ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने सांगोद और सिमलिया का किया दौरा, विकास कार्यों का लिया जायजा
राजस्थान के ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने सांगोद और सिमलिया क्षेत्र का दौरा कर मानसून से पहले ड्रेनेज, बिजली और स्वच्छता से जुड़ी परियोजनाओं की समीक्षा की।

कोटा जिले के सांगोद क्षेत्र में धार्मिक यात्रा के दौरान भगवान शिव की प्रतिमा पर जल अर्पित कर पूजा-अर्चना और देश की समृद्धि की कामना करते ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर।
मानसून से पूर्व विकास कार्यों की प्रगति का जायजा लेने और जनहित से जुड़े मुद्दों के समाधान को लेकर ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने बुधवार को सांगोद एवं सिमलिया क्षेत्र का सघन दौरा किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न विकास परियोजनाओं का मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया, आमजन से संवाद स्थापित किया और अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। दौरे के दौरान स्वच्छता, बिजली व्यवस्था, ड्रेनेज निर्माण, परिवहन और औद्योगिक विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए गए।
दौरे की शुरुआत सांगोद स्थित प्रसिद्ध गणेश कुंज मंदिर से हुई, जहां ऊर्जा मंत्री ने भगवान श्री गणेश की विशेष पूजा-अर्चना एवं महाआरती में भाग लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सफल नेतृत्व के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम में उन्होंने देश और प्रदेश की समृद्धि तथा प्रधानमंत्री की दीर्घायु की कामना की। इसके बाद उन्होंने क्षेत्र में चल रहे स्वच्छता अभियान में श्रमदान करते हुए स्वयं फावड़ा और तगारी उठाई तथा अधिकारियों को क्षेत्र को प्लास्टिक मुक्त और स्वच्छ बनाए रखने के निर्देश दिए। सांगोद स्थित आवास पर आयोजित जनसुनवाई में उन्होंने आमजन की समस्याएं सुनीं और उनके त्वरित समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए।
विनोद खुर्द में ऊर्जा मंत्री ने विद्युत विभाग के ग्रिड सब स्टेशन (जीएसएस) का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान परिसर में नवनिर्मित सीसी ब्लॉकों के बीच उगी घास को लेकर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की और अधिकारियों को तकनीकी उपाय अपनाकर रखरखाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने बिजली अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि क्षेत्र में कहीं भी ढीले तार अथवा झुके हुए बिजली पोल दिखाई नहीं देने चाहिए। ऐसी स्थिति पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
सिमलिया पहुंचकर ऊर्जा मंत्री ने कस्बे को मॉडल टाउन के रूप में विकसित करने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने 48 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन डायवर्जन चैनल परियोजना का निरीक्षण किया और कार्य की धीमी प्रगति पर असंतोष जताया। उन्होंने अधिकारियों को श्रमिकों के दैनिक लक्ष्य निर्धारित करने और आगामी मानसून की पहली बारिश से पूर्व ड्रेनेज कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए, ताकि कस्बे को जलभराव की समस्या से स्थायी राहत मिल सके।
दौरे के दौरान सिमलिया के बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी की गईं। उन्होंने बताया कि सराय चौक से कोटा के बीच नई इलेक्ट्रिक सिटी बस सेवा शुरू की जाएगी, जो प्रतिदिन दस चक्कर लगाएगी। मुख्य बाजार क्षेत्र में हाईवे से हाईवे तक सड़क के दोनों ओर रोड लाइटें स्थापित की जाएंगी तथा नालियों का पक्का निर्माण कर उन्हें कवर किया जाएगा। सीएडी कॉलोनी में नई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के निर्माण कार्य को गति दी जा रही है, जबकि पुरानी पीएचसी के स्थान पर आधुनिक सामुदायिक भवन, शेड और गार्डन विकसित किए जाएंगे।
ऊर्जा अवसंरचना को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से उन्होंने बताया कि डाहरा में 400 केवी जीएसएस स्वीकृत किया गया है, जिससे क्षेत्र को औद्योगिक विकास की नई दिशा मिलेगी। साथ ही सिमलिया में सहायक अभियंता कार्यालय स्थापित करने के प्रयास जारी हैं। बिजली आपूर्ति से जुड़ी शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए तत्काल प्रभाव से एक नई एफआरटी गाड़ी तैनात करने के निर्देश भी दिए गए।
दौरे के समापन पर ऊर्जा मंत्री ने सिमलिया थाने में आयोजित जन चौपाल में स्थानीय नागरिकों से सीधे संवाद कर सुझाव प्राप्त किए। इसके अलावा तालाब के सौंदर्यीकरण को लेकर जल संसाधन विभाग को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। मंत्री के इस दौरे को क्षेत्र में विकास कार्यों की गति बढ़ाने, बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करने और मानसून से पूर्व व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।

Pratahkal Bureau
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