भारतीय राष्ट्रीय किसान महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज दुबे ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर एमएसपी की कानूनी गारंटी, नकली खाद, बीज और पेस्टिसाइड पर पूर्ण रोक, किसानों की सम्पूर्ण कर्जमाफी तथा खाद की किल्लत दूर करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसानों की मांगें पूरी नहीं हुईं तो पूरे देश में बड़ा किसान आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार किसान आंदोलन को हल्के में लेने की गलती न करे और लंबे समय से आंदोलन कर रहे किसानों की जायज मांगों को पूरा करे। उन्होंने कहा कि किसानों की लगातार हो रही उपेक्षा से उनमें भारी आक्रोश व्याप्त है और मांगें पूरी नहीं होने पर बड़ा किसान आंदोलन होगा।

मनोज दुबे ने कहा कि एमएसपी की कानूनी गारंटी और स्वामीनाथन रिपोर्ट लागू होने से ही किसान खुशहाल होगा। उनका कहना है कि वर्तमान समय में सभी फसलों की खरीद में देरी और सीमित खरीद के कारण किसानों को एमएसपी का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने कहा कि एमएसपी की कानूनी गारंटी से हर किसान को उसकी पूरी फसल पर लाभकारी न्यूनतम समर्थन मूल्य मिलने की कानूनी गारंटी मिलेगी।

उन्होंने कहा कि जब किसान की फसल तैयार होती है तो मंडियों में उसके भाव इतने गिर जाते हैं कि उत्पादन लागत तक नहीं निकल पाती। वहीं किसान के फसल बेचने के बाद उसी फसल के दाम आढ़तिए बढ़ा देते हैं। उन्होंने कहा कि किसानों को इस नुकसान से बचाने के लिए एमएसपी ही एकमात्र रास्ता है।

मनोज दुबे ने कहा कि एमएसपी को गारंटी कानून बनाए बिना किसानों को उनका हक नहीं मिल सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि देश के किसान लागत प्लस 50 प्रतिशत मुनाफे के नाम पर ठगे जा रहे हैं, जिससे किसानों में भारी आक्रोश है। उन्होंने कहा कि एमएसपी की मांग को लेकर हुए किसान आंदोलन में 750 से अधिक किसान शहीद हो चुके हैं।

उन्होंने कहा कि एमएसपी गारंटी कानून न केवल देश के किसानों को मजबूती देगा, बल्कि वैश्विक मंच पर भारत को कृषि क्षेत्र में नई पहचान भी दिलाएगा। उनका कहना है कि आत्मनिर्भर किसान ही आत्मनिर्भर भारत की वास्तविक नींव है और एमएसपी की कानूनी गारंटी के बिना किसानों की आय दोगुनी होना संभव नहीं है। ऐसे में एमएसपी की कानूनी गारंटी ही किसानों को वास्तविक सम्बल दे सकती है।

मनोज दुबे ने सरकार से एमएसपी की कानूनी गारंटी का विधेयक लाने की मांग करते हुए कहा कि लगातार बढ़ते कर्ज और फसलों का उचित मूल्य नहीं मिलने से किसान परेशान हैं। उन्होंने कर्ज से परेशान किसानों की सम्पूर्ण कर्जमाफी की घोषणा करने की मांग करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने पूंजीपतियों का करोड़ों रुपये का कर्ज माफ कर दिया, लेकिन भाजपा सरकार ने पिछले 12 वर्षों में किसानों का एक रुपये का भी कर्ज माफ नहीं किया। उन्होंने कहा कि किसान डीएपी और यूरिया खाद की भारी किल्लत से जूझ रहे हैं, जबकि सरकार किसानों को समय पर पर्याप्त मात्रा में खाद, पानी और बिजली तक उपलब्ध नहीं करा पा रही है।

उन्होंने कहा कि नकली खाद, नकली बीज और नकली पेस्टिसाइड के कारण खेत बंजर हो रहे हैं और उपज भी लगातार प्रभावित हो रही है। उनके अनुसार किसानों की सबसे बड़ी समस्याओं में घटिया खाद, बीज और नकली कीटनाशकों से होने वाला नुकसान शामिल है। उन्होंने अमानक खाद, बीज और कीटनाशक बनाने तथा बेचने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि नकली खाद, बीज और कीटनाशक माफियाओं पर अंकुश लगाने के लिए सख्त कानून बनाया जाना आवश्यक है।

मनोज दुबे ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसानों की समस्याओं का अविलंब समाधान नहीं किया गया तो पूरे देश में बड़ा किसान आंदोलन होगा और किसान सड़कों पर उतरकर मोदी सरकार का पुरजोर विरोध करेंगे।

Pratahkal Bureau

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