कोटा के ईथॉस हॉस्पिटल में ERCP सुइट शुरू, शांति धारीवाल ने किया उद्घाटन
हाड़ौती में पहली बार कैंसर की शुरुआती पहचान के लिए 4K एंडोस्कोपी और NBI तकनीक उपलब्ध, अब मरीजों को नहीं जाना पड़ेगा जयपुर-दिल्ली।

कोटा के ईथॉस हॉस्पिटल में शनिवार को ERCP सुइट के उद्घाटन के दौरान रिबन काटते मुख्य अतिथि शांति धारीवाल। साथ में निदेशक प्रदीप दाधीच, जितेन्द्र गोयल, हर्ष दाधीच, डॉ. संदीप गोयल और रुपेश माथुर मौजूद रहे।
कोटा के स्वामी विवेकानंद नगर स्थित ईथॉस हॉस्पिटल में शनिवार को अत्याधुनिक ERCP Suite का शुभारंभ हुआ। राजस्थान के पूर्व मंत्री एवं विधायक Shanti Dhariwal ने इस सुपर स्पेशियलिटी सुविधा का उद्घाटन किया। कार्यक्रम में निदेशक प्रदीप दाधीच, जितेन्द्र गोयल, हर्ष दाधीच, डॉ. संदीप गोयल और रुपेश माथुर उपस्थित रहे। इस नई सुविधा के शुरू होने के साथ हाड़ौती क्षेत्र को उच्चस्तरीय गैस्ट्रो चिकित्सा सेवाओं का बड़ा केंद्र मिल गया है, जिससे अब गंभीर मरीजों को जयपुर और दिल्ली जैसे महानगरों का रुख नहीं करना पड़ेगा।
अस्पताल में स्थापित अत्याधुनिक ERCP तकनीक की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह पित्त नली (Bile Duct) और अग्नाशय (Pancreas) के कैंसर की पहचान पहली स्टेज में ही करने में सक्षम है। शुरुआती अवस्था में कैंसर का पता चलने से उपचार की सफलता और मरीज के जीवन को बचाने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।
वरिष्ठ गैस्ट्रोएंटरोलॉजिस्ट डॉ. संदीप गोयल ने बताया कि ERCP तकनीक के साथ 4K हाई-डेफिनिशन एंडोस्कोप और NBI (Narrow Band Imaging) तकनीक का संयोजन इसे अत्यंत प्रभावशाली बनाता है। NBI तकनीक रक्त वाहिकाओं के पैटर्न का विश्लेषण कर यह संकेत देती है कि संबंधित ऊतक सामान्य है या कैंसर की दिशा में बढ़ रहा है। कई मामलों में यह जानकारी बायोप्सी से पहले ही मिल जाती है।
उन्होंने बताया कि 4K स्कोप की उच्च गुणवत्ता वाली छवियां इतनी सूक्ष्म होती हैं कि आँत की दीवार पर मिलीमीटर से भी छोटे बदलाव आसानी से दिखाई दे जाते हैं। पुराने उपकरणों से संभव नहीं हो पाने वाली यह पहचान अब शुरुआती अवस्था में घातक रोगों का पता लगाने में मदद करेगी।
ERCP तकनीक के माध्यम से बिना बड़े ऑपरेशन के एंडोस्कोपी द्वारा पथरी, ब्लॉकेज, स्टेंटिंग और ट्यूमर जैसी जटिल समस्याओं का उपचार किया जा सकेगा। इस प्रक्रिया में मरीज को कम दर्द, कम रक्तस्राव और शीघ्र रिकवरी का लाभ मिलेगा, साथ ही अस्पताल से जल्दी छुट्टी भी संभव होगी।
निदेशक प्रदीप दाधीच ने बताया कि ईथॉस हॉस्पिटल की ERCP Suite में Capsule Endoscopy की सुविधा भी उपलब्ध है। इस प्रक्रिया में मरीज को विटामिन की गोली के आकार का सूक्ष्म कैमरायुक्त कैप्सूल निगलना होता है, जो पूरे पाचन तंत्र की यात्रा के दौरान 50,000 से अधिक तस्वीरें रिकॉर्ड करता है। इससे छोटी आँत तक की विस्तृत जांच बिना किसी जटिल प्रक्रिया के संभव हो पाती है।
उद्घाटन समारोह में पूर्व मंत्री शांति धारीवाल ने कहा कि तेजी से विस्तार पा रहे कोटा शहर को लंबे समय से सुपर स्पेशियलिटी मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल की आवश्यकता थी और ईथॉस हॉस्पिटल इस जरूरत को पूरा कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की चिकित्सा सुविधाएं उपचार के साथ आर्थिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि अब कोटावासियों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए जयपुर या दिल्ली नहीं जाना पड़ेगा।
हॉस्पिटल के निदेशक जितेन्द्र गोयल ने बताया कि इस सुविधा का लाभ कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़ सहित मध्यप्रदेश के सीमावर्ती जिलों के मरीजों को भी मिलेगा। पहले गंभीर रोगियों को उपचार के लिए महानगरों तक पहुंचने में बहुमूल्य समय गंवाना पड़ता था, जिससे उनके जीवन पर खतरा बढ़ जाता था।
सीईओ हर्ष दाधीच ने बताया कि ईथॉस में स्थापित पूरी ERCP Suite केवल गैस्ट्रो प्रक्रियाओं के लिए समर्पित है। यहां विशेष रूप से प्रशिक्षित एंडोस्कोपी नर्सें और टेक्नीशियन चौबीसों घंटे उपलब्ध रहेंगे। प्रत्येक प्रक्रिया Conscious Sedation के साथ की जाएगी, जिससे मरीज को प्रक्रिया के दौरान दर्द या असुविधा महसूस नहीं होगी। प्रक्रिया के बाद मरीजों की निगरानी शांत एवं सुसज्जित रिकवरी एरिया में ऑक्सीजन मॉनीटरिंग और प्रशिक्षित स्टाफ की देखरेख में की जाएगी।
ईथॉस हॉस्पिटल में शुरू हुई यह अत्याधुनिक सुविधा हाड़ौती क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। कैंसर और जटिल गैस्ट्रो रोगों की शुरुआती पहचान एवं आधुनिक उपचार अब क्षेत्रीय स्तर पर उपलब्ध होने से हजारों मरीजों को समय पर विशेषज्ञ चिकित्सा सहायता मिल सकेगी।

Pratahkal Bureau
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