कोटा, 14 अप्रैल। इंडियन नेशनल ट्रस्ट फॉर आर्ट एंड कल्चरल हेरिटेज (इन्टेक), कोटा चैप्टर द्वारा 'विश्व विरासत दिवस' पर 18 अप्रैल को माई हाड़ौती माई हेरिटेज अभियान के तहत प्रविष्टियाँ भेजने की अंतिम तिथि अब बढ़ा दी गई है। कोटा चेप्टर के कन्वीनर निखिलेश सेठी ने बताया कि हाड़ौती क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत को सहेजने और उसे जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से शुरू किए गए इस अभियान में अब प्रतिभागी 18 अप्रैल 2026 तक अपनी प्रविष्टियाँ भेज सकेंगे। अभियान में आमजन की उत्साहपूर्ण भागीदारी को देखते हुए यह निर्णय लिया है।

विरासत संरक्षण और जागरूकता का मंच

इस पहल के माध्यम से इंटेक कोटा के साथ बूंदी, बारां, झालावाड़ के आम नागरिकों को अपनी विरासत के प्रति जागरूक करने और उसे कैमरे में कैद कर साझा करने का एक मंच प्रदान कर रहा है। अभियान के अंतर्गत प्रतिभागी हाड़ौती क्षेत्र की मूर्त विरासत ऐतिहासिक इमारतों, स्मारकों, प्राचीन मूर्तियों, कलाकृतियों और बावड़ियों के साथ-साथ प्राकृतिक विरासत स्थलों के छायाचित्र भेज सकते हैं। संस्था का मुख्य उद्देश्य उन अनछुए और महत्वपूर्ण स्थलों को प्रकाश में लाना है जो हमारी गौरवशाली परंपरा का हिस्सा हैं। चयनित प्रविष्टियों को इंटेक कोटा के आधिकारिक फेसबुक पेज और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी प्रदर्शित किया जाएगा जिससे वैश्विक स्तर पर हाड़ौती पर्यटन और संस्कृति को नई पहचान मिल सके।

प्रविष्टि भेजने की प्रक्रिया और अनिवार्य विवरण

प्रोजेक्ट डायरेक्टर डॉ. एकता जैन सेठी ने बताया कि "प्रतिभागियों को अपनी फोटो के साथ कुछ अनिवार्य जानकारी ब्लॉक लेटर्स में लिखकर भेजनी होगी जिसमें विरासत स्थल का नाम, उसका सटीक स्थान और भेजने वाले का नाम शामिल है।" प्रविष्टियाँ भेजने के लिए केवल व्हाट्सएप नंबर 8800265975 का उपयोग किया जा सकता है।

युवाओं और विशेषज्ञों से विशेष अपील

को कन्वीनर बीएस हाड़ा ने क्षेत्र के युवाओं, फोटोग्राफरों और इतिहास प्रेमियों से अपील की है कि "वे इस अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और अपनी विरासत के संरक्षण में सहभागी बनें।"

Pratahkal Bureau

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