कोटा में जेईई-मेन का 'सुपर सैटरडे': पेचीदा सवालों और गहरी कैलकुलेशन ने बढ़ाई परीक्षार्थियों की धड़कनें
कोटा में जेईई-मेन 2026 के चौथे दिन का पेपर विश्लेषण: एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट के प्रसीडेंट विनोद कुमावत ने बताया कि शनिवार की पहली पारी का पेपर मध्यम स्तरीय लेकिन काफी लेन्दी रहा। फिजिक्स में एडवांस लेवल के सवाल और केमिस्ट्री में जटिल कैलकुलेशन ने छात्रों को चुनौती दी। जानिए विषयवार विस्तृत विश्लेषण और परीक्षा का पूरा रुझान इस विशेष रिपोर्ट में।

कोटा। देश की सबसे प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा 'जेईई-मेन 2026' के चौथे दिन कोटा सहित देश भर के केंद्रों पर भविष्य के इंजीनियरों की असली परीक्षा हुई। शनिवार सुबह की पारी का समापन होते ही विद्यार्थियों के चेहरों पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं, जहां वैचारिक स्पष्टता रखने वाले छात्रों के चेहरों पर चमक थी, वहीं औसत तैयारी वालों के लिए समय प्रबंधन एक बड़ी चुनौती साबित हुआ। एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट प्राइवेट लिमिटेड के प्रसीडेंट विनोद कुमावत ने परीक्षा का सूक्ष्म विश्लेषण करते हुए बताया कि शनिवार की पहली पारी का पेपर न केवल मध्यम स्तर का था, बल्कि अपनी 'लेन्दी' प्रकृति और वैचारिक गहराई (कॉन्सेप्ट्स) के लिए भी चर्चा में रहा। श्री कुमावत के अनुसार, इस बार का पेपर उन विद्यार्थियों के लिए वरदान साबित होगा जिनकी बुनियादी अवधारणाओं पर पकड़ मजबूत है, क्योंकि अधिकांश प्रश्न सीधे फॉर्मूले के बजाय सिद्धांतों की गहरी समझ पर आधारित थे।
रसायन विज्ञान यानी केमिस्ट्री के खंड ने इस बार अपनी परंपरागत शैली से इतर विद्यार्थियों को थोड़ा चौंकाया। विनोद कुमावत के विश्लेषण के अनुसार, इनऑर्गेनिक केमिस्ट्री में जहां एनसीईआरटी के वाक्यों पर आधारित 'स्टेटमेंट टाइप' सवालों की भरमार रही, वहीं ऑर्गेनिक केमिस्ट्री पूरी तरह से वैचारिक रही। फिजिकल केमिस्ट्री ने अपनी गणनाओं के माध्यम से छात्रों का काफी समय खर्च कराया, क्योंकि इसमें जटिल और लंबी कैलकुलेशन वाले प्रश्न पूछे गए थे। सिलेबस के लिहाज से देखें तो 11वीं कक्षा से 34 प्रतिशत और 12वीं कक्षा के पाठ्यक्रम से 56 प्रतिशत सवाल पूछे गए, जिसमें फिजिकल और ऑर्गेनिक केमिस्ट्री का दबदबा अधिक रहा।
भौतिक विज्ञान (फिजिक्स) के खंड में इस बार कुछ ऐसे सवाल भी देखने को मिले जिनका स्तर 'जेईई एडवांस' की श्रेणी को छू रहा था। विनोद कुमावत ने जानकारी दी कि फिजिक्स का पेपर मध्यम स्तर का होने के साथ-साथ काफी कैलकुलेटिव भी रहा। विषयवार वितरण में इलेक्ट्रोडायनेमिक्स और मैकेनिक्स से लगभग पांच-पांच प्रश्न पूछे गए, जबकि ज्योमेट्री ऑप्टिक्स और हीट एंड थर्मोडायनेमिक्स से तीन-तीन प्रश्नों ने छात्रों की तर्कशक्ति की परीक्षा ली। गणित (मैथ्स) का हिस्सा हमेशा की तरह लंबा और समय लेने वाला रहा। बीजगणित (एलजेब्रा) से नौ और कैलकुलस से आठ प्रश्न पूछे गए, जिन्होंने विद्यार्थियों को अंत तक उलझाए रखा। इसके अलावा कोऑर्डिनेट ज्योमेट्री, वेक्टर 3D और ट्रिग्नोमेट्री के प्रश्नों ने पेपर को संतुलित लेकिन चुनौतीपूर्ण बनाया। कुल मिलाकर, जेईई मेन का यह चरण यह स्पष्ट संकेत दे रहा है कि केवल रटने की प्रवृत्ति से इस परीक्षा को भेदना अब मुमकिन नहीं है।

Pratahkal Bureau
प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
