कोटा में अखिल भारतीय कवि सम्मेलन: रामलीला समापन पर सजी महफिल
कोटा के आरके पुरम में आयोजित अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में देश भर के नामी कवियों ने वीर रस, हास्य और भक्ति की रचनाओं से समां बांधा।

कोटा के आरके पुरम रामलीला पार्क में आयोजित अखिल भारतीय कवि सम्मेलन के मंच पर प्रस्तुति देतीं कवयित्री।
कोटा के आरके पुरम-ए स्थित श्री महर्षि गौतम रामलीला पार्क में रामलीला के समापन पर आयोजित अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में वीर रस, भक्ति, हास्य-व्यंग्य और प्रेम के काव्य रंग देखने को मिले। विभिन्न शहरों से आए कवियों ने भगवान श्रीराम के आदर्शों, महाराणा प्रताप के शौर्य, सनातन संस्कृति और मानवीय संवेदनाओं पर आधारित रचनाओं से श्रोताओं को भावविभोर किया।
श्री रामलीला आयोजन समिति के अध्यक्ष देवेंद्र शर्मा और महामंत्री गिरिराज गौतम ने बताया कि कवि सम्मेलन में कवियों ने गीत, गजल, वीर रस और हास्य-व्यंग्य की प्रस्तुतियों से देर रात तक समां बांधे रखा। सम्मेलन का संचालन कोटा के वरिष्ठ कवि एवं गीतकार पंडित प्रेम शास्त्री ने किया।
मीडिया प्रभारी पीपी गुप्ता ने बताया कि रतलाम (मध्यप्रदेश) के राष्ट्रीय कवि एवं वीर रस के ओजस्वी रचनाकार ब्रजराज ‘ब्रज’ ने समसामयिक परिस्थितियों पर हास्य-व्यंग्य के माध्यम से कटाक्ष किए। शहीदों के सम्मान में प्रस्तुत गीतों के साथ उन्होंने व्यवस्था पर व्यंग्य करते हुए कहा, “अब कौन खाए सौगंध वतन पर मिटने की, अब तो गली-गली में कमीशन खाए जाते हैं।” उनकी इस रचना ने श्रोताओं को सोचने पर विवश किया।
झालावाड़ के हास्य कवि राजेश ‘लोटपोट’ ने सनातन संस्कृति के संरक्षण और प्रसार पर जोर दिया। उन्होंने फिल्म ‘हनुमान’ को राष्ट्रीय स्तर पर प्रोत्साहित करने की बात कही। उनकी हास्य-व्यंग्य की प्रस्तुतियों ने श्रोताओं को गुदगुदाया।
बारां के वरिष्ठ अल्हड़ गीतकार बाबू बंजारा ने हाड़ौती भाषा में मीरा की कृष्णभक्ति और सांवरे के विभिन्न स्वरूपों का काव्यात्मक चित्रण किया। लोकभाषा में पिरोई उनकी भक्ति रचनाओं ने श्रोताओं को भावविभोर किया।
जबलपुर (मध्यप्रदेश) की गीतकार रश्मि किरण ने प्रेम और संवेदनाओं से जुड़े गीत प्रस्तुत किए। उनकी रचनाओं में प्रेम के भावों को स्वर मिला। वहीं, बालाघाट (मध्यप्रदेश) की गीत-गजलकार माधुरी किरण ने संवेदनशील गीतों और गजलों के माध्यम से प्रेम तथा जीवन के विविध रंगों को अभिव्यक्त किया।
जयपुर के राष्ट्रीय वीर रस के कवि उमेश उत्साही ने अपनी ओजस्वी रचनाओं से राष्ट्रप्रेम, वीरता और स्वाभिमान के भाव प्रस्तुत किए। उन्होंने महाराणा प्रताप और उनके अश्व चेतक के शौर्य का स्मरण कराते हुए श्रोताओं में राष्ट्रप्रेम की भावना जगाई। भरतपुर के हास्य रस के कवि नानक चंद नवीन और झालावाड़ के हास्य कवि राजेश ‘लोटपोट’ ने हास्य-व्यंग्य की प्रस्तुतियों से कार्यक्रम को रोचक बनाया।
मीडिया प्रभारी पीपी गुप्ता ने बताया कि कोटा के वरिष्ठ कवि एवं गीतकार पंडित प्रेम शास्त्री ने कुशल संचालन के जरिए कवियों और श्रोताओं के बीच काव्यात्मक संवाद बनाए रखा। सम्मेलन में भगवान श्रीराम के आदर्शों, भारतीय संस्कृति और मानवीय संवेदनाओं से जुड़ी रचनाओं ने रामलीला के समापन को साहित्यिक रंग प्रदान किया।
कवि सम्मेलन में मुख्य सहयोगी शम्भू गुप्ता, दिशा डेल्फी पब्लिक स्कूल के प्रबंधक पुरुषोत्तम शर्मा, सह-प्रायोजक भगत सिंह शाखा के अध्यक्ष ओमप्रकाश दुसाद, लोकतंत्र सेनानी एवं मुख्य संयोजक बालचंद फौजी, अध्यक्ष देवेंद्र शर्मा, महामंत्री गिरिराज गौतम, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सीताराम शर्मा, प्रवक्ता एवं मीडिया प्रभारी पी.पी. गुप्ता, संयोजक चंद्रप्रकाश माहेश्वरी, सत्यप्रकाश शर्मा, राजेंद्र सिंह सोलंकी सहित अन्य लोगों ने देर रात तक कवि सम्मेलन का आनंद लिया। इस आयोजन में वीर रस, भक्ति, हास्य और सांस्कृतिक चेतना से जुड़ी रचनाओं के माध्यम से रामलीला के समापन को यादगार साहित्यिक स्वरूप मिला।

Bhagvati Medatwal, Kota
नाम: भगवती मेड़तवाल
वर्तमान पद: रिपोर्टर / प्रातःकाल प्रतिनिधि (कोटा)
कार्यक्षेत्र: कोटा (राजस्थान) एवं आमेट तहसील क्षेत्र
बीट (मुख्य विषय): स्थानीय समाचार, राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिज़नेस एवं सभी विषय
परिचय
भगवती मेड़तवाल 'प्रातःकाल' समाचार पत्र में कोटा प्रतिनिधि और रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह कोटा जिले के साथ-साथ आमेट तहसील क्षेत्र से जुड़ी सभी प्रकार की खबरों को कवर करती हैं। स्थानीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और राजनीतिक घटनाक्रमों के अलावा आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने कला स्नातक (B.A.) की डिग्री हासिल की है।
