कोटा, 24 अक्टूबर। भारतीय राष्ट्रीय किसान महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज दुबे ने केंद्र सरकार से किसानों की सभी फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर पूरी खरीद सुनिश्चित करने और अन्नदाताओं से अन्न का हर एक दाना खरीदने का वादा पूरा करने की मांग की है। उन्होंने केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर किसानों को सभी फसलों का लाभकारी मूल्य दिलाने की मांग उठाई। मनोज दुबे ने चेतावनी दी कि यदि एमएसपी पर सभी फसलों की खरीद शुरू नहीं हुई तो किसान आंदोलन करेंगे। उन्होंने कहा कि फसलों की खरीद में देरी और सीमित खरीद किसानों की बड़ी समस्या बन गई है, जिससे किसानों में भारी आक्रोश व्याप्त है।

मनोज दुबे ने कहा कि किसानों को लाभकारी मूल्य नहीं मिलने के कारण उनका शोषण हो रहा है, जबकि सरकार मूकदर्शक बनकर तमाशा देख रही है। खाद-बीज से लेकर बाजार तक किसानों के साथ घोर छलावा हो रहा है, जो बेहद शर्मनाक और दुर्भाग्यपूर्ण है। खेती की बढ़ती लागत और एमएसपी से कम कीमत पर फसलें बिकने के कारण किसान बेहद परेशान हैं। उन्होंने कहा कि यह केवल आर्थिक नुकसान नहीं, बल्कि किसानों के खून-पसीने और भरोसे की खुली लूट है।

उन्होंने कहा कि फसल खरीद में देरी और सीमित खरीद के कारण किसानों को एमएसपी का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। यह स्थिति किसानों के लिए बड़ी समस्या बन गई है और वे खेती छोड़ने पर मजबूर हो रहे हैं। मनोज दुबे के अनुसार, किसान की बदहाली का एक प्रमुख कारण यह है कि अन्य वस्तुओं के दाम जिस अनुपात में बढ़े हैं, उस अनुपात में किसानों की उपज के दाम नहीं बढ़े। सरकार की गलत नीतियों और उपेक्षा के कारण किसान बेहाल हैं तथा खेती उनके लिए घाटे का सौदा बनकर रह गई है।

मनोज दुबे ने कहा कि मूंग, धान, गन्ना, गेहूं, मूंगफली, सोयाबीन, सरसों, अरहर, उड़द, तिल, चना और बाजरा सहित सभी फसलों के किसान परेशान हैं। एमएसपी की गारंटी नहीं होने के कारण मंडियों में किसानों का शोषण हो रहा है और अन्नदाता अपनी ही मेहनत से उपजी फसल औने-पौने दामों पर बेचने को मजबूर हैं।

उन्होंने कहा कि जब किसान की फसल तैयार होती है, तब मंडियों में उसके भाव इतने गिर जाते हैं कि उत्पादन लागत तक नहीं निकल पाती। वहीं, किसान के फसल बेच देने के बाद आढ़तिए उसी फसल के दाम आसमान पर पहुंचा देते हैं। किसानों को इस नुकसान से बचाने के लिए एमएसपी की कानूनी गारंटी ही एक रास्ता है। उन्होंने कहा कि कानूनी गारंटी के अभाव में किसानों को फसलों का लाभकारी मूल्य नहीं मिल रहा है और लगातार बढ़ते कर्ज के कारण वे भारी परेशानी का सामना कर रहे हैं। मनोज दुबे ने सरकार से सभी फसलों की एमएसपी पर पूरी खरीद सुनिश्चित कर अन्नदाताओं से किया गया वादा पूरा करने की मांग की है।

Bhagvati Medatwal, Kota

Bhagvati Medatwal, Kota

नाम: भगवती मेड़तवाल

वर्तमान पद: रिपोर्टर / प्रातःकाल प्रतिनिधि (कोटा)

कार्यक्षेत्र: कोटा (राजस्थान) एवं आमेट तहसील क्षेत्र

बीट (मुख्य विषय): स्थानीय समाचार, राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिज़नेस एवं सभी विषय

परिचय 

भगवती मेड़तवाल 'प्रातःकाल' समाचार पत्र में कोटा प्रतिनिधि और रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह कोटा जिले के साथ-साथ आमेट तहसील क्षेत्र से जुड़ी सभी प्रकार की खबरों को कवर करती हैं। स्थानीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और राजनीतिक घटनाक्रमों के अलावा आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने कला स्नातक (B.A.) की डिग्री हासिल की है।

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