कोटा शहर के पेयजल वितरण तंत्र का उन्नयन कर शहर को पर्याप्त जलापूर्ति उपलब्ध करवाने हेतु संचालित अमृत योजना के द्वितीय चरण के कार्य के लम्बित होने का मामला विधायक संदीप शर्मा ने तारांकित प्रश्न के माध्यम से विधानसभा में उठाया। सदन की कार्यवाही के पश्चात उन्होंने विभागीय मंत्री कन्हैयालाल चौधरी से विशेष भेंट की और कोटा की पेयजल आवश्यकताओं से विस्तार से अवगत करवाया। विधायक शर्मा ने कड़े शब्दों में कहा कि अमृत योजना का द्वितीय चरण कोटा की जनता के लिए अत्यंत आवश्यक है, लेकिन इसके बावजूद भी प्रशासनिक लापरवाही के कारण यह महत्वपूर्ण परियोजना 1 वर्ष विलम्ब हो चुकी है।

दोषियों पर होगी कठोर विभागीय कार्रवाई

विधायक संदीप शर्मा ने मांग रखी कि इस योजना का काम शीघ्रातीशीघ्र प्रारम्भ करवाया जाए तथा इसके क्रियान्वयन में हुए विलम्ब की प्रभावी जांच करवाकर दोषी अधिकारियों को दण्डित किया जाए। इस पर मंत्री कन्हैयालाल चौधरी ने उन्हें त्वरित, प्रभावी एवं ठोस कार्रवाई का आश्वासन देते हुए कहा कि "काम को अटकाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को बख्शा नहीं जाएगा, जांच कर ऐसे लोगों को चिन्हित किया जाएगा और उन पर विभागीय कार्रवाई होगी।" जनहित की इस परियोजना में किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

पुरानी लाईन के बजाय नई सप्लाई लाईन डालने का सुझाव

विधायक शर्मा ने मंत्री चौधरी को तकनीकी समस्या से अवगत कराते हुए बताया कि अमृत योजना के अन्तर्गत कोटा शहर के आंवली, रोजड़ी, दौलतगंज और नयागांव को पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए भूतल जलाशय, उच्च जलाशय और पंप हाउस बनाया जा रहा है। वर्तमान योजना के अनुसार इसे पानी 600 एमएम की उसी सप्लाई लाईन से दिया जाएगा जो वर्तमान में शहर की 16 कॉलोनियों को पानी पहुंचा रही है। संदीप शर्मा ने आगाह किया कि इसके कारण न तो 16 कॉलोनियों की पूर्ति होगी और न ही आवली रोजड़ी को पर्याप्त पेयजल मिल सकेगा, इसलिए 1.5 करोड़ की लागत से आंवली रोजड़ी जलाशय हेतु अकेलगढ़ फिल्टर प्लांट से नई सप्लाई लाईन डाली जाए।

बजट आवंटन और विधानसभा क्षेत्रवार स्वीकृतियां

विधायक के प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया गया है कि कोटा शहर में अमृत-2.0 योजनान्तर्गत नगर निगम कोटा उत्तर क्षेत्र हेतु राशि रु. 175.00 करोड़ तथा नगर निगम कोटा दक्षिण क्षेत्र हेतु राशि रु. 220.00 करोड़ की स्वीकृतियां दिनांक 06.02.2023 को जारी की गई है। उक्त योजनाओं के अंतर्गत विधानसभा क्षेत्र कोटा उत्तर में राशि रु. 6.10 करोड़, कोटा दक्षिण में राशि रु. 138.90 करोड़, लाडपुरा में राशि रु. 204.75 करोड़ तथा रामगंज मंडी में राशि रु. 45.25 करोड़ के कार्य स्वीकृत हैं। यह योजनाएं कोटा शहर की वर्ष 2055 की अभिकल्पित जल मांग के आधार पर पेयजल संबंधी कार्य करवाए जाने हेतु प्रस्तावित की गई हैं।

निविदा प्रक्रिया और विलम्ब के तकनीकी कारण

योजना में विलम्ब के कारणों पर सरकार द्वारा स्पष्ट किया गया कि नगर निगम कोटा उत्तर क्षेत्र के लिये स्वीकृत योजना के क्रियान्वयन हेतु प्रथम निविदा दिनांक 07.04.2025 को आमंत्रित की गई थी, परन्तु किसी भी संवेदक द्वारा भाग नहीं लिये जाने के कारण उसे निरस्त कर पुनः निविदा दिनांक 17.06.2025 को आमंत्रित की गई। इसकी तकनीकी बिड दिनांक 22.07.2025 को खोली गई, लेकिन निविदा में भाग लेने वाली एक फर्म के विरुद्ध माननीय न्यायालय में विचाराधीन वाद के निर्णय उपरान्त ही आगामी नियमानुसार कार्यवाही की जावेगी।

नगर निगम कोटा दक्षिण क्षेत्र की स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया गया कि दिनांक 15.04.2025 और 25.07.2025 की निविदाएं विफल रहने के पश्चात अब दिनांक 30.12.2025 को पुनः निविदा आमंत्रित की गई है, जिसकी तकनीकी बिड दिनांक 05.03.2026 को खोली जानी प्रस्तावित है। प्रशासन का लक्ष्य है कि कार्यादेश जारी होने के उपरान्त आगामी 02 वर्ष की अवधि में इन दोनों योजनाओं को पूर्ण करा लिया जाए।

Pratahkal Bureau

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