क्षमा आत्मशुद्धि और आत्मकल्याण की आधारशिला: जे.के. जैन
सकल दिगम्बर जैन समाज समिति के कार्याध्यक्ष ने कहा कि दिखावे के बजाय मन से छल और द्वेष दूर कर मांगी गई क्षमा ही वास्तविक आत्मशुद्धि है।

श्री सकल दिगम्बर जैन समाज समिति के कार्याध्यक्ष जे.के. जैन ने कहा कि क्षमा केवल वीरों का आभूषण नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि और आत्मकल्याण की आधारशिला है। प्रत्येक व्यक्ति को क्षमा के भाव को अपने जीवन में आत्मसात करना चाहिए। औपचारिकता या दिखावे के लिए मांगी गई क्षमा को वास्तविक क्षमा नहीं कहा जा सकता। सच्ची क्षमा वही है, जिसमें मन में किसी के प्रति छल, द्वेष या कटुता का भाव शेष न रहे।
जे.के. जैन ने कहा कि क्षमा केवल शब्दों तक सीमित नहीं होनी चाहिए। इसका भाव हृदय की उदारता और व्यवहार में भी दिखाई देना चाहिए। किसी गलती के लिए क्षमा मांगना तभी सार्थक है, जब व्यक्ति अपनी भूल को स्वीकार करने के साथ उसमें सुधार करने का संकल्प भी करे।
उन्होंने कहा कि क्षमा मांगने से पहले आत्मावलोकन आवश्यक है। व्यक्ति को सबसे पहले यह स्वीकार करना चाहिए कि उसके भीतर भी क्रोध, अहंकार, द्वेष, बुराइयों और दोषों का कचरा जमा हो सकता है। इन विकारों को पहचानकर दूर करना ही वास्तविक आत्मशुद्धि है।
जे.के. जैन ने कहा कि जिस प्रकार घर और आसपास जमा कचरे को हटाकर वातावरण को स्वच्छ किया जाता है, उसी प्रकार मन में जमा विकारों को दूर किए बिना क्षमा का भाव पूर्ण नहीं हो सकता। जब व्यक्ति अपने भीतर की अशुद्धियों को दूर करता है, तभी क्षमा केवल एक शब्द न रहकर जीवन का संस्कार बनती है।

Bhagvati Medatwal, Kota
नाम: भगवती मेड़तवाल
वर्तमान पद: रिपोर्टर / प्रातःकाल प्रतिनिधि (कोटा)
कार्यक्षेत्र: कोटा (राजस्थान) एवं आमेट तहसील क्षेत्र
बीट (मुख्य विषय): स्थानीय समाचार, राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिज़नेस एवं सभी विषय
परिचय
भगवती मेड़तवाल 'प्रातःकाल' समाचार पत्र में कोटा प्रतिनिधि और रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह कोटा जिले के साथ-साथ आमेट तहसील क्षेत्र से जुड़ी सभी प्रकार की खबरों को कवर करती हैं। स्थानीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और राजनीतिक घटनाक्रमों के अलावा आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने कला स्नातक (B.A.) की डिग्री हासिल की है।
