कोटा, 01 दिसंबर। विज्ञान और तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में छात्रों को प्रेरित करने वाली एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय (आरटीयू), कोटा में तीन दिवसीय "विक्रम साराभाई अंतरिक्ष प्रदर्शनी" का उद्घाटन आज बड़े उत्साह के साथ किया गया। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के स्पेस एप्लीकेशन सेंटर, अहमदाबाद द्वारा आयोजित इस प्रदर्शनी में अब तक 60 से अधिक शैक्षणिक संस्थाओं और 6000 विद्यार्थियों ने पंजीकरण करवाया है।

उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि संदीप शर्मा, विधायक – कोटा दक्षिण, विशिष्ट अतिथि नेहा गौर मिश्रा एवं डॉ. एसपी व्यास, वरिष्ठ वैज्ञानिक, इसरो ने भाग लिया। आरटीयू के सह जनसंपर्क अधिकारी विक्रम राठौड़ के अनुसार, प्रदर्शनी का संचालन प्लेसमेंट एवं प्रशिक्षण प्रकोष्ठ के निदेशक डॉ. मनीष चतुर्वेदी एवं डॉ. भुवनेश शर्मा के निर्देशन में किया जा रहा है। आयोजन में कुलसचिव भावना शर्मा, डीन फैकल्टी अफेयर्स डॉ. दिनेश बिरला, प्रदर्शनी समन्वयन मोहित प्रजापत, दिव्यांशु शर्मा और धनंजय शर्मा भी उपस्थित रहे।

मुख्य अतिथि संदीप शर्मा ने उद्घाटन के दौरान कहा कि आरटीयू द्वारा भारत के महान वैज्ञानिक विरासत से विद्यार्थियों को परिचित कराने का यह प्रयास अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने बताया कि डॉ. विक्रम साराभाई ने आधुनिक विज्ञान, भौतिक अनुसंधान और परमाणु ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में संस्थानों की स्थापना कर आधुनिक भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने कहा कि इस प्रदर्शनी से विद्यार्थियों को अंतरिक्ष अन्वेषण और वैज्ञानिक प्रगति के रोमांचक क्षेत्र की जानकारी प्राप्त होगी और यह उन्हें भविष्य की तकनीकी चुनौतियों को समझने और उनका समाधान खोजने के लिए प्रेरित करेगी।

विशिष्ट अतिथि नेहा गौड़ मिश्रा ने कहा कि डॉ. विक्रम साराभाई की वैज्ञानिक विरासत को आम जनता तक पहुँचाना हमारी जिम्मेदारी है। इस प्रदर्शनी में इंटरैक्टिव प्रदर्शन, मॉडलों और सूचनात्मक प्रदर्शनों के माध्यम से इसरो की महत्वपूर्ण उपलब्धियों को दर्शाया गया है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि यह अनुभव उन्हें अंतरिक्ष विज्ञान, उपग्रह प्रौद्योगिकी और भारत के महत्वाकांक्षी मिशनों के बारे में गहन जानकारी देगा।

डॉ. एसपी व्यास ने इस प्रदर्शनी को विद्यार्थियों के लिए अद्भुत अनुभव बताते हुए कहा कि यह उन्हें भारत की अंतरिक्ष यात्रा और उपलब्धियों की जानकारी प्रदान करने के साथ-साथ अंतरिक्ष विज्ञान में भविष्य के अन्वेषण के लिए जिज्ञासा और प्रेरणा भी देगा।

कुलगुरु प्रो. निमित चौधरी ने इस आयोजन को छात्रों और विश्वविद्यालय समुदाय के लिए महत्वपूर्ण अवसर बताया और कहा कि यह प्रदर्शनी न केवल तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में बल्कि वैज्ञानिक नवप्रवर्तन में भी छात्रों के लिए प्रेरक साबित होगी। उन्होंने कहा कि प्रतिभाओं को विकसित करना और उनके स्वप्नों को साकार करना इस प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य है।

विद्यार्थियों ने प्रदर्शनी के अनुभव साझा करते हुए बताया कि इस आयोजन ने उनके मन-मस्तिष्क पर गहरा प्रभाव डाला है। उन्होंने कहा कि इसरो वैज्ञानिकों से प्रत्यक्ष संवाद का अवसर मिलने से उन्हें भारत की अंतरिक्ष अनुसंधान और अन्वेषण उपलब्धियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्राप्त हुईं। प्रदर्शनी के प्रमुख आकर्षणों में इसरो स्पेस साइंस बस द्वारा प्रदर्शित चंद्रयान, मंगलयान, रडार प्रणाली, लॉन्चपैड मॉडल, रॉकेट प्रक्षेपण प्रदर्शन, शैक्षिक अंतरिक्ष वृत्तचित्रों की स्क्रीनिंग और चार प्रदर्शनी हॉल शामिल हैं।

यह तीन दिवसीय प्रदर्शनी विद्यार्थियों और आम जनता दोनों के लिए शैक्षिक और प्रेरक अनुभव का अनूठा अवसर प्रस्तुत कर रही है, जिससे भारतीय अंतरिक्ष विज्ञान की यात्रा और उपलब्धियों को समझने और सराहने का अवसर मिलता है।

Pratahkal Bureau

Pratahkal Bureau

प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।

Next Story