जेईई एडवांस्ड 2026 एनालिसिस: फिजिक्स का पेपर रहा सबसे चुनौतीपूर्ण
एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट के विनोद कुमावत ने बताया कि फिजिक्स के लेन्दी और कठिन सवालों के कारण इस बार यह विषय रैंक निर्धारण में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

देश की सबसे प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जेईई एडवांस्ड-2026 रविवार को आयोजित हुई। परीक्षा के बाद विद्यार्थियों से मिले फीडबैक के आधार पर एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट, कोटा के प्रेसिडेंट विनोद कुमावत ने बताया कि इस वर्ष का पेपर मध्यम से कठिन स्तर का रहा। खासतौर पर फिजिक्स का पेपर विद्यार्थियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनकर उभरा और यही विषय इस बार रैंक निर्धारण का प्रमुख आधार माना जा रहा है।
विनोद कुमावत के अनुसार पेपर-1 में प्रत्येक विषय से कुल 16 प्रश्न पूछे गए, जिनमें चार मल्टीपल च्वाइस प्रश्न, चार सिंगल करेक्ट प्रश्न, चार न्यूमेरिकल प्रश्न और चार मैचिंग लिस्ट आधारित प्रश्न शामिल थे। वहीं पेपर-2 में प्रत्येक विषय से 18 प्रश्न पूछे गए, जिनमें चार सिंगल करेक्ट, पांच मल्टीपल करेक्ट, पांच न्यूमेरिकल तथा दो पैराग्राफ आधारित प्रश्न शामिल थे, जिनके उत्तर न्यूमेरिकल स्वरूप में देने थे। उन्होंने बताया कि कोटा में विद्यार्थियों को जिस स्तर के मॉक टेस्ट कराए गए थे, उसी पैटर्न और स्तर के कई प्रश्न परीक्षा में देखने को मिले।
फिजिक्स विषय को लेकर विद्यार्थियों की प्रतिक्रिया सबसे अधिक गंभीर रही। पेपर ओवरऑल लेन्दी और पिछले वर्षों की तुलना में अधिक कठिन बताया गया। कैलकुलेशन आधारित प्रश्नों ने विद्यार्थियों को लंबे समय तक उलझाए रखा, जबकि कई प्रश्न इनोवेटिव और नए तरीके से पूछे गए। सिलेबस में जो नए टॉपिक्स जोड़े गए थे, उनसे कोई प्रश्न नहीं पूछा गया। पेपर में 12वीं कक्षा के सिलेबस का वेटेज अधिक रहा। पेपर-1 की तुलना में पेपर-2 अधिक कठिन और लेन्दी रहा। सभी प्रश्न जेईई एडवांस्ड स्तर के टॉपिक्स से पूछे गए थे।
कैमिस्ट्री में ऑर्गेनिक कैमिस्ट्री का वेटेज सबसे अधिक देखने को मिला। ऑर्गेनिक कैमिस्ट्री का पेपर-1 आसान रहा, जबकि पेपर-2 मध्यम और लेन्दी स्तर का रहा। अधिकांश प्रश्न स्टैंडर्ड रिएक्शन और मल्टीपल कॉन्सेप्ट्स पर आधारित थे। इनऑर्गेनिक कैमिस्ट्री का पेपर-1 आसान से मध्यम स्तर का रहा, जबकि पेपर-2 मध्यम स्तर का बताया गया। सभी प्रश्न निर्धारित सिलेबस से पूछे गए और ब्लॉक कैमिस्ट्री का वेटेज भी अच्छा रहा। फिजीकल कैमिस्ट्री का पेपर-1 आसान रहा, जबकि पेपर-2 आसान से मध्यम स्तर का रहा। साॅलिड स्टेट और रीयल गैस से एक भी प्रश्न नहीं पूछा गया।
मैथ्स का पेपर हमेशा की तरह लेन्दी और इनोवेटिव रहा। सिलेबस में जोड़े गए नए टॉपिक्स से दो-दो प्रश्न पूछे गए। कॉनिक सेक्शन और परम्यूटेशन एंड कॉम्बिनेशन के प्रश्नों की संख्या सामान्य से अधिक रही। 11वीं और 12वीं कक्षा के प्रश्नों का वेटेज लगभग समान रहा। प्रोबेबिलिटी और डेफिनेट इंटीग्रेशन से पूछे गए प्रश्नों की संख्या पिछले वर्षों की तुलना में कम रही।
मार्किंग स्कीम के अनुसार परीक्षा कुल 360 अंकों की रही। पेपर-1 में प्रत्येक विषय के 16 प्रश्नों के लिए कुल 60 अंक निर्धारित थे। इसमें मल्टीपल च्वाइस प्रश्नों के लिए प्लस 4 और माइनस 1, सिंगल च्वाइस प्रश्नों के लिए प्लस 3 और माइनस 1, इंटीजर टाइप प्रश्नों के लिए प्लस 4 और माइनस 0 तथा मैच द लिस्ट प्रश्नों के लिए प्लस 4 और माइनस 1 की मार्किंग स्कीम लागू रही। तीनों विषयों में कुल 48 प्रश्न पूछे गए, जिनके लिए 180 अंक निर्धारित थे।
पेपर-2 में प्रत्येक विषय से 18 प्रश्न पूछे गए और प्रत्येक विषय के लिए 60 अंक निर्धारित रहे। पैराग्राफ आधारित प्रश्नों में प्लस 2 और माइनस 0, सिंगल च्वाइस प्रश्नों में प्लस 3 और माइनस 1, मल्टीपल करेक्ट प्रश्नों में प्लस 4 और माइनस 1 तथा इंटीजर टाइप प्रश्नों में प्लस 4 और माइनस 1 की मार्किंग स्कीम लागू रही। तीनों विषयों में कुल 54 प्रश्न पूछे गए, जिनके लिए 180 अंक निर्धारित थे।
जेईई एडवांस्ड-2026 का यह पेपर पैटर्न और कठिनाई स्तर इस बार विद्यार्थियों की अवधारणात्मक समझ, कैलकुलेशन क्षमता और समय प्रबंधन की वास्तविक परीक्षा बनकर सामने आया, जिसमें फिजिक्स ने सबसे निर्णायक भूमिका निभाई।

Pratahkal Bureau
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