एलन करियर इंस्टीट्यूट प्राइवेट लिमिटेड के मेधावी स्टूडेंट्स ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय ओलम्पियाड में अपना लोहा मनवाते हुए देश का गौरव बढ़ाया है। सोमवार को कोटा स्थित एलन कैम्पस में IJSO और IOAA-Jr 2025 में शानदार सफलता हासिल करने वाले स्टूडेंट्स का भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया गया, जिसमें छात्रों के साथ पहुंचे उनके माता-पिता का भी गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इस अवसर पर एलन के निदेशक डॉ. बृजेश माहेश्वरी और सीनियर वाइस प्रेसीडेंट पंकज बिरला उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान स्टूडेंट्स और अभिभावकों को बुके भेंट किए गए और अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि का केक काटकर इस सफलता का जश्न मनाया गया। सम्मानों के बीच छात्रों ने अपनी यात्रा के अनुभव साझा करते हुए एलन की मजबूत अकादमिक व्यवस्था, नियमित होमवर्क, अनुशासन और राष्ट्रीय स्तर के प्रतिस्पर्धी माहौल को सफलता का आधार बताया। अभिभावकों ने कहा कि एलन का संवेदनशील और मार्गदर्शक वातावरण बच्चों को घर जैसी सुविधा देता है और यही कारण है कि यहां के स्टूडेंट्स हर चुनौती में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हैं।

रूस में आयोजित 22वें इंटरनेशनल जूनियर साइंस ओलंपियाड (IJSO) में एलन के आदिश जैन ने गोल्ड, जबकि रूहान मोहंती और एस.वी. तेजस ने सिल्वर मेडल जीतकर अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की छवि को और मजबूत किया। इसी श्रृंखला में रोमानिया में आयोजित 4th इंटरनेशनल ओलम्पियाड इन एस्ट्रोनॉमी एंड एस्ट्रोफिज़िक्स फॉर जूनियर्स (IOAA-Jr) में कक्षा 10 के आरोन ठक्कर ने गोल्ड और कक्षा 9 की स्वरा पटेल ने सिल्वर मेडल हासिल किया।

हरियाणा निवासी आदिश जैन, जिन्होंने IJSO में गोल्ड जीता, ने बताया कि उनकी दिनचर्या में अध्ययन का कोई निश्चित समय भले न हो, लेकिन वे रोजाना होमवर्क पूरा करना अपनी प्राथमिकता बनाते हैं। उन्होंने कहा कि एलन फैकल्टीज का मार्गदर्शन उन्हें लगातार आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। आदिश के पिता डॉ. गौरव जैन रेडियोलॉजिस्ट और माता डॉ. रितिका जैन डेंटिस्ट हैं, जिन्होंने बेटे की उपलब्धि पर गर्व व्यक्त किया।

IJSO और IOAA-Jr की चयन प्रक्रिया कुल पाँच चरणों में पूरी होती है, जिसमें लिखित, प्रायोगिक और तार्किक परीक्षण शामिल होते हैं। इस वर्ष पहले चरण NSEJS के बाद एलन के 152 स्टूडेंट्स ने दूसरे चरण INJSO के लिए क्वालिफाई किया। देशभर से केवल 56 छात्र ही तीसरे चरण OCSC तक पहुंच सके, जिनमें से सर्वाधिक 51 छात्र एलन से थे। कठोर प्रतियोगी चरणों के बाद भारतीय टीम के लिए चुने गए शीर्ष स्टूडेंट्स में एलन के पाँच प्रतिभागियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मेडल जीतकर एक नया रिकॉर्ड कायम किया।

अंतरराष्ट्रीय ओलम्पियाड में मिली यह उपलब्धि न केवल संस्थान के लिए गर्व का क्षण है, बल्कि भारत की उभरती वैज्ञानिक प्रतिभा की शक्ति और क्षमता का भी सशक्त प्रमाण है। एलन के इन चैंपियंस ने साबित कर दिया कि निरंतर मेहनत, सही मार्गदर्शन और मजबूत प्रतिस्पर्धी वातावरण सफलता को निश्चित बना सकता है।

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