JEE Main 2026: एलन कोटा के कबीर छिल्लर ने हासिल किया 300/300 परफेक्ट स्कोर
कबीर छिल्लर समेत एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट के कई विद्यार्थियों ने जेईई मेन जनवरी सेशन में 100 परसेंटाइल और परफेक्ट स्कोर प्राप्त कर सफलता के मंत्र साझा किए।

जेईई मेन 2026 जनवरी सेशन में परफेक्ट स्कोर हासिल करने वाले एलन कोटा के विद्यार्थी कबीर छिल्लर, अर्णव गौतम, शुभम कुमार, ऋषित गर्ग, निमय पुरोहित और चिरंजीब कर।
300/300 परफेक्ट स्कोर: कबीर छिल्लर (गुड़गांव)
- नाम: कबीर छिल्लर
- स्कोर: 300/300 परफेक्ट स्कोर
- माता-पिता: पिता मोहित छिल्लर (आईआईटीयन), मां प्रियंका छिल्लर (प्राइवेट टीचर)
- विवरण: जन्मतिथि 30 जुलाई 2008, मोबाइल नंबर 9911590290। 10वीं कक्षा 98 प्रतिशत अंकों से उत्तीर्ण।
कबीर पिछले दो साल से एलन का रेगुलर क्लासरूम स्टूडेंट है। पिता फिलहाल एक निजी कंपनी में सेवारत हैं। अपनी सफलता पर कबीर ने कहा:
"सही दिशा में मेहनत करना सबसे जरूरी है। इसके लिए एलन फैकल्टीज का सही मार्गदर्शन और पेरेंट्स का सपोर्ट बहुत काम आया। मैंने नियमित स्टडी शेड्यूल, लगातार रिवीजन और मॉक टेस्ट के माध्यम से तैयारी को मजबूत किया। एलन में आना मेरे लिए टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। यहां आने के बाद सब्जेक्ट्स में कंसेप्ट्स क्लीयर हुए। रटने की बजाय कॉन्सेप्ट को गहराई से समझने पर जोर दिया। हर टॉपिक को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर पढ़ा, शॉर्ट नोट्स तैयार किए और रेगुलर रिवीजन किया। टाइम मैनेजमेंट और एक्यूरेसी पर भी विशेष काम किया। गलतियों का एनालिसिस करना मेरे लिए काफी महत्वपूर्ण रहा। इससे हर टेस्ट के बाद मेरी परफॉर्मेन्स बेहतर होती चली गई।"
रीक्रिएशन के लिए वह दोस्तों के साथ बाहर घूमने जाते हैं। उनका लक्ष्य आईआईटी मुंबई से सीएस करना और एमआईटी जाना है।
सिर्फ टारगेट ध्यान में रहता था: अर्णव गौतम (कोटा)
- स्कोर: 295/300 - परफेक्ट स्कोर
- माता-पिता: पिता डॉ. बुद्धिप्रकाश (ज्योग्राफी शिक्षक), मां निधि गौतम (गर्वनमेन्ट टीचर)
- उपलब्धियां: मोबाइल 8619039445। 10वीं में 95.8% अंक। जूनियर साइंस ओलंपियाड (2023), एस्ट्रो ओलंपियाड (2024), फिजिक्स ओलंपियाड (2025) के OCSC में भाग। एशियन फिजिक्स ओलंपियाड 2025 में ब्रॉन्ज मेडल।
मूल रूप से कोटा निवासी अर्नव पिछले छह वर्षों से एलन में हैं। उन्होंने बताया:
"यदि लक्ष्य लें और उसे हासिल करने में जुट जाएं तो सब संभव है। इस वर्ष मैं 12वीं कक्षा की परीक्षा देने जा रहा हूं। एलन में नेशनल व इंटरनेशनल ओलंपियाड्स की तैयारी से अकेडमिक्स मजबूत हुई। मेरी इस सफलता के पीछे एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट का बड़ा योगदान है। मेरा मानना है कि सेल्फ स्टडी बहुत जरूरी है, लेकिन सही गाइडेंस के लिए कोचिंग के सहयोग भी जरूरी है। जेईई जैसे एग्जाम की तैयारी में डाउट्स का तुरंत समाधान होना बेहद जरूरी है, जो फैकल्टीज के मार्गदर्शन से ही संभव हो पाता है। मेरे दिमाग में हमेशा टारगेट रहता था कि मुझे यह हासिल करना है। एग्जाम के दौरान मैंने सबसे पहले केमिस्ट्री, फिर फिजिक्स और अंत में मैथ्स का पेपर सॉल्व किया। टाइम मैनेजमेंट पूरी तरह परफेक्ट रहा, जिससे मुझे बचे हुए समय में पूरे पेपर को दोबारा री-चेक करने का मौका मिला। यही वजह रही कि एक भी प्रश्न गलत नहीं हुआ और मैं परफेक्ट स्कोर हासिल कर सका।"
उनकी दिनचर्या काफी डिसिप्लिन्ड रही। सुबह 8 बजे घर से एलन निकलना, क्लासेज के बाद रिवीजन और रात 12 बजे तक पढ़ाई करना शामिल था। मनोरंजन के लिए वह भाई के साथ क्रिकेट खेलते हैं। उनका अगला लक्ष्य आईआईटी मुंबई से सीएस है।
टीचर्स को फॉलो किया: शुभम कुमार (गया, बिहार)
- स्कोर: 295/300 (100 परसेंटाइल)
- माता-पिता: पिता शिवकुमार (व्यवसायी), मां कंचन देवी
- विवरण: जन्मतिथि 20 सितंबर 2008, मोबाइल 7070980889। 10वीं में 98.5% अंक।
शुभम पिछले दो वर्षों से एलन कोटा के छात्र हैं। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय शिक्षकों को दिया:
"मेरी सक्सेस का क्रेडिट मैं फैकल्टीज के मार्गदर्शन, नियमित अभ्यास और परिवार के सहयोग को देता हूं। सबसे बड़ा कारण मेरे टीचर्स हैं। मैंने हमेशा उनकी बातों को ध्यान से सुना और उनके द्वारा बताए गए तरीके से ही पढ़ाई की। एलन के फैकल्टीज ने हर टॉपिक को बेसिक्स से समझाया, जिससे मेरा कॉन्सेप्ट मजबूत हुआ। मैं रोज लगभग 6 से 8 घंटे सेल्फ-स्टडी करता था। क्लास में पढ़ाए गए टॉपिक्स को उसी दिन रिवाइज करता था और नियमित रूप से प्रश्नों की प्रैक्टिस करता था। मैं खासकर कमजोर टॉपिक्स पर ज्यादा ध्यान देता था। कभी-कभी दबाव जरूर होता था, लेकिन मैंने उसे मोटिवेशन में बदला। मैं अपने लक्ष्य पर फोकस रखता था और खुद पर विश्वास बनाए रखा।"
शुभम भी आईआईटी मुंबई की सीएस ब्रांच से बीटेक करना चाहते हैं और जेईई एडवांस्ड पर फोकस कर रहे हैं।
टेस्ट देकर कम्पीटिशन को टफ बनाया: ऋषित गर्ग (दिल्ली)
- स्कोर: 100 पर्सेन्टाइल
- माता-पिता: पिता रोहित गर्ग, मां मोनिका गर्ग
- विवरण: जन्मतिथि 19 जनवरी 2009, मोबाइल 8800037311। 10वीं में 95.6% अंक।
ऋषित कक्षा 11 से एलन में हैं और उनके बड़े भाई आईआईटी दिल्ली में सीएस के छात्र हैं। ऋषित ने कहा:
"मेरे माता-पिता, बड़े भाई और एलन के फैकल्टीज का मार्गदर्शन सफलता की सबसे बड़ी ताकत रहा। मेरे बड़े भाई की सलाह और अनुभव ने मुझे तैयारी के दौरान सही दिशा दी। मैंने एलन के साथ जेईई के पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों का नियमित अभ्यास किया और एनसीईआरटी पुस्तकों पर विशेष ध्यान दिया, ताकि परीक्षा के संभावित प्रश्न पैटर्न को समझ सकूं। जेईई मेन परीक्षा से दो सप्ताह पूर्व मैंने खास तौर पर केमिस्ट्री विषय पर अधिक फोकस किया, क्योंकि इस विषय में अवधारणाओं के साथ तथ्यात्मक जानकारी भी महत्वपूर्ण होती है। कक्षाओं के दौरान मैं प्रतिदिन 4 से 5 घंटे सेल्फ स्टडी करता था, जबकि छुट्टी के दिनों में 8 से 10 घंटे।"
वह रीक्रिएशन के लिए पियानो, गिटार और बैडमिंटन का सहारा लेते हैं। लक्ष्य आईआईटी मुंबई की सीएस ब्रांच है।
रेगुलर स्टडी और कॉन्सेप्ट क्लैरिटी: निमय पुरोहित (राजकोट, गुजरात)
- उपलब्धि: 100 परसेन्टाइल (गुजरात स्टेट टॉपर)
- माता-पिता: पिता डॉ. हर्षल बी पुरोहित, मां डॉ. दर्शना पुरोहित (दोनों फिजियोथैरेपिस्ट)
- विवरण: जन्मतिथि 15 जुलाई 2008, मोबाइल 9408005064। 10वीं में 96.6% अंक।
"यह मेरे लिए बहुत ही खुशी और गर्व का क्षण है। जब मैंने अपना परिणाम देखा तो मुझे विश्वास नहीं हुआ कि मैंने 100 परसेन्टाइल स्कोर किया है। यह मेरी कड़ी मेहनत, निरंतर अभ्यास और सही मार्गदर्शन का परिणाम है। मेरी सफलता का सबसे बड़ा कारण नियमित अध्ययन और कॉन्सेप्ट क्लैरिटी रहा है। मेरी हमेशा यही कोशिश रहती है कि हर टॉपिक को गहराई से समझूं, न कि सिर्फ रटूं। रोजाना लगभग 6 से 8 घंटे सेल्फ-स्टडी करता था। क्लास में जो भी पढ़ाया जाता था, उसे उसी दिन रिवाइज करता था। इसके अलावा नियमित रूप से प्रश्नों का अभ्यास और मॉक टेस्ट देना मेरी तैयारी का अहम हिस्सा था। मैंने हर टेस्ट के बाद अपनी गलतियों का एनालिसिस किया और उन्हें सुधारने पर ध्यान दिया। एलन के फैकल्टीज, स्टडी मैटेरियल और टेस्ट सीरीज ने मेरी तैयारी को मजबूत बनाया।"
निमय का अगला लक्ष्य जेईई एडवांस में उत्कृष्ट प्रदर्शन करना है।
समय प्रबंधन ही कुंजी: चिरंजीब कर (ओडिशा)
- स्कोर: 100 परसेन्टाइल
- माता-पिता: पिता चितरंजन कर (टाटा स्टील प्लांट), मां बनाकेतकी कर
- विवरण: जन्मतिथि 31 अक्टूबर 2007, मोबाइल 8637227030। 10वीं में 97% अंक।
चिरंजीब ने बताया कि सही दिशा में मेहनत और समय प्रबंधन सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है। उन्होंने एलन के वातावरण को सराहा:
"जेईई मेन जैसी परीक्षा में सफलता के लिए नियमित अध्ययन, कॉन्सेप्ट की गहराई से समझ, निरंतर अभ्यास और समय का सही प्रबंधन अत्यंत आवश्यक है। एलन की फैकल्टीज के अनुभवी मार्गदर्शन, नियमित टेस्ट सिस्टम और अनुशासित अध्ययन वातावरण मेरी सफलता का प्रमुख आधार है। कठिन विषयों को बार-बार अभ्यास और शिक्षकों से चर्चा कर समझना मेरी रणनीति का हिस्सा रहा। मैंने अपनी तैयारी के दौरान पॉजिटिव सोच बनाए रखी और अपने लक्ष्य पर पूरा फोकस किया। नियमित रिवीजन, मॉक टेस्ट का विश्लेषण और कमजोर टॉपिक्स पर विशेष ध्यान देने से मुझे सुधार में मदद मिली। सफलता के लिए निरंतरता, धैर्य और आत्मविश्वास सबसे महत्वपूर्ण होते हैं।"

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