कोटा/कनवास, 15 दिसंबर। ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर रविवार को कनवास में निर्माणाधीन पॉलिटेक्निक कॉलेज का औचक निरीक्षण करने पहुंचे। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर चिंता व्यक्त की, जब देखा कि कॉलम में क्रेशर डस्ट भरी जा रही थी और बनास सैंड बिना छाने प्रयोग में लिया जा रहा था।

मंत्री नागर ने मार्केटिंग बोर्ड के एक्सईएन रामप्रसाद जाटव को फोन कर निर्माण कार्य की खामी पर नाराजगी जताई और स्पष्ट किया कि संपूर्ण निर्माण की जांच कराई जाएगी। यदि गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया, तो पूरा निर्माण तुड़वाने का निर्देश दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जॉन 2 सेंड का उपयोग किया जाना चाहिए और टेस्टिंग के लिए क्यूब भरकर परीक्षण कराने के निर्देश दिए।

मंत्री ने यह भी कहा कि इस तरह के बड़े स्ट्रक्चर में आरसीसी कार्य के दौरान जेईएन की उपस्थिति अनिवार्य होनी चाहिए और निर्माण स्थल पर ऑटो मिक्सचर प्लांट लगाया जाना चाहिए। उन्होंने निर्माण स्थल पर सीमेंट, रेट, ड्राइंग डिज़ाइन और सरिये के वजन तथा मोटाई की व्यक्तिगत जांच भी की। मंत्री ने निर्देश दिए कि निर्माण सामग्री की जांच के लिए स्थल पर लैबोरेट्री स्थापित की जाए।

ऊर्जा मंत्री ने सुपरवाइजर से निर्माण कार्य की जानकारी ली और संतोषजनक न होने पर एक्सईएन को तत्काल फोन किया। उन्होंने साफ कहा कि बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा।

कनवास में निर्माणाधीन इस पॉलिटेक्निक कॉलेज का बजट वर्ष 2025-26 के अंतर्गत 9 करोड़ रुपए निर्धारित किया गया है। नए भवन का निर्माण दूधियाखेड़ी माताजी मंदिर के पास किया जा रहा है और इसे राजस्थान कृषि विपणन बोर्ड द्वारा कराया जा रहा है। इस कॉलेज से कनवास के अलावा देवली, सांगोद और बपावर के विद्यार्थी लाभान्वित होंगे।

मंत्री नागर का यह निरीक्षण केवल निर्माण गुणवत्ता की जांच तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने प्रशासनिक प्रक्रिया और वित्तीय स्वीकृति के अनुपालन की भी बारीकी से समीक्षा की। इस कदम से यह स्पष्ट हुआ कि राज्य सरकार शिक्षा क्षेत्र में गुणवत्ता और पारदर्शिता को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।

Pratahkal Bureau

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