कोटा, 26 नवम्बर। रबी फसलों की बुआई से पहले हाड़ौती संभाग के किसानों के लिए खाद की किल्लत गंभीर चिंता का विषय बन गई है। भारतीय राष्ट्रीय किसान महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज दुबे ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को लिखे पत्र में यह जताया कि किसानों को यूरिया और डीएपी खाद की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित न करने की स्थिति में हालात बेहद चिंताजनक हो जाएंगे।

मनोज दुबे ने कहा कि खरीफ फसलों की अतिवृष्टि से पहले ही किसानों को नुकसान झेलना पड़ा था और अब रबी फसलों की बुआई के लिए यूरिया एवं डीएपी खाद की भारी कमी से किसानों को घंटों लाइनों में इंतजार करना पड़ रहा है। इस असमर्थ स्थिति के कारण किसान खेती के लिए आवश्यक समय और संसाधनों से वंचित हो रहे हैं, जिससे उनकी निराशा और आक्रोश बढ़ रहा है।

उन्होंने कोटा जिले के गड़ेपान स्थित सी.एफ.सी.एल खाद उत्पादक कारखाने का जिक्र करते हुए कहा कि यह फैक्ट्री न केवल राजस्थान बल्कि पूरे देश में खाद की आपूर्ति करती है। बावजूद इसके, हाड़ौती संभाग में खाद की कमी होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और लज्जाजनक है। मनोज दुबे ने चेतावनी दी कि अगर जल्द ही खाद की समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो किसान महासभा फैक्ट्री प्रबंधकों के खिलाफ सड़कों पर आंदोलन करेगी और सरकार एवं प्रशासन के खिलाफ पुरजोर विरोध दर्ज कराएगी।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर हर सीजन में खाद की किल्लत पैदा कर रही है, जिससे किसान बाजार में महंगे दाम पर खाद खरीदने को मजबूर हैं। किसान अपनी फसलों की बुआई न कर पाने से हताश और निराश हैं, और इस स्थिति से उनके जीवन और आजीविका पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

मनोज दुबे ने स्पष्ट किया कि किसानों की मांग के अनुरूप यूरिया और डीएपी खाद की पर्याप्त आपूर्ति नहीं की गई तो भारतीय राष्ट्रीय किसान महासभा सड़कों पर उतरकर सरकार और प्रशासन के खिलाफ कड़ा विरोध प्रदर्शन करेगी।

Pratahkal Bureau

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