कोटा | श्री दिगम्बर जैन महासमिति महिला कोटा संभाग द्वारा पुण्योदय अतिशय क्षेत्र नसिया जी दादाबाड़ी, कोटा में श्रद्धा, भक्ति और सम्मान के साथ अन्तरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिशयकारी बड़े बाबा के समक्ष 48 दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, जिसके बाद भक्तामर स्तोत्र पाठ, आरती एवं भजन-भक्ति गीतों की प्रस्तुति दी गई। इस अवसर पर कार्यक्रम को अनूठे आध्यात्मिक और सांस्कृतिक ढंग से मनाया गया।

कार्यक्रम का केंद्र बिंदु “बुजुर्गों का सम्मान और भक्ति की शक्ति” रहा, जिससे पूरे परिसर में आध्यात्मिक वातावरण और भक्ति का अनुपम भाव छा गया।

संस्था की अध्यक्ष मधु शाह ने बताया कि महिला दिवस के पावन अवसर पर सभी महिलाओं के मंगलमय जीवन, आत्मकल्याण और आध्यात्मिक उन्नति की कामना के साथ सामूहिक भक्तामर पाठ किया गया। उन्होंने कहा कि धर्म और भक्ति से ही जीवन में शांति, संयम और सदाचार का विकास होता है। उन्होंने कहा, “जहाँ भक्ति, संस्कार और बुजुर्गों का सम्मान होता है, वहीं परिवार और समाज में सच्ची समृद्धि और शांति का वास होता है।”

संस्था की मंत्री रेखा गोधा ने बताया कि कार्यक्रम में जैन समाज की 80 वर्ष से अधिक आयु की उन महिलाओं का सम्मान किया गया, जो आज भी नित्य देव दर्शन, पूजन-पाठ, स्वाध्याय, आरती, सामायिक, तीर्थ क्षेत्र वंदना तथा अपनी नियमित कठोर धार्मिक दिनचर्या का पालन कर समाज के लिए प्रेरणा बनी हुई हैं। इन सभी वरिष्ठ महिलाओं का शाल, पगड़ी व माला पहनाकर भावपूर्वक सम्मान किया गया।

मंत्री नीना लुहाड़िया ने जानकारी दी कि इस अवसर पर सुमित्रा जैन, प्रेम बाई, विमलेश जैन, कमला बाई, लाली बाई, मेवा देवी, पद्मा जैन, प्रेमलता पाटोदी, पुष्पा देवी एवं फूल कंवर का सम्मान किया गया।

आशा श्रीमाल ने बताया कि कमला बाई (छावनी वाले) ने तीर्थराज सम्मेदशिखर जी की 27 किलोमीटर की पवित्र वंदना 108 बार कर अद्भुत श्रद्धा और तप का उदाहरण प्रस्तुत किया है। मैना वेद ने बताया कि सुमित्रा जैन ने दशलक्षण पर्व में दस उपवास कर तप और साधना के माध्यम से कर्मों की निर्जरा का प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया। इसी प्रकार फूल कंवर जी ने अष्टानिका पर्व में आठ उपवास कर त्याग और धर्मनिष्ठा की अनुपम मिसाल दी।

कार्यक्रम के समापन पर अध्यक्ष मधु शाह ने कहा कि बुजुर्ग महिलाएं परिवार और समाज की प्रेरणा, धरोहर और रीढ़ होती हैं। उनका अनुभव, त्याग और संस्कार समाज को दिशा देने का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा, “बुजुर्गों का सम्मान करना केवल परंपरा नहीं, बल्कि हमारा नैतिक और धार्मिक कर्तव्य है।”

इस अवसर पर मंजू अजमेरा, हेमलता सर्राफ, शांति जैन, मीनू पाटनी, सीमा गोधा, शकुंतला, रानी, रेखा, अलका बाकलीवाल, करुणा रांवका, सुशीला लुहाड़िया, रेखा श्रीमाल, लक्ष्मी गोधा, रजनी गोधा, कंचन जैन, सरोज, आशा हरसौरा सहित लगभग 50 महिलाओं की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम के अंत में सभी ने एक-दूसरे को गुलाल का तिलक लगाकर रंगों के त्योहार की मंगल शुभकामनाएं दीं।

Ruturaj Ravan

Ruturaj Ravan

यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।

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