कोटा में जीवनदाता टीम ने बी-पॉजिटिव एसडीपी डोनेट कर कल्याणी बाई का जीवन बचाया
कोटा में टीम जीवनदाता और लायंस क्लब टेक्नो के संरक्षक भुवनेश गुप्ता की पहल से कल्याणी बाई को बी-पॉजिटिव एसडीपी डोनेट कर जीवन बचाया गया। इंदर सिंह ने 60वीं बार एसडीपी डोनेट कर मदद की, साथ ही युवाओं को सेवा के लिए प्रेरित किया। यह पहल मानवता और समाज सेवा की मिसाल पेश करती है।

कोटा। सेवा और मानवता के प्रति समर्पण की मिसाल पेश करते हुए, टीम जीवनदाता और लायंस क्लब कोटा टेक्नो के संरक्षक भुवनेश गुप्ता के मार्गदर्शन में एसडीपी (स्वतंत्र प्लेटलेट्स) डोनेट करने का सिलसिला लगातार जारी है। हाल ही में इस पहल ने एक गंभीर मरीज कल्याणी बाई की जान बचाई, जिन्हें तत्काल बी-पॉजिटिव एसडीपी की आवश्यकता थी।
भुवनेश गुप्ता ने बताया कि मरीज की स्थिति चिंताजनक थी और परिजन अत्यधिक तनाव में थे। इस दौरान इंदर सिंह, जो कि पहले 69 बार रक्तदान कर चुके हैं, को कॉल किया गया। अपनी व्यस्तताओं के बावजूद उन्होंने तुरंत वैकल्पिक व्यवस्था की और तलवंडी स्थित अपने ब्लड सेंटर पर पहुँचकर 60वीं बार एसडीपी डोनेट की। इस कदम ने मरीज की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई।
इंदर सिंह न केवल स्वयं रक्तदान कर रहे हैं, बल्कि युवा पीढ़ी को भी प्रेरित कर एक टीम के माध्यम से सेवा का भाव बढ़ा रहे हैं। उनका प्रयास इस दिशा में है कि आने वाली पीढ़ी समय पर जरूरतमंदों की सहायता कर सके और आपातकालीन स्थितियों में जीवन बचाने में योगदान दे।
टीम जीवनदाता की यह पहल कोटा में मानवता और सेवा की भावना को मजबूती प्रदान करती है। यह घटना यह संदेश देती है कि स्थानीय स्तर पर सेवा भाव रखने वाले लोग समय रहते मदद पहुंचाकर जीवन को बचाने में कितना महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
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Pratahkal Bureau
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