जेईई मेन अप्रैल 2026: पहले दिन का पेपर रहा मध्यम, कॉन्सेप्ट पर आधारित रहे प्रश्न
जेईई मेन अप्रैल सत्र की शुरुआत के साथ ही विशेषज्ञों ने बताया कि फिजिक्स और केमिस्ट्री में 12वीं का वेटेज अधिक रहा, जबकि मैथ्स का पेपर समय प्रबंधन के लिए चुनौतीपूर्ण था।

कोटा में जेईई मेन अप्रैल 2026 की परीक्षा देकर निकलते परीक्षार्थी, विशेषज्ञों के अनुसार पहले दिन की सुबह की पारी में कॉन्सेप्ट और एप्लीकेशन आधारित प्रश्नों की प्रधानता रही।
कोटा। बीई व बीटेक कोर्स में प्रवेश के लिए आयोजित देश की देश की सबसे बड़ी इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जेईई मेन अप्रैल 2026 सेशन की शुरुआत गुरुवार से हुई। एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट प्राइवेट लिमिटेड, कोटा के प्रेसीडेंट विनोद कुमावत ने विद्यार्थियों से प्राप्त फीडबैक के आधार पर विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत करते हुए बताया कि सुबह की पारी का पेपर कुल मिलाकर मध्यम स्तर का रहा, लेकिन इसकी सबसे प्रमुख विशेषता इसका कॉन्सेप्ट आधारित होना रहा।
पेपर का विश्लेषण और चुनौतीपूर्ण पहलू
विनोद कुमावत ने जानकारी दी कि पेपर में ऐसे प्रश्न शामिल थे, जो केवल रटने के बजाय सब्जेक्ट की गहरी समझ और एप्लिकेशन स्किल्स की मांग करते थे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि "स्टूडेंट्स को 22 जनवरी 2026 को आयोजित पहली पारी की तुलना में यह पेपर थोड़ा अधिक चैलेन्जिंग महसूस हुआ।"
फिजिक्स: कक्षा 12वीं के सिलेबस का दबदबा
सुबह की पारी में फिजिक्स का पेपर मोडरेट तथा कंसेप्चुअल था। इसमें एनसीईआरटी सिलेबस के अनुसार 44 प्रतिशत प्रश्न 11वीं कक्षा से तथा 56 प्रतिशत प्रश्न 12वीं कक्षा से कवर किए गए थे। विश्लेषण के अनुसार सेमीकंडक्टर, एरर, यूनिट एंड डाइमेन्शन से एक-एक प्रश्न, मैग्नेटिज्म्, ज्योमेट्रिकल आॅप्टिक्स तथा फ्लुइड से दो-दो प्रश्न पूछे गए। इसके अतिरिक्त इलेक्ट्रो डाइनेमिक्स, माॅडर्न फिजिक्स, हीट एंड थर्मोडाइनेमिक्स, वेव एंड वेव आॅप्टिक्स से तीन-तीन प्रश्न तथा मैकेनिक्स से चार प्रश्न पूछे गए। पेपर में ऐसे प्रश्न शामिल थे, जो केवल रटने के बजाय सब्जेक्ट की गहरी समझ और एप्लिकेशन स्किल्स की मांग करते थे।
केमिस्ट्री: फिजिकल और ऑर्गेनिक का बढ़ा वेटेज
सुबह की पारी में केमिस्ट्री के पेपर का स्तर मध्यम रहा जिसमें फिजिकल तथा ऑर्गेनिक केमिस्ट्री से पूछे गए प्रश्नों का वेटेज ज्यादा रहा। एनसीईआरटी के सिलेबस के अनुसार 30 प्रतिशत प्रश्न 11वीं कक्षा से जबकि 70 प्रतिशत प्रश्न 12वीं कक्षा से कवर किए गए थे। फिजिकल केमिस्ट्री से मोल कंसेप्ट, थर्मोडाइनेमिक्स, केमिकल काइनेटिक्स से दो-दो प्रश्न पूछे गए। इसी प्रकार ऑर्गेनिक केमिस्ट्री में एल्किल हेलाइड्स, एरोमेटिक कम्पाउण्ड से दो-दो प्रश्न पूछे गए थे, वहीं इनऑर्गेनिक केमिस्ट्री में कोआर्डिनेशन कम्पाउण्ड से दो प्रश्न पूछे गए।
मैथ्स: कैलकुलेशन रही लेंदी और समय प्रबंधन रहा कठिन
मैथ्स का पेपर मध्यम स्तर का होने के बावजूद अपेक्षाकृत लेंदी रहा, जिससे स्टूडेंट्स के लिए टाइम मैनेजमेंट एक महत्वपूर्ण चुनौती बनकर सामने आया। प्रश्नों को सॉल्व करने के लिए न केवल सही कॉन्सेप्ट की आवश्यकता थी, बल्कि स्पीड और एक्युरेसी का संतुलन भी जरूरी था। पेपर में अलजेब्रा तथा कैलकुलस से एक समान यानी 36-36 प्रतिशत प्रश्न पूछे गए। इसके अलावा वेक्टर थ्रीडी, कोऑर्डिनेट ज्योमेट्री से 12-12 प्रतिशत तथा कोऑर्डिनेट ज्योमेट्री से मात्र चार प्रतिशत प्रश्न पूछे गए।

Pratahkal Bureau
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