टोंक जिले के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल व पवित्र सरोवर माण्डकलां (मिनी पुष्कर), नगरफोर्ट में आगामी 25 जून 2026, निर्जला एकादशी को कीर, कहार, केवट, कश्यप, मेहरा स्वजातीय समाज का ऐतिहासिक एवं विशाल चतुर्थ सामूहिक विवाह सम्मेलन आयोजित होने जा रहा है, जिसे लेकर पूरे क्षेत्र के समाज बंधुओं में भारी उत्साह है और इस दौरान माण्डकलां में जनसैलाब उमड़ने की पूर्ण संभावना है। इस भव्य आयोजन की रूपरेखा तैयार करने हेतु नगरफोर्ट स्थित श्रीहरि सद्गुरु कालू बाबा के मंदिर परिसर में कीर समाज के पंच पटेलों की एक महत्वपूर्ण बैठक अत्यंत सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुई। बैठक में उपस्थित समस्त प्रबुद्धजनों ने सर्वसम्मति से आगामी निर्जला एकादशी को चतुर्थ सामूहिक विवाह सम्मेलन को भव्य स्तर पर आयोजित करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया। इसके साथ ही इस वृहद समागम को सुचारू एवं व्यवस्थित रूप से संपन्न कराने के उद्देश्य से सामूहिक विवाह सम्मेलन की नवनिर्मित कार्यकारिणी में बाहरी गांवों के प्रतिष्ठित पंच पटेलों को भी शामिल करने का सर्वसम्मत प्रस्ताव पारित किया गया, ताकि समाज की व्यापक सहभागिता सुनिश्चित की जा सके।

इस विशेष बैठक में सामाजिक एकजुटता और संगठन की सुदृढ़ता पर विशेष बल दिया गया। बैठक के दौरान प्रथम सामूहिक विवाह सम्मेलन के अध्यक्ष व व्याख्याता किशन लाल कहार, रामदेव मंगरियाव, हरिराम महाराज, गणपत, सरलाल, सत्यानारायण (शेट्टी), रामप्रकाश, राजू, चोथमल, सत्यनारायण, सोराज, महावीर, कचनार, शिवराज फोजी, गिर्राज, कालू राम, सोजी, छोटुलाल, हेमराज, ग्यारसीलाल, अध्यापक हेमराज, मोहनलाल, प्रभूलाल, प्रकाश, बद्री, गोपाल, प्रहलाद, बनवारी, कालू कम्पाउंडर, लेखराज तथा ठेकेदार भरत सहित अनेक स्थानीय समाज बंधु और गणमान्य नागरिक मुख्य रूप से मौजूद रहे। उपस्थित पंच पटेलों ने विवाह सम्मेलन को आदर्श व ऐतिहासिक बनाने हेतु विभिन्न व्यवस्थाओं पर विस्तृत विचार-विमर्श किया। यह सामूहिक विवाह सम्मेलन न केवल फिजूलखर्ची पर रोक लगाने और समाज के निर्धन परिवारों को संबल प्रदान करने की दिशा में एक बड़ा वैधानिक व सामाजिक कदम सिद्ध होगा, बल्कि इससे स्वजातीय एकता, कुरीतियों के उन्मूलन और आपसी भाईचारे को भी एक नई दिशा मिलेगी। माण्डकलां जैसे पावन और प्रतिष्ठित तीर्थ स्थल पर होने वाला यह विशाल आयोजन संपूर्ण टोंक जिले सहित आसपास के क्षेत्रों में सामाजिक समरसता और चेतना का एक अप्रतिम उदाहरण पेश करेगा।

राजस्थान के टोंक जिला मुख्यालय पर कीर, कहार, केवट एवं कश्यप समाज के प्रथम विशाल सामूहिक विवाह सम्मेलन को लेकर आयोजित भव्य एवं विशाल कलश यात्रा में समाज का ऐतिहासिक जनसैलाब उमड़ पड़ा। आगामी 25 मई 2026 गंगा दशमी के पावन पर्व पर आयोजित होने वाले इस भव्य सम्मेलन में कुल 101 जोड़े पाणिग्रहण संस्कार के पवित्र बंधन में बंधेंगे। इस महाआयोजन के उपलक्ष्य में रविवार को तेजा जी मंदिर चतुर्भुज तालाब से एक विशाल कलश यात्रा का शुभारंभ हुआ, जो घंटाघर होते हुए कीर समाज के छावनी मंदिर तक बड़े हर्षोल्लास के साथ निकाली गई।

इस भव्य कलश यात्रा के दौरान पूरा मार्ग डीजे की धुनों पर नाचते-गाते श्रद्धालुओं से सराबोर नजर आया, वहीं आधुनिक तकनीक का प्रदर्शन करते हुए ड्रोन के माध्यम से पूरी कलश यात्रा पर लगातार पुष्प वर्षा की गई। इस मांगलिक अवसर पर आयोजित बोलियों में समाजसेवियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया, जिसमें कन्हैयालाल नुवाल ने सर्वाधिक 75,000 रुपये की बोली लगाकर घोड़ी की रस्म अपने नाम की। इसके साथ ही उन्होंने प्रधान हवन कुंड एवं प्रधान कलश की बोली भी 16,000 रुपये लगाकर अपने नाम छुड़वाई।

इस ऐतिहासिक आयोजन के दौरान समाज की कई प्रतिष्ठित विभूतियां और पदाधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम में मुख्य संरक्षक बजरंग लाल मेहरा, समिति अध्यक्ष रमेश मेहरा (अहमदाबाद वाले), संरक्षक पप्पू समरवाल, रमेश मलिया, सचिव रमेश पार्षद, मुकेश कश्यप (एक्टिव पार्षद), वरिष्ठ समाजसेवी रामजीलाल पटेल, प्रचार मंत्री जितेन्द्र धीवर, राजू कश्यप (एडवोकेट), मंदिर अध्यक्ष ग्यारसीलाल धीवर, राम गोपाल समरवाल, कोषाध्यक्ष राम अवतार आढ़तिया, राजूलाल धीवर (एएसआई), उप कोषाध्यक्ष नाथूलाल, उप सचिव कन्हैयालाल नुवाल तथा उपाध्यक्ष शिवजीलाल उटासानिया ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई।

इसके साथ ही सत्यपाल कश्यप, बालकिशन हरियाणा, पोपसिंह दिल्ली, जुबली प्रसाद साहनी, प्रभूलाल टेलर, प्रभात चौहान ठेकेदार, पूर्व अध्यक्ष सुरेश बलावत, कन्हैयालाल समरवाल, बजरंग लाल समरवाल, छोटू लाल उप सरपंच, सीताराम मास्टर, बजरंग लाल, मोहनलाल कम्पाउंडर, विध्या मेहरा, रामकरण, जीतमल कहार, नरेश ककराजकलां, कैलाश, सुरेन्द्र कीर, आकाश (एडवोकेट), सचिन (एडवोकेट), राम अवतार, प्रहलाद, राजेन्द्र आढ़तिया, रामफूल, गढुल, रमेश, बनवारी, रवि, लेखराज धीवर, विनोद एवं मोहनलाल (गोल डूंगरी) सहित समाज के अनेक प्रबुद्ध सदस्य एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे। टोंक में आयोजित हो रहा यह प्रथम सामूहिक विवाह सम्मेलन न केवल समाज की एकजुटता और प्रगति का प्रतीक बनकर उभरा है, बल्कि इसने सामाजिक समरसता की एक नई और अमिट मिसाल पेश की है।


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