एचआरआरएल रिफाइनरी में आग लगने के बाद मई में शुरू होगा ट्रायल प्रोडक्शन
हीट एक्सचेंजर में रिसाव से लगी आग के बाद मरम्मत कार्य जारी है और सीडीयू को मई के दूसरे पखवाड़े में दोबारा शुरू करने का लक्ष्य है।

बाड़मेर स्थित एचआरआरएल रिफाइनरी की क्रूड डिस्टिलेशन यूनिट में लगी आग के बाद मरम्मत और पुनर्स्थापन कार्य करते तकनीकी विशेषज्ञ।
हिन्दुस्तान पेट्रोलियम की संयुक्त कंपनी एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड (एचआरआरएल) की क्रूड डिस्टिलेशन यूनिट में 20 अप्रैल को लगी आग के मामले में कंपनी ने राहत भरी खबर दी है, जहां जांच में आग के कारण और नुकसान की सीमा को लेकर महत्वपूर्ण खुलासा हुआ है।
कंपनी द्वारा कराई गई जांच में पुष्टि हुई है कि आग हीट एक्सचेंजर स्टैक तक ही सीमित रही और व्यापक स्तर पर फैलाव नहीं हुआ। इस घटना में केवल 6 एक्सचेंजर और उनसे जुड़े सहायक उपकरण प्रभावित हुए हैं। प्रारंभिक जांच के अनुसार आग लगने का संभावित कारण वैक्यूम रेजिड्यू एक्सचेंजर की इनलेट लाइन पर लगे प्रेशर गेज से रिसाव होना माना गया है, जिसने तकनीकी स्तर पर घटना की दिशा तय की।
घटना के बाद पुनर्स्थापन कार्य तेजी से जारी है और कंपनी के अनुसार इसे अगले 3-4 सप्ताह में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही क्रूड डिस्टिलेशन यूनिट (सीडीयू) को मई के दूसरे पखवाड़े में पुनः चालू करने की योजना है, जिससे उत्पादन गतिविधियां फिर से पटरी पर लौट सकेंगी।
कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि अन्य इकाइयां कमीशनिंग के अंतिम चरण में हैं और एलपीजी, एमएस, एचएसडी व नैफ्था का ट्रायल प्रोडक्शन मई माह में शुरू किया जाएगा। एचपीसीएल ने इस पूरे घटनाक्रम के बीच सुरक्षा मानकों और आपात प्रतिक्रिया प्रणाली के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है।
इस हादसे के बाद तेजी से किए जा रहे सुधार कार्य और निर्धारित समयसीमा में संचालन बहाली की तैयारी यह संकेत देती है कि रिफाइनरी गतिविधियां जल्द ही सामान्य हो जाएंगी, जो क्षेत्रीय औद्योगिक गतिविधियों और ऊर्जा आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी।

Pratahkal Bureau
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