बूढ़ गेपरनाथ महादेव सेवा समिति की द्वितीय सिंदूर अर्पण यात्रा आज से, कामाख्या धाम में राष्ट्र की अखंडता के लिए होगी विशेष प्रार्थना
कोटा से शुरू हो रही बूढ़ गेपरनाथ महादेव सेवा समिति की द्वितीय सिंदूर अर्पण यात्रा 30 जून को कामाख्या धाम पहुंचेगी। यात्रा में राष्ट्र की अखंडता, सुरक्षा और समृद्धि के लिए विशेष प्रार्थना के साथ कई महत्वपूर्ण संदेश भी जुड़े हैं।

बूढ़ गेपरनाथ महादेव सेवा समिति की ओर से कामाख्या मंदिर में आयोजित होने वाली द्वितीय सिंदूर अर्पण यात्रा के दौरान माँ कामाख्या को अर्पित की जाने वाली विशेष सोने की नथ।
अध्यात्म, आस्था और राष्ट्रभक्ति के अनूठे संगम का साक्षी बनने जा रही बूढ़ गेपरनाथ महादेव सेवा समिति की "द्वितीय सिंदूर अर्पण यात्रा" 19 जून से प्रारंभ होगी। कोटा से रवाना होने वाली यह विशेष यात्रा 30 जून को असम स्थित विश्व प्रसिद्ध शक्तिपीठ माँ कामाख्या मंदिर पहुंचेगी, जहां देश की अखंडता, सुरक्षा और समृद्धि के लिए विशेष प्रार्थना की जाएगी।
समिति के उपाध्यक्ष लीलाधर मेहता ने यात्रा की जानकारी देते हुए बताया कि इस धार्मिक एवं राष्ट्र समर्पित अभियान का उद्देश्य भारत की एकता और संप्रभुता के प्रति जनभावनाओं को सशक्त रूप से अभिव्यक्त करना है। यात्रा के दौरान समिति के सदस्य माँ कामाख्या के चरणों में सिंदूर अर्पित कर देश की सुरक्षा, समृद्धि और अखंडता के लिए मंगल कामना करेंगे। साथ ही, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर को पुनः भारत का अभिन्न अंग बनाए जाने की विशेष प्रार्थना भी की जाएगी।
यात्रा के दौरान भारतीय सेना के शौर्य, साहस और राष्ट्र रक्षा में उनके योगदान को श्रद्धापूर्वक नमन किया जाएगा। समिति की ओर से माँ कामाख्या को सिंदूर के साथ विशेष रूप से तैयार करवाई गई सोने की नथ भी अर्पित की जाएगी, जो इस धार्मिक यात्रा का प्रमुख आकर्षण रहेगी।
समिति के सदस्य अपने साथ लोकसभा अध्यक्ष का एक विशेष संदेश भी लेकर जा रहे हैं, जिसे कामाख्या मंदिर के मुख्य पुजारी को सौंपा जाएगा। इसके पश्चात माँ कामाख्या का आशीर्वाद प्राप्त कर राष्ट्र कल्याण की कामना की जाएगी।
गौरतलब है कि गत वर्ष ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की पृष्ठभूमि में भारतीय सेना के पराक्रम और राष्ट्र सेवा के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने के उद्देश्य से इस यात्रा की शुरुआत की गई थी। प्रथम सिंदूर अर्पण यात्रा के दौरान भी माँ कामाख्या को सिंदूर और सोने की नथ भेंट की गई थी।
समिति की इस महत्वपूर्ण यात्रा के सफल संचालन और व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में सचिव रामू खारवाल, कोषाध्यक्ष हरिनारायण दीक्षित तथा कामाख्या यात्री रामू सेन सहित पूरी टीम सक्रिय रूप से जुटी हुई है। धार्मिक आस्था और राष्ट्रभक्ति के संदेश से परिपूर्ण यह यात्रा एक बार फिर समाज के बीच आध्यात्मिक चेतना और राष्ट्रीय एकता का संदेश लेकर प्रस्थान करेगी।

Bhagvati Medatwal, Kota
नाम: भगवती मेड़तवाल
वर्तमान पद: रिपोर्टर / प्रातःकाल प्रतिनिधि (कोटा)
कार्यक्षेत्र: कोटा (राजस्थान) एवं आमेट तहसील क्षेत्र
बीट (मुख्य विषय): स्थानीय समाचार, राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिज़नेस एवं सभी विषय
परिचय
भगवती मेड़तवाल 'प्रातःकाल' समाचार पत्र में कोटा प्रतिनिधि और रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह कोटा जिले के साथ-साथ आमेट तहसील क्षेत्र से जुड़ी सभी प्रकार की खबरों को कवर करती हैं। स्थानीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और राजनीतिक घटनाक्रमों के अलावा आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने कला स्नातक (B.A.) की डिग्री हासिल की है।
