कोटा।

सेवा के पथ पर चलने वालों के कदम कभी थकते नहीं, और जब किसी जिंदगी की सांसें थमने लगें, तभी ऐसे लोग उम्मीद की डोर थामकर आगे बढ़ते हैं। कोटा में बीती रात ऐसा ही मानवीय संवेदना का अद्भुत उदाहरण सामने आया, जब टीम जीवन दाता की सक्रियता और एक युवा दानकर्ता की तत्परता ने एक जरूरतमंद मरीज को जीवनरक्षक एसडीपी उपलब्ध कराई।

घटना तब शुरू हुई जब शमा परवीन को अचानक ओ पॉजिटिव एसडीपी की आवश्यकता पड़ी। देर रात का समय था, परिजन हुसैन मोहम्मद अस्पताल के चक्कर काटते चिंतित नज़र आ रहे थे। इसी बीच उन्होंने टीम जीवन दाता से संपर्क किया, और कुछ ही मिनटों में मदद की प्रक्रिया तेज़ हो गई। लायंस क्लब कोटा टेक्नो के निदेशक तथा टीम जीवन दाता के संरक्षक व संयोजक भुवनेश गुप्ता ने तुरंत आवश्यकता का संदेश प्रसारित किया।

उसी दौरान अभिभाषक परिषद कोटा के महासचिव पद के प्रत्याशी अमित शर्मा ने इस आपात स्थिति की जानकारी मिलते ही बिना देर किए एसडीपी दान के लिए सहमति जताई और रात में ही तलवंडी स्थित ब्लड सेंटर पहुंच गए। यह उनका चौथा एसडीपी डोनेशन था, जबकि वे इससे पहले 55 बार रक्तदान भी कर चुके हैं। निस्वार्थ भाव से किए गए उनके इस निर्णय ने एक मरीज को नई उम्मीद प्रदान की।

अमित शर्मा ने कहा कि प्रगति का मार्ग सेवा से होकर गुजरता है और सेवा ही मानव जीवन को सार्थक बनाती है। उनकी यह पहल न सिर्फ मरीज के परिजनों के लिए बड़ी राहत बनी, बल्कि कोटा में सक्रिय स्वैच्छिक रक्तदान संस्कृति को भी एक नई दिशा देती है।

टीम जीवन दाता के त्वरित प्रयास और समाजसेवी दानदाताओं की तत्परता ने एक बार फिर साबित कर दिया कि जब उद्देश्य मानव सेवा हो, तो समय और परिस्थितियां बाधा नहीं बनतीं। यह घटना समाज में संवेदना और सहयोग की शक्ति को एक बार फिर रेखांकित करती है।

Pratahkal Bureau

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