JEE Main 2026 Analysis: एनटीए ने बदला परीक्षा का पैटर्न, जानें कट-ऑफ और ट्रेंड्स
जेईई मेन जनवरी सत्र में कैलकुलेशन और एनसीईआरटी पर रहा जोर, एक्सपर्ट्स के अनुसार 93-95 पर्सेंटाइल रह सकती है जनरल कैटेगरी की क्वालिफाइंग कट-ऑफ।
कोटा। जेईई मेन-2026 का जनवरी सेशन एनटीए के लिए भरोसा बहाल करने वाला साबित हुआ है। पिछले साल पेपर पैटर्न और नॉर्मलाइजेशन को लेकर उठे सवालों के बाद इस बार परीक्षा का स्ट्रक्चर काफी संतुलित रहा। सभी पेपर में सिलेबस कवरेज लगभग समान रहा और किसी एक चैप्टर का ओवरडॉमिनेशन देखने को नहीं मिला। यह साफ संकेत है कि एनटीए अब स्टूडेंट्स की ओवरऑल तैयारी को परख रहा है, न कि केवल चुनिंदा टॉपिक्स की।
एक्सपर्ट ओपिनियन और टाइम मैनेजमेंट
मोशन एजुकेशन के फाउंडर और जाने-माने एजुकेटर नितिन विजय के अनुसार: "इस बार का सबसे बड़ा ट्रेंड यह रहा कि कॉन्सेप्ट से ज्यादा कैलकुलेशन पर जोर दिया गया। कई प्रश्न देखने में आसान थे, लेकिन हल करते-करते काफी लंबे साबित हुए। यही वजह रही कि लगभग हर शिफ्ट में टाइम मैनेजमेंट सबसे बड़ी चुनौती बनकर सामने आया। कुल मिलाकर जेईई मेन-2026 ने साफ संदेश दे दिया है कि अब केवल ट्रिक्स या शॉर्टकट से काम नहीं चलेगा। तीनों विषयों में संतुलन, एनसीईआरटी की गहरी समझ और एग्जाम हॉल में सही निर्णय लेने की क्षमता ही सफलता की गारंटी है।"
कट-ऑफ और नॉर्मलाइजेशन का गणित
कठिन शिफ्ट में कम स्कोर पर भी बेहतर परसेंटाइल मिलने की संभावना है। कुछ शिफ्ट्स, खासकर 23 और 28 जनवरी की पारियां अपेक्षाकृत कठिन रहीं। ऐसे में नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया छात्रों को बराबरी का मौका देगी। अनुमान है कि:
- 99 पर्सेंटाइल 180–200 अंकों के बीच रह सकती है।
- जनरल कैटेगरी का क्वालिफाइंग कट-ऑफ 93–95 पर्सेंटाइल के आसपास जा सकता है।
विषयवार विश्लेषण: फिजिक्स, मैथ्स और केमिस्ट्री
फिजिक्स: आसान से मध्यम, कुछ शिफ्ट्स में एडवांस टच फिजिक्स का लेवल अधिकांश शिफ्ट्स में आसान से मध्यम रहा। 21 और 22 जनवरी की पारियों में पेपर काफी संतुलित था और कई सवाल सीधे फॉर्मूला आधारित होने से बोर्ड पैटर्न जैसे लगे। हालांकि 23, 24 जनवरी की दूसरी शिफ्ट और 28 जनवरी को फिजिक्स थोड़ा गणना-प्रधान और एडवांस ट्रेंड का दिखा। इलेक्ट्रोस्टैटिक्स और मॉडर्न फिजिक्स से अच्छी संख्या में प्रश्न आए। जिन छात्रों ने बेसिक कॉन्सेप्ट और एनसीईआरटी को मजबूत रखा था, उनके लिए फिजिक्स स्कोरिंग साबित हुई।
मैथ्स: सबसे कठिन और सबसे ज्यादा समय लेने वाली सभी पेपर्स में मैथ्स सबसे चुनौतीपूर्ण विषय रहा। कैलकुलस, वेक्टर्स और 3-डी ज्योमेट्री का वेटेज ज्यादा देखने को मिला। सवाल सीधे नहीं थे और उन्हें हल करते-करते छात्रों को 70 से 90 मिनट तक लग गए। मैथ्स में वही आगे रहा जिसने सिलेक्टिव अटेम्प्टिंग और स्मार्ट टाइम डिविजन अपनाया। केवल प्रैक्टिस नहीं, रणनीति भी जरूरी साबित हुई।
केमिस्ट्री: एनसीईआरटी पढ़ने वालों के लिए सबसे स्कोरिंग केमिस्ट्री सेक्शन इस बार सबसे ज्यादा स्कोरिंग रहा। अधिकतर प्रश्न सीधे एनसीईआरटी से पूछे गए। इनऑर्गेनिक और ऑर्गेनिक का वेटेज लगभग बराबर रहा, जबकि फिजिकल केमिस्ट्री से न्यूमेरिकल ज्यादा आए। ऑर्गेनिक में मल्टी-स्टेप और चेन रिएक्शन टाइप सवालों ने बच्चों को मानसिक दबाव में डाला, लेकिन जिसने किताब की एक-एक लाइन पढ़ी थी, उसने 40–45 मिनट में पूरा सेक्शन सॉल्व कर लिया।
28 जनवरी की पारियों का विस्तृत ब्यौरा
पहली पारी: मॉडरेट टू टफ 28 जनवरी की पहली पारी कुल मिलाकर मॉडरेट टू टफ रही। मैथ्स हमेशा की तरह सबसे ज्यादा समय लेने वाली रही। सवाल परिचित थे, लेकिन डायरेक्ट नहीं। कैलकुलस, वेक्टर और 3-डी में मल्टी-स्टेप कैलकुलेशन ने अटेम्प्ट घटा दिए। फिजिक्स डूएबल थी, पर मोमेंट ऑफ इनर्शिया जैसे प्रश्न पूरी तरह कैलकुलेटिव रहे। केमिस्ट्री में खास तौर पर ऑर्गेनिक और इनऑर्गेनिक से स्टेटमेंट वाइज व टेस्ट आधारित सवाल आए, जिससे बच्चों को भ्रम हुआ। कुल मिलाकर यह शिफ्ट उन छात्रों के लिए बेहतर रही, जिन्होंने सिलेक्टिव अटेम्प्ट और टाइम मैनेजमेंट अपनाया।
दूसरी पारी: मॉडरेट और स्कोरिंग दूसरी पारी का पेपर कुल मिलाकर मॉडरेट रहा। फिजिक्स आसान-मध्यम थी, ज्यादातर सवाल फॉर्मूला बेस्ड थे और 12वीं सिलेबस से करीब 60% प्रश्न आए। केमिस्ट्री आसान और एनसीईआरटी आधारित रही, जिससे यह सेक्शन स्कोरिंग बना। ऑर्गेनिक, पी-ब्लॉक और कोऑर्डिनेशन से सीधे सवाल पूछे गए। मैथ्स कठिन नहीं थी, लेकिन काफी लेंदी रही-कैलकुलस और वेक्टर-3डी हावी रहे। समय की कमी से कई छात्र कम सवाल कर पाए। 99 पर्सेंटाइल के लिए 185–195 अंक सुरक्षित माने जा रहे हैं।

Ruturaj Ravan
यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।
