जंतर-मंतर लाठीचार्ज पर गुंजल का आरोप, बोले- मोदी-शाह के इशारे पर हुई बर्बरता
जंतर-मंतर छात्र प्रदर्शन पर प्रहलाद गुंजल ने मोदी सरकार पर लगाए गंभीर आरोप, लाठीचार्ज और छात्रों की मांगों को लेकर उठाए सवाल।

तस्वीर में प्रहलाद गुंजल मीडिया से बातचीत करते हुए दिखाई दे रहे हैं।
पूर्व विधायक और कांग्रेस नेता प्रहलाद गुंजल ने देशभर में छात्रों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन को लेकर केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि क्या इस देश में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना भी अपराध हो गया है। गुंजल ने आरोप लगाया कि तीन दिन पूर्व दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शनकारियों पर हुई बर्बरता प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के इशारे पर की गई।
प्रहलाद गुंजल ने कहा कि छात्रों पर हुए बर्बरतापूर्ण लाठीचार्ज के तीन दिन बाद भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने इस घटना पर एक शब्द नहीं बोला, जिससे कई सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने कहा कि देश की बर्बाद हो चुकी शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले 25 दिनों से अपने अधिकारों और न्याय की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं पर किया गया लाठीचार्ज निंदनीय है।
गुंजल ने कहा कि यह "लोकतंत्र नहीं, तानाशाही है।" लोकतंत्र में अपनी बात रखने का अधिकार सभी को है, लेकिन यह तानाशाही सरकार लाठी-डंडों के दम पर युवाओं की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पेपर लीक कराने वाले शिक्षा मंत्री को बचाने में पूरी मोदी सरकार लगी हुई है और सरकार से सवाल पूछने वाले युवा सड़कों पर लाठियां खा रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या यही भारत का अमृतकाल है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे छात्रों को गुंडा, मवाली, बांग्लादेशी और पाकिस्तानी कहना तथा आंदोलन को चीन का प्रायोजित आंदोलन बताना भाजपा और भाजपा सरकारों की छोटी मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि पिछले 12 सालों में सरकार से सवाल पूछने वाला हर व्यक्ति, चाहे वह किसान हो, जवान हो, बेरोजगार हो या छात्र हो, भाजपा और भाजपा की सरकारों के लिए देशद्रोही माना जा रहा है।
प्रहलाद गुंजल ने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी जी ने संसद में छात्रों पर हुए बर्बर लाठीचार्ज पर चर्चा कराने की मांग की। जब मांग नहीं मानी गई तो राहुल जी प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरने पर बैठ गए, जिसके बाद पुलिस के दम पर उन्हें गिरफ्तार किया गया। उन्होंने इसे सरकार के डर का प्रमाण बताया।
गुंजल ने कहा कि कांग्रेस छात्रों की मांग के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि जब तक धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, पेपर लीक से अवसाद में आकर आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिजनों को मुआवजा, छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के दोषियों पर कठोर कार्रवाई और प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर लगे सभी मुकदमे वापस नहीं हो जाते, तब तक कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी।
उन्होंने कहा कि छात्रों के अधिकार, शिक्षा व्यवस्था और सरकार की जवाबदेही से जुड़े मुद्दों पर कांग्रेस लगातार अपनी आवाज उठाती रहेगी।

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