कोटा, 14 दिसंबर। देश के नवनिर्माण में सिविल इंजीनियरों की निर्णायक भूमिका और पर्यटन विकास में इंजीनियरिंग की बढ़ती अहमियत को केंद्र में रखते हुए इंडियन बिल्डिंग कांग्रेस (आईबीसी) के कोटा लोकल चेप्टर द्वारा सार्वजनिक निर्माण विभाग के सहयोग से एक्जीक्यूटिव काउंसिल मीटिंग एवं नेशनल टेक्निकल सेमीनार का भव्य आयोजन किया गया। बूंदी रोड स्थित माहेश्वरी रिसोर्ट में आयोजित इस राष्ट्रीय स्तर के आयोजन ने कोटा सहित देशभर में पर्यटन अवसंरचना के भविष्य पर गंभीर और व्यावहारिक विमर्श को नई धार दी।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कोटा दक्षिण विधायक संदीप शर्मा रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि देश के विकास और नवनिर्माण में सिविल इंजीनियरों का योगदान अतुलनीय है। पर्यटन विकास के लिए मजबूत अवसंरचना आवश्यक है और इसमें इंजीनियरिंग की भूमिका निर्णायक होती है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण पर बल देते हुए कहा कि विकास कार्यों के साथ हरित संतुलन बनाए रखना अनिवार्य है, ताकि आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण मिल सके।

आईबीसी कोटा चेप्टर के अध्यक्ष हेमन्त कुमार शर्मा ने संगठन की स्थापना, विजन और मिशन की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि आईबीसी तकनीकी दक्षता, नवाचार और राष्ट्र निर्माण के लिए सतत कार्य कर रहा है। मंच पर पीडब्ल्यूडी राजस्थान के सचिव इंजीनियर डी.आर. मेघवाल, आईबीसी के राष्ट्रीय अध्यक्ष इंजीनियर सी. देबनाथ, संस्थापक अध्यक्ष ओ.पी. गोयल, पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष इंजीनियर प्रदीप मित्तल, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मयंक तिलक, राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष इंजीनियर के.सी. मीणा तथा राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य एवं पीडब्ल्यूडी के पूर्व अतिरिक्त मुख्य अभियंता सुरेश कुमार बैरवा उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन श्रीमती नीता डांगी ने किया, जबकि सचिव इंजीनियर मनीष जैन ने आभार व्यक्त किया।

राष्ट्रीय अध्यक्ष सी. देबनाथ ने कहा कि आईबीसी द्वारा आयोजित तकनीकी कार्यक्रमों से निकलने वाले निष्कर्षों को राज्य सरकारों और भारत सरकार के समक्ष प्रस्तुत कर उन्हें क्रियान्वित कराने की सिफारिश की जाती है। पीडब्ल्यूडी सचिव डी.आर. मेघवाल ने राज्य में पर्यटन विकास से जुड़े सड़क, भवन और हेरिटेज परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी साझा की। पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रदीप मित्तल ने कहा कि तकनीकी परामर्श के लिए आईबीसी राष्ट्रीय स्तर पर विशेषज्ञ उपलब्ध कराने को सदैव तत्पर है।

तकनीकी सत्रों में आईबीसी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मयंक तिलक ने भारत में पर्यटन की संभावनाओं और चुनौतियों पर पावर पॉइंट प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि पर्यटन क्षेत्र देश की जीडीपी में 6–7 प्रतिशत का योगदान देता है और करोड़ों लोगों को रोजगार उपलब्ध करा रहा है। आरटीयू कोटा के सेवानिवृत्त प्रोफेसर प्रवीण कुमार अग्रवाल ने कोटा के निर्माण और पर्यटन विकास में आधुनिक तकनीकों के समावेश की आवश्यकता पर जोर दिया। कंसलटेंट पीयूष कुमार गोयल ने कहा कि कोटा में आधुनिक, हेरिटेज और प्राकृतिक पर्यटन के प्रचुर केंद्र मौजूद हैं, जिन्हें समन्वित प्रयासों से राष्ट्रीय और वैश्विक पहचान दिलाई जा सकती है।

यह राष्ट्रीय तकनीकी सेमीनार न केवल इंजीनियरिंग और पर्यटन के समन्वय का प्रभावी मंच बना, बल्कि कोटा को भविष्य में वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर सशक्त रूप से स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी सिद्ध हुआ।

Next Story