कोटा चातुर्मास के लिए मुनि योगसागर जी महाराज से विनम्र निवेदन, जैन समाज ने रखी ऐतिहासिक धर्म प्रभावना की अपेक्षा
कोटा में चातुर्मास के आयोजन के लिए जैन समाज के प्रतिनिधिमंडल ने देई में विराजमान मुनि योगसागर जी महाराज से विनम्र निवेदन किया, जिससे समाज में नई उम्मीद जगी।

बूंदी जिले के देई कस्बे में मुनिश्री योगसागर जी महाराज के सान्निध्य में कोटा दिगंबर जैन समाज के प्रतिनिधिमंडल के सदस्य उपस्थित होकर वंदना करते हुए।
बूंदी जिले के देई कस्बे में विराजमान आचार्य भगवान के परम शिष्य, ज्येष्ठ श्रेष्ठ निर्यापक श्री योगसागर जी महाराज के पावन सान्निध्य में पुण्योदय अतिशय क्षेत्र दादाबाड़ी नसिया जी कमेटी एवं सकल दिगंबर जैन समाज समिति, कोटा का एक प्रतिनिधिमंडल श्रद्धा एवं भक्ति भाव के साथ उपस्थित हुआ। प्रतिनिधिमंडल ने आगामी चातुर्मास को कोटा नगरी में संपन्न कराने का विनम्र निवेदन मुनिश्री के समक्ष प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल ने कोटा की समस्त जैन समाज की धार्मिक आस्था, धर्म प्रभावना के प्रति समर्पण तथा साधना की भावना से मुनिश्री को अवगत कराया। समाजजनों ने प्रार्थना करते हुए कहा कि यदि पूज्य मुनिश्री का पावन चातुर्मास कोटा में संपन्न होता है, तो यह संपूर्ण क्षेत्र में धर्म प्रभावना, स्वाध्याय, आत्मचिंतन एवं आध्यात्मिक जागरण का एक ऐतिहासिक अवसर सिद्ध होगा।
इस दौरान चंद्रोदय अतिशय क्षेत्र के अध्यक्ष हुकम जैन (काका), अध्यक्ष जम्बू जैन सर्राफ, आर.के. पुरम के पूर्व अध्यक्ष अजय बाकलीवाल, संजय जी निर्माण, कैलाश पापड़ीवाला, धर्मचंद जी धनोप्या, महावीर विस्तार योजना के पूर्व अध्यक्ष सिद्धार्थ जैन (बंटी), समग्र दिगंबर जैन बघेरवाल सामाजिक संस्था के संगठन मंत्री सुमित जैन सेकी, सकल दिगंबर जैन समाज के पूर्व युवा अध्यक्ष विजय जैन दुगेरिया, सुनील नगेदा, संजय जी दुगेरिया, संजय जैन, जयप्रकाश जी सदाबरा, विमल गोयल, अशोक जी बरमुंडा, अनिल बरमुंडा, चन्द्र प्रकाश कोटिया, बालिका छात्रावास की अध्यक्ष श्रीमती रानी जैन सर्राफ, श्रीमती इंदिरा बरमुंडा, श्रीमती आशा श्रीमाल, श्रीमती वर्षा जी कोटिया, राजेन्द्र तथा राजेश गुड सहित समाज के अनेक गणमान्यजन एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।
सभी उपस्थितजनों ने मुनिश्री के श्रीचरणों में विनयपूर्वक वंदना अर्पित कर मंगल आशीर्वाद प्राप्त किया तथा कोटा में चातुर्मास का शुभ अवसर प्राप्त होने की हार्दिक मंगलकामना व्यक्त की।
कार्यक्रम का संपूर्ण वातावरण श्रद्धा, भक्ति एवं आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत रहा। उपस्थित श्रद्धालुओं के मन में यह भावना स्पष्ट रूप से परिलक्षित हुई कि यदि पूज्य मुनिश्री का चातुर्मास कोटा में संपन्न होता है, तो यह संपूर्ण जैन समाज के लिए धर्म प्रभावना, आध्यात्मिक उन्नयन एवं आत्मकल्याण का एक अविस्मरणीय और प्रेरणादायी अवसर सिद्ध होगा।

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