कोटा। आज़ादी के अमर पुरोधा और 'तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आज़ादी दूँगा' के उद्घोष से ब्रिटिश साम्राज्य की नींव हिला देने वाले नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती आज शिक्षा नगरी कोटा में अदम्य उत्साह और राष्ट्रभक्ति के साथ मनाई गई। शुक्रवार, 23 जनवरी 2026 की सुबह जब सूरज की पहली किरणों ने कोटा की धरा को छुआ, तो समूचा शहर पराक्रम दिवस के रंग में सराबोर नज़र आया। कोटा जिला पतंजलि परिवार के नेतृत्व में आयोजित इस भव्य श्रद्धांजलि सभा ने न केवल नेताजी के बलिदान को याद किया, बल्कि वर्तमान पीढ़ी में देशप्रेम की एक नई अलख भी जगाई।

वसंत विहार स्थित तीन बत्ती चौराहा, जो सुभाष चौक के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान रखता है, आज सुबह सवा आठ बजे से ही देशभक्ति के नारों से गुंजायमान हो उठा। यहाँ स्थापित नेताजी सुभाष चंद्र बोस की भव्य प्रतिमा पर श्रद्धा के पुष्प अर्पित करने और माल्यार्पण करने के लिए योग साधकों और शहरवासियों का हुजूम उमड़ पड़ा। कार्यक्रम की शुरुआत भावपूर्ण रही, जहाँ उपस्थित जनसमूह ने नेताजी के अदम्य साहस और भारत माता के प्रति उनके अटूट समर्पण को नमन किया। वक्ताओं ने अपने संबोधन में नेताजी को एक ऐसा महानायक बताया जिनके विचार आज भी युवाओं के लिए मशाल का काम कर रहे हैं।

इस गौरवशाली अवसर पर समाज के विभिन्न वर्गों की सहभागिता ने कार्यक्रम को और भी गरिमामयी बना दिया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से सर्वश्री ईश्वर लाल सैनी, प्रदीप शर्मा, लक्ष्मण सिंह, गिरिराज मेहरा, किशन आर्य, अजय सूद, शंकर नागर, सत्यनारायण गोचर, मनोहर द्विवेदी, श्रीमती शिरोमणि गौतम और श्रीमती खन्ना जी सहित बड़ी संख्या में पतंजलि परिवार के योग साधक और योग शिक्षक उपस्थित रहे। इन सभी समर्पित कार्यकर्ताओं ने नेताजी के जीवन दर्शन पर प्रकाश डालते हुए उनके बताए गए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम का वातावरण उस समय ऊर्जा से भर गया जब राष्ट्रभक्ति के गीतों और नारों के बीच साधकों ने राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने की शपथ ली। उपस्थित लोगों ने एक स्वर में कहा कि नेताजी केवल एक व्यक्ति नहीं बल्कि एक विचार हैं, जो हर भारतीय को स्वाभिमान से जीने की प्रेरणा देते हैं। आयोजन का समापन इस आह्वान के साथ हुआ कि समाज का प्रत्येक नागरिक नेताजी के आदर्शों को आत्मसात कर एक सशक्त और समृद्ध भारत के निर्माण में अपना योगदान सुनिश्चित करे। यह कार्यक्रम केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि उस महान सेनानी के प्रति कृतज्ञता की एक गहरी अभिव्यक्ति बनकर उभरा, जिन्होंने देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।

Bhagvati Medatwal, Kota

Bhagvati Medatwal, Kota

नाम: भगवती मेड़तवाल

वर्तमान पद: रिपोर्टर / प्रातःकाल प्रतिनिधि (कोटा)

कार्यक्षेत्र: कोटा (राजस्थान) एवं आमेट तहसील क्षेत्र

बीट (मुख्य विषय): स्थानीय समाचार, राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिज़नेस एवं सभी विषय

परिचय 

भगवती मेड़तवाल 'प्रातःकाल' समाचार पत्र में कोटा प्रतिनिधि और रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह कोटा जिले के साथ-साथ आमेट तहसील क्षेत्र से जुड़ी सभी प्रकार की खबरों को कवर करती हैं। स्थानीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और राजनीतिक घटनाक्रमों के अलावा आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने कला स्नातक (B.A.) की डिग्री हासिल की है।

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