कोटा: शिक्षा नगरी कोटा में कड़ाके की सर्दी ने जहां आम जनजीवन को झकझोर कर रख दिया है, वहीं मकर संक्रांति के पावन पर्व पर मानवता की एक बेहद भावुक और प्रेरक तस्वीर सामने आई है। अखिल भारतीय अग्रवाल सेवा उत्थान समिति कोटा संभाग ने इस उत्सव को केवल परंपरा तक सीमित न रखकर सेवा का पर्याय बना दिया। भीषण शीत लहर के बीच जब पारा गिर रहा था, तब समिति के पदाधिकारियों ने आधी रात के सन्नाटे में फुटपाथ पर ठिठुर रहे 51 जरूरतमंदों को कंबलों का सुरक्षा कवच प्रदान कर उन्हें जीवनदायिनी राहत पहुंचाई। यह अभियान केवल एक वितरण कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति के प्रति संवेदना की पराकाष्ठा के रूप में देखा जा रहा है।

सेवा के इस महायज्ञ का शुभारंभ नयापुरा स्थित अग्रसेन चौराहा पर महाराजा अग्रसेन की भव्य प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। संभागीय अध्यक्ष मोहनलाल अग्रवाल और संभाग महामंत्री संजय गोयल के कुशल नेतृत्व में शुरू हुए इस अभियान में महिला अध्यक्ष कमला मित्तल और महामंत्री रूपा अग्रवाल ने सक्रिय भूमिका निभाई। जैसे ही अंधेरा गहराया, समिति के सदस्य अग्रसेन चौराहे से जैन दिवाकर मार्ग होते हुए गोपाल निवास बाग के फुटपाथों तक जा पहुंचे। वहां खुले आसमान के नीचे सो रहे असहाय व्यक्तियों को जब खुद पदाधिकारियों ने अपने हाथों से कंबल ओढ़ाए, तो लाभार्थियों की आंखों में कृतज्ञता के आंसू छलक आए।

इस पुनीत कार्य में समाज के हर वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित की गई ताकि सेवा का संदेश दूर तक जाए। आयोजन के दौरान प्रमोद अग्रवाल, मनोज गुप्ता, डॉ. राहुल मित्तल, श्याम अग्रवाल, मुकेश गुप्ता, भंवर अग्रवाल और ओमप्रकाश अग्रवाल ने अपनी उपस्थिति से अभियान को मजबूती प्रदान की। इनके साथ ही आशीष गोयल, ललित मित्तल, किरण अग्रवाल, भावना अग्रवाल, महिला संभाग अध्यक्ष किरण अग्रवाल, आराधना अग्रवाल और अनीता गुप्ता सहित संस्था के कई गणमान्य पदाधिकारियों ने प्रत्येक जरूरतमंद तक पहुंचकर उनकी सुध ली।

अग्रवाल सेवा उत्थान समिति द्वारा उठाया गया यह कदम वर्तमान समय में सामाजिक उत्तरदायित्व की एक उत्कृष्ट मिसाल है। मकर संक्रांति के इस पुण्य काल में जहां लोग दान-पुण्य के विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान करते हैं, वहीं समिति ने "नर सेवा ही नारायण सेवा" के मंत्र को आत्मसात करते हुए समाज के वंचित वर्ग को भीषण ठंड से बचाने का जो संकल्प पूरा किया है, उसकी चौतरफा सराहना हो रही है। इस पहल ने न केवल 51 परिवारों को सर्दी की मार से बचाया है, बल्कि समाज में एकता और सहानुभूति की एक नई अलख जगाई है, जो आने वाले समय में अन्य संगठनों के लिए भी प्रेरणा का मार्ग प्रशस्त करेगी।

Ruturaj Ravan

Ruturaj Ravan

यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।

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