कोटा में बी नेगेटिव एसडीपी डोनेशन: टीम जीवनदाता ने 23वीं बार बचाई मरीज की जान
टीम जीवनदाता के आह्वान पर रक्तदाता देवेंद्र शर्मा ने तलवंडी ब्लड सेंटर पहुंचकर तत्परता से प्लेटलेट्स दान किया, मरीज के बेटे ने जताया आभार।

कोटा के तलवंडी स्थित अपना ब्लड सेंटर (APNA Blood Centre) में मरीज बाबूलाल के लिए 23वीं बार बी नेगेटिव एसडीपी (सिंगल डोनर प्लेटलेट्स) डोनेशन करते रक्तदाता देवेंद्र शर्मा (स्ट्रेचर पर) और साथ में मौजूद मेडिकल स्टाफ व टीम जीवनदाता के सदस्य।
सेवाभावी ब्लड डोनर्स के अटूट जज्बे के कारण कोटा में निस्वार्थ सेवा का सर्वोच्च स्तर दिखाई दे रहा है, जहां रक्तदाता किसी अनजान व्यक्ति की जान की कीमत भी अपने परिवार के सदस्य के समान समझते हैं। यहां डोनर्स सिंगल डोनर प्लेटलेट्स (एसडीपी) डोनेशन के जरिए गंभीर रूप से बीमार जरूरतमंदों को नया जीवन प्रदान कर रहे हैं। इसी सेवा पथ पर आगे बढ़ते हुए टीम जीवनदाता ने मरीज बाबूलाल को रिकॉर्ड 23वीं बार बेहद दुर्लभ 'बी नेगेटिव' ($B^{-}$) एसडीपी उपलब्ध कराकर मानवता की एक अनूठी मिसाल पेश की है।लायंस क्लब कोटा टेक्नो के निदेशक तथा टीम जीवनदाता के संरक्षक व संयोजक भुवनेश गुप्ता ने इस पुनीत कार्य की विस्तृत जानकारी साझा की।
उन्होंने बताया कि जब मरीज बाबूलाल के लिए बी नेगेटिव एसडीपी की अत्यंत आवश्यकता हुई, तो हमेशा सेवा कार्य के लिए तत्पर रहने वाले रक्तदाता देवेंद्र शर्मा को कॉल किया गया। सूचना मिलते ही देवेंद्र शर्मा बिना किसी देरी के महज कुछ ही समय में तलवंडी स्थित ब्लड सेंटर पहुंचे और उन्होंने तत्परता से एसडीपी डोनेशन का सेवा कार्य संपन्न किया।रक्तदाता के इस समर्पण और त्वरित सहयोग को देखकर मरीज के बेटे धर्मवीर मीणा भावुक हो उठे। उन्होंने डोनर्स के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि कोटा में वाकई सेवा का सर्वोच्च स्तर स्थापित है।
धर्मवीर ने भर्राए गले से कहा कि उनके पिता की जान सिर्फ और सिर्फ इन सेवाभावी डोनर्स के निस्वार्थ योगदान के कारण ही बच रही है। संकट की इस घड़ी में संबल बनने पर उन्होंने इस ईश्वरीय कार्य के लिए टीम जीवनदाता का सहृदय आभार जताया।इस मानवीय सेवा कार्य पर अपने विचार व्यक्त करते हुए डोनर देवेंद्र शर्मा ने कहा कि हमारा अपना स्वयं का कुछ भी नहीं है, संसार में सबकुछ ईश्वरीय देन है। उन्होंने संदेश दिया कि अगर ईश्वर ने मानव को रक्त और प्लेटलेट्स जैसी इस नई जीवनदायिनी शक्ति से सशक्त किया है, तो हमें दूसरों की मदद करने में कभी पीछे नहीं रहना चाहिए। देवेंद्र ने समाज से अपील की कि बस इसी पुण्य भावना से जुड़कर सभी को रक्तदान व प्लेटलेट्स दान करना चाहिए और अपने जीवन को सार्थक बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास करना चाहिए। संकटकाल में जीवन रक्षक बने इन डोनर्स का यह जज्बा आज पूरे कोटा संभाग में प्रेरणा का केंद्र बना हुआ है।

Bhagvati Medatwal, Kota
नाम: भगवती मेड़तवाल
वर्तमान पद: रिपोर्टर / प्रातःकाल प्रतिनिधि (कोटा)
कार्यक्षेत्र: कोटा (राजस्थान) एवं आमेट तहसील क्षेत्र
बीट (मुख्य विषय): स्थानीय समाचार, राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिज़नेस एवं सभी विषय
परिचय
भगवती मेड़तवाल 'प्रातःकाल' समाचार पत्र में कोटा प्रतिनिधि और रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह कोटा जिले के साथ-साथ आमेट तहसील क्षेत्र से जुड़ी सभी प्रकार की खबरों को कवर करती हैं। स्थानीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और राजनीतिक घटनाक्रमों के अलावा आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने कला स्नातक (B.A.) की डिग्री हासिल की है।
