कोटा, 12 नवम्बर।

कनवास क्षेत्र की सर्द रात में ग्रामीणों की आवाज गूंज उठी जब ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने लोढाहेड़ा, गंगापुर, गुंजारा, सामरिया, सिमलिया सहित कई गांवों में रात्रि चौपाल लगाकर किसानों की समस्याएं सुनीं। भारी संख्या में एकत्र ग्रामीणों ने खाद वितरण में अनियमितता और नहरों की दुर्दशा पर अपनी पीड़ा व्यक्त की, जिस पर मंत्री नागर ने मौके पर ही कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए।

किसानों ने बताया कि खाद विक्रेता तय दर से अधिक मूल्य वसूल रहे हैं और कई स्थानों पर स्टॉक होने के बावजूद किसानों को खाद नहीं दी जा रही है। इस पर मंत्री नागर ने कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक अतीश कुमार शर्मा से तत्काल फोन पर वार्ता की और निर्देश दिए कि भविष्य में खाद का वितरण केवल कृषि पर्यवेक्षक और राजस्व अधिकारियों की उपस्थिति में ही किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि “अनावश्यक अटैचमेंट नहीं, केवल खाद की बिक्री” सुनिश्चित की जाए ताकि किसानों को राहत मिल सके।

इसी दौरान ग्राम पंचायत बांस्याहेड़ी के सिमलिया गांव के ग्रामीणों ने जल संसाधन विभाग की लापरवाही उजागर की। ग्रामीणों ने बताया कि विभाग ने दो वर्षों से नहर के टूटे गेट को नहीं बदला और अस्थाई रूप से लोहे की चादर फंसाकर कामचलाऊ व्यवस्था कर रखी है। नतीजतन, जब प्रेशर से पानी छोड़ा गया तो खेतों में भराव हो गया। समस्या का समाधान करने के बजाय विभाग के अभियंताओं ने नहर को ही तोड़ दिया, जिससे सिंचाई का कीमती पानी नदी में बह गया और टेल क्षेत्र सूखा रह गया।

इस गंभीर लापरवाही पर ऊर्जा मंत्री नागर ने जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत से फोन पर बात कर विभागीय भ्रष्टाचार की जानकारी दी और दो वर्षों के कार्यों की विजिलेंस जांच कराने का आग्रह किया। उन्होंने हरिश्चंद्र सागर और सावन-भादौ परियोजनाओं की नहर मरम्मत की भी जांच करवाने का सुझाव दिया।

रात्रि चौपाल के दौरान महिलाओं ने भी अपनी समस्याएं रखीं। टोल्या और मामोर गांव की महिलाओं ने शिकायत की कि उन्हें राशन समय पर नहीं मिल रहा। इस पर मंत्री नागर ने जिला रसद अधिकारी कुशाल बिलाला से तत्काल बात कर शिकायतों के समाधान के लिए शिविर लगाने के निर्देश दिए। साथ ही, राशन डीलरों की अनियमितताओं की जांच कर कठोर कार्रवाई करने के भी आदेश दिए।

कनवास की यह रात्रि चौपाल न केवल ग्रामीणों के लिए उम्मीद की किरण बनी, बल्कि सरकारी जवाबदेही और पारदर्शिता की नई पहल के रूप में भी सामने आई। मंत्री नागर के सख्त निर्देशों ने प्रशासनिक तंत्र को सक्रिय कर दिया है और अब ग्रामीण जनों को अपने मुद्दों पर ठोस कार्रवाई की उम्मीद बंधी है।

Pratahkal Bureau

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