ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने की कोटा के स्कूलों में निर्माण कार्यों की समीक्षा
ऊर्जा मंत्री ने जर्जर स्कूलों की मरम्मत, जलभराव समस्या के समाधान और समसा में स्टाफ की कमी को लेकर मुख्य सचिव से चर्चा की।

कोटा के इंद्र विहार स्थित आवास पर ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ स्कूलों में मानसून पूर्व मरम्मत कार्यों की समीक्षा करते हुए।
कोटा/ सांगोद, 10 फरवरी।
ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने मंगलवार को इंद्र विहार स्थित आवास पर स्कूल शिक्षा, समसा (SAMSA), पीडब्ल्यूडी और पंचायत समिति से जुड़े विभिन्न अधिकारियों की बैठक ली।
निर्माण कार्यों की समीक्षा और निर्देश
इस दौरान मंत्री नागर ने स्कूलों में होने वाली लीकेज, सीपेज के साथ ही छत से पानी टपकने की समस्या के स्थाई समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने आपदा राहत के तहत अतिवृष्टि में जर्जर हुए स्कूलों के निर्माण कार्य की भी समीक्षा की। मंत्री नागर ने अधिकारियों से कहा कि "स्कूलों में छत टपकने और पानी भरने की समस्या का समाधान बरसात से पूर्व ही होना चाहिए।"
- पीडब्ल्यूडी के इंजीनियर्स को कार्य की व्यापक मॉनिटरिंग के लिए कहा गया है।
- आपदा राहत के तहत मरम्मत के लिए प्रति स्कूल 2 लाख रुपए की राशि जारी की गई है।
- ये कार्य पीडब्ल्यूडी, समसा और पंचायत समिति के माध्यम से कराए जा रहे हैं।
बेहतर रखरखाव के लिए सुझाव
मंत्री नागर ने अधिकारियों से कहा कि "स्कूल की छत पर वॉटर प्यूरीफायर का काम अलग एजेंसी को दिया जाए।" वहीं छतों की सफाई के लिए पोर्टेबल सीढ़ी की भी व्यवस्था होनी चाहिए, जिससे छत में पानी ना भरे। मानसून सीजन में भी बच्चों की पढ़ाई में कोई व्यवधान नहीं आना चाहिए।
चीफ सेक्रेटरी से वार्ता: मॉनिटरिंग और स्टाफ की कमी
ऊर्जा मंत्री ने सभी कार्यों को गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध पूरा करने के निर्देश दिए। इस दौरान समसा के अधिकारियों ने कहा कि स्कूलों में सिविल वर्क की मॉनिटरिंग करने के लिए पर्याप्त स्टाफ नहीं है। इसके बाद ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने चीफ सेक्रेटरी से फोन पर बात की।
उन्होंने कहा कि "कोटा में 1100 स्कूलों पर समसा में एक एईएन और दो जेईएन काम कर रहे हैं। ऐसे में, सभी स्कूलों में चल रहे करोड़ों रुपए के सिविल वर्क की मॉनिटरिंग प्रभावी तरीके से करना संभव नहीं है, जिससे स्कूलों के निर्माण कार्य की गुणवत्ता भी प्रभावित हो रही है।"
उन्होंने कहा कि "स्कूलों में होने वाले निर्माण कार्य की गुणवत्ता को जांचने के लिए स्थाई और उचित व्यवस्था होनी चाहिए।" मंत्री नागर ने बताया कि समसा में इंजीनियर्स की नियुक्ति के लिए पूर्व में शिक्षा मंत्री से भी आग्रह किया था। वहीं मुख्यमंत्री से भी चर्चा कर मॉनिटरिंग की उचित व्यवस्था की जाएगी।
बैठक में उपस्थित अधिकारी
बैठक में निम्नलिखित अधिकारी मौजूद रहे:
- भानुमौली मौर्य, बीडीओ, पंचायत समिति सुल्तानपुर
- अंकित बिंदल, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी
- दिनेश धाकड़
- आदित्य विजय, एडीपीसी
- सीबीइओ सांगोद और सीबीईओ सुल्तानपुर
- समसा के एईएन और जेईएन

Bhagvati Medatwal, Kota
नाम: भगवती मेड़तवाल
वर्तमान पद: रिपोर्टर / प्रातःकाल प्रतिनिधि (कोटा)
कार्यक्षेत्र: कोटा (राजस्थान) एवं आमेट तहसील क्षेत्र
बीट (मुख्य विषय): स्थानीय समाचार, राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिज़नेस एवं सभी विषय
परिचय
भगवती मेड़तवाल 'प्रातःकाल' समाचार पत्र में कोटा प्रतिनिधि और रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह कोटा जिले के साथ-साथ आमेट तहसील क्षेत्र से जुड़ी सभी प्रकार की खबरों को कवर करती हैं। स्थानीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और राजनीतिक घटनाक्रमों के अलावा आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने कला स्नातक (B.A.) की डिग्री हासिल की है।
