हैं। स्थानीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और राजनीतिक घटनाक्रमों के अलावा आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने कला स्नातक (B.A.) की डिग्री हासिल की है।
