कोटा में गुजरात प्रवासी मेला सम्पन्न, राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक विरासत पर विशेष जोर
कोटा में गुजरात प्रवासी मेला आयोजित, जिसमें राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक विरासत पर जोर दिया गया। मुख्य वक्ता डा. रिजवान कादरी ने सरदार पटेल के योगदान पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में राजस्थान और गुजरात की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां एवं समाजिक सहयोग पहलें प्रमुख आकर्षण रहीं।

कोटा। श्री अखिल राजस्थान गुजराती समाज (समिति), कोटा द्वारा गुजरात सरकार के Non-Resident Gujarati’s Foundation (NRGF) के सहयोग से गुजरात प्रवासी मेला (गुजरात डायस्पोरा) का भव्य आयोजन रविवार को राम शान्ताय सभागार, स्वामी विवेकानंद विद्यालय परिसर, महावीर नगर तृतीय में संपन्न हुआ। गणेश वंदना और सरस्वती वंदना के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई और इसके पश्चात सांस्कृतिक एवं शैक्षिक गतिविधियों का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष जी. डी. पटेल और सचिव मुकेशभाई पटेल ने बताया कि मेले में गुजरात सरकार के प्रतिनिधि सुनिल परमार और निकुंज परमार उपस्थित रहे। मुख्य अतिथि विधायक संदीप शर्मा, इतिहासकार एवं लेखक डा. रिजवान कादरी, सरदार वल्लभभाई पटेल के पैतृक गांव करमसद से आए रमेश प्रजापति, और कबीर पंथ के प्रभाकर साहिब समेत अनेक गणमान्य व्यक्तित्वों ने कार्यक्रम में भाग लिया।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में राजस्थान और गुजरात की समृद्ध विरासत को उजागर करते हुए कालबेलिया, चरी नृत्य और पारंपरिक गुजराती गरबा प्रस्तुत किया गया। मुख्य वक्ता डा. रिजवान कादरी ने अपने उद्बोधन में सरदार वल्लभभाई पटेल के देश की एकता और अखंडता में योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि “लौह पुरुष पटेल ने विभाजनकालीन अराजकता के बीच अतुलनीय दृढ़ता के साथ देश को एक सूत्र में पिरोया। उनके अथक प्रयास आधुनिक भारत की एकता और सम्प्रभुता की नींव हैं।” उन्होंने ऐतिहासिक संदर्भों के साथ 1917 के अहमदाबाद नगरपालिका चुनाव, रियासतों के एकीकरण, ऑपरेशन पोलो और सत्याग्रह आंदोलनों में पटेल की भूमिका को रेखांकित किया।
अध्यक्ष जी. डी. पटेल ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य राजस्थान में बसे गुजराती समाज को एक मंच पर जोड़ना, प्रवासी नीतियों से अवगत कराना और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करना है। उन्होंने कहा कि यह कोटा में दूसरा और राजस्थान में तीसरा बड़ा आयोजन है, जिसके माध्यम से समाज शिक्षा, महिलाओं, विद्यार्थियों और जरूरतमंदों के लिए विभिन्न सामाजिक सहयोग कार्यक्रम चला रहा है।
मुख्य अतिथि विधायक संदीप शर्मा ने कहा कि गुजरात का योगदान भारत की आर्थिक समृद्धि और सीमाओं की सुरक्षा में सदैव महत्वपूर्ण रहा है। उन्होंने राजस्थान और गुजरात की सांस्कृतिक समानताओं की सराहना करते हुए गुजराती समाज की कर्मनिष्ठा और अनुशासन पर प्रकाश डाला। करमसद से आए रमेश प्रजापति ने सरदार पटेल के जीवन, सत्याग्रहों और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान पर विस्तृत चर्चा की। प्रभाकर साहिब ने संस्कार, समाज और सांस्कृतिक एकता के महत्व पर जोर दिया।
महामंत्री मुकेश पटेल ने बताया कि जयपुर, भीलवाड़ा, उदयपुर, अजमेर, सवाईमाधोपुर, रामगंजमंडी और आबू रोड सहित कोटा संभाग के कई प्रांतों से गुजराती समाज के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। गायत्री परिवार के प्रभाशंकर दुबे ने कहा कि राजस्थान में मिनी गुजरात और गुजरात में मिनी राजस्थान मौजूद है, जिससे दोनों राज्यों के संबंध दशकों से अटूट बने हुए हैं। कार्यक्रम का संचालन नीता पारेख ने किया और अंत में महामंत्री मुकेश पटेल ने धन्यवाद ज्ञापन के साथ इसे सफलतापूर्वक संपन्न किया।
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Pratahkal Bureau
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