ईथॉस हॉस्पिटल कोटा में अत्याधुनिक ERCP सुइट का उद्घाटन
पूर्व मंत्री शांति धारीवाल ने कोटा में कैंसर की शुरुआती पहचान करने वाली अत्याधुनिक ERCP और 4K एंडोस्कोपी सुविधा का शुभारंभ किया।

कोटा के ईथॉस हॉस्पिटल में ERCP सुइट के उद्घाटन के दौरान 4K एंडोस्कोपी तकनीक का प्रदर्शन करते वरिष्ठ गैस्ट्रोएंटरोलॉजिस्ट डॉ. संदीप गोयल और उपस्थित अन्य अतिथि।
हाड़ौती क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं में शनिवार को बड़ा विस्तार हुआ, जब स्वामी विवेकानंद नगर स्थित ईथॉस हॉस्पिटल में अत्याधुनिक ERCP Suite का भव्य शुभारंभ किया गया। राजस्थान के पूर्व मंत्री एवं विधायक शांति धारीवाल ने फीता काटकर इस सुविधा का उद्घाटन किया। इस अवसर पर निदेशक प्रदीप दाधीच, जितेन्द्र गोयल, हर्ष दाधीच, डॉ. संदीप गोयल और रुपेश माथुर उपस्थित रहे।
नई तकनीक से सुसज्जित यह ERCP Suite पित्त नली (Bile Duct) एवं अग्नाशय (Pancreas) के कैंसर को पहली स्टेज में पहचानने में सक्षम है। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार कैंसर की शुरुआती अवस्था में पहचान होने पर उपचार की सफलता की संभावना कई गुना बढ़ जाती है और मरीज का जीवन बचाने की संभावना अधिक रहती है।
वरिष्ठ गैस्ट्रोएंटरोलॉजिस्ट डॉ. संदीप गोयल ने बताया कि ERCP तकनीक के साथ 4K हाई-डेफिनिशन एंडोस्कोप और NBI (Narrow Band Imaging) तकनीक का संयोजन इस सुविधा को अत्याधुनिक बनाता है। NBI तकनीक रक्त वाहिकाओं के पैटर्न का विश्लेषण कर यह संकेत देती है कि कोई ऊतक सामान्य है या कैंसर की दिशा में बढ़ रहा है। कई मामलों में यह जानकारी बायोप्सी से पहले ही मिल जाती है।
उन्होंने बताया कि 4K स्कोप की छवियां इतनी स्पष्ट और सूक्ष्म होती हैं कि आँत की दीवार पर मिलीमीटर से भी छोटे बदलाव आसानी से दिखाई दे जाते हैं, जो पुराने उपकरणों से संभव नहीं थे। इससे गंभीर बीमारियों की शुरुआती अवस्था में पहचान और उपचार संभव हो सकेगा।
ERCP तकनीक की एक बड़ी विशेषता यह भी है कि बिना बड़े ऑपरेशन और बिना बड़े चीरे के एंडोस्कोपी के माध्यम से पथरी, ब्लॉकेज, स्टेंटिंग और ट्यूमर जैसी जटिल समस्याओं का उपचार किया जा सकता है। इससे मरीज को कम दर्द, कम रक्तस्राव और तेजी से रिकवरी का लाभ मिलता है तथा अस्पताल में भर्ती रहने की अवधि भी कम हो जाती है।
निदेशक प्रदीप दाधीच ने बताया कि ईथॉस हॉस्पिटल की इस ERCP Suite में Capsule Endoscopy की सुविधा भी उपलब्ध है। इस प्रक्रिया में मरीज को विटामिन की गोली के आकार का सूक्ष्म कैमरायुक्त कैप्सूल निगलना होता है, जो पूरे पाचन तंत्र की यात्रा के दौरान 50,000 से अधिक तस्वीरें रिकॉर्ड करता है। इससे छोटी आँत तक की विस्तृत जांच बिना किसी जटिल प्रक्रिया के संभव हो पाती है।
उद्घाटन समारोह में शांति धारीवाल ने कहा कि तेजी से विस्तार कर रहे कोटा शहर को लंबे समय से सुपर स्पेशियलिटी मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल की आवश्यकता थी और ईथॉस हॉस्पिटल इस जरूरत को पूरा कर रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसी सुविधाएं नागरिकों के स्वास्थ्य के साथ आर्थिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि अब गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए कोटावासियों को जयपुर और दिल्ली जैसे महानगरों की ओर नहीं जाना पड़ेगा।
हॉस्पिटल के निदेशक जितेन्द्र गोयल ने बताया कि इस सुविधा का लाभ कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़ सहित मध्यप्रदेश के सीमावर्ती जिलों के मरीजों को मिलेगा। पहले गंभीर रोगियों को उपचार के लिए महानगरों तक पहुंचने में बहुमूल्य समय गंवाना पड़ता था, जिससे मरीजों के जीवन पर खतरा बढ़ जाता था।
सीईओ हर्ष दाधीच ने बताया कि ईथॉस हॉस्पिटल में पूरी ERCP Suite केवल गैस्ट्रो प्रक्रियाओं के लिए समर्पित है। यहां विशेष रूप से प्रशिक्षित एंडोस्कोपी नर्सें और टेक्नीशियन चौबीसों घंटे उपलब्ध रहते हैं। प्रत्येक प्रक्रिया Conscious Sedation के साथ की जाती है, जिससे मरीज को उपचार के दौरान किसी प्रकार का दर्द या कष्ट महसूस नहीं होता। प्रक्रिया के बाद मरीजों को शांत एवं सुसज्जित रिकवरी एरिया में ऑक्सीजन मॉनीटरिंग और प्रशिक्षित स्टाफ की निगरानी में रखा जाता है।
हाड़ौती क्षेत्र में अत्याधुनिक गैस्ट्रो चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार के साथ ईथॉस हॉस्पिटल का यह ERCP Suite गंभीर पाचन तंत्र रोगों और कैंसर की शुरुआती पहचान एवं उपचार के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। इससे हजारों मरीजों को समय पर विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेगी।

Pratahkal Bureau
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