कोटा: महालक्ष्मी आराधना से ही संभव है सर्वांगीण सुख की प्राप्ति, भीमेश्वर महादेव मंदिर में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब
कोटा के भीमेश्वर महादेव मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा के दौरान पूज्य राघव ऋषि जी ने महालक्ष्मी आराधना और गोवर्धन लीला के गूढ़ रहस्यों को उजागर किया। उन्होंने बताया कि कैसे महालक्ष्मी की आराधना से सर्वांगीण सुख और ग्रहों की अनुकूलता प्राप्त होती है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के निवास पर हुए संत समागम और भव्य आरती के साथ इस दिव्य आयोजन ने श्रद्धालुओं को भक्ति के सागर में सराबोर कर दिया।

कोटा, 12 जनवरी। शिक्षा नगरी कोटा के गणेश नगर स्थित भीमेश्वर महादेव मंदिर के प्रांगण में इन दिनों भक्ति की अविरल धारा प्रवाहित हो रही है। श्रीराम कृष्ण कथा ज्योतिष समिति कोटा के तत्वावधान में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन पूज्य राघव ऋषि जी ने आध्यात्मिक गूढ़ रहस्यों से पर्दा उठाते हुए श्रद्धालुओं को भक्ति के चरम आनंद से सराबोर कर दिया। कथा के दौरान ऋषि जी ने गोवर्धन लीला, रासलीला और महालक्ष्मी आराधना की महत्ता को जिस भावपूर्ण ढंग से प्रस्तुत किया, उसने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया।
राघव ऋषि जी ने प्रवचन के दौरान स्पष्ट किया कि गोवर्धन लीला मात्र एक कथा नहीं, बल्कि भक्ति को सुदृढ़ करने का मार्ग है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह संपूर्ण सृष्टि गोवर्धन प्रभु के आश्रय पर टिकी है और जीवन के गहन संकटों व विपत्तियों के समय केवल ईश्वर की शरण ही मनुष्य को सही दिशा दिखाती है। रासलीला के दिव्य प्रसंग की व्याख्या करते हुए उन्होंने कहा कि जब भक्ति परिपक्व होती है, तभी जीव को रासलीला में प्रवेश का सौभाग्य मिलता है। यह जीव और ब्रह्म के मिलन की एक ऐसी अवस्था है जहाँ माया के आवरण से मुक्त शुद्ध जीव का साक्षात्कार सीधे परमात्मा से होता है।
महालक्ष्मी आराधना के वैज्ञानिक और ज्योतिषीय पक्ष को उजागर करते हुए पूज्य ऋषि जी ने बताया कि यह आराधना स्वयं भगवान शिव द्वारा प्रणीत है, जो भोग और मोक्ष दोनों की प्रदाता है। उन्होंने एक विशेष रहस्य साझा करते हुए कहा कि ब्रह्मांड के चार प्रमुख ग्रह—बुध, बृहस्पति, शुक्र और शनि—महालक्ष्मी के अधीन ही क्रियाशील रहते हैं। यहाँ तक कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम और योगेश्वर श्रीकृष्ण ने भी लोककल्याण की सिद्धि के लिए इसी मार्ग का अनुसरण किया था। कथा के प्रवाह में गोपीगीत की विरह वेदना, अक्रूर प्रसंग, कंस वध और निष्काम भक्ति के महत्व को विस्तार से समझाया गया। उन्होंने संदेश दिया कि वही जीवन सार्थक है जो ईश्वर के चरणों में समर्पित हो।
भक्तिमय माहौल तब और भी जीवंत हो उठा जब सौरभ ऋषि ने 'झूला झूलो रे सांवरा' भजन की प्रस्तुति दी, जिस पर श्रद्धालु भावविभोर होकर झूमने लगे। इस धार्मिक अनुष्ठान के बीच एक विशेष गरिमामयी पल वह था जब लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के निवास पर आयोजित संत समागम में उनकी धर्मपत्नी डॉ. अमिता बिरला ने पूज्य राघव ऋषि जी का भव्य स्वागत कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
कार्यक्रम में पोथी पूजन और व्यास पूजन का सौभाग्य तेजपाल वर्मा, माधुरी त्रिपाठी, भारतेश विजयवर्गीय, संजय दूबे और मोहनस्वरूप मिश्र को प्राप्त हुआ। इसके पश्चात संपन्न हुई दिव्य आरती में समिति के प्रमुख सदस्य बसंतलाल शर्मा, कुलदीप भट्ट, हरिकृष्ण त्रिवेदी, जगदीश शर्मा, राजेन्द्र गुप्ता, सत्यनारायण खण्डेलवाल, नितेश जैन, विमलेश गौतम, धवल मिश्र, नवनीत गुप्ता, मनोज गुप्ता, जगमोहन शर्मा, सुशील चौरसिया, श्यामसुंदर शर्मा, हेमराज जांगीड़, राकेश सरोजा, विनोद शर्मा, लेखराज राठौड़, चंद्रप्रकाश गौतम, रामविलास शर्मा और देवकीनंदन गर्ग सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सम्मिलित होकर पुण्य लाभ अर्जित किया। प्रचार सचिव रामेश्वर गुप्ता ने आगामी कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि कथा के अगले चरण में भगवान श्रीकृष्ण और उनके बालसखा सुदामा के मिलन का भावुक प्रसंग सुनाया जाएगा, जो मित्रता और अटूट श्रद्धा की एक अनुपम मिसाल है।

Pratahkal Newsroom
प्रातःकाल न्यूज़-रूम, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, समयबद्ध और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा न्यूज़-रूम राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
